गोपालगंज सदर अस्पताल का इमरजेंसी वार्ड इन दिनों मरीजों के इलाज के बजाय अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही दिख रही है। अस्पताल परिसर से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जहां पिछले कई दिनों से भर्ती अज्ञात विक्षिप्त महिला और एक लावारिस वृद्ध इलाज के अभाव में परेशान हैं। इमरजेंसी वार्ड के बेड पर पड़ी अज्ञात महिला की हालत बहुत खराब है। महिला लगातार चीख-चिल्ला रही है, लेकिन कोई उसकी देखभाल नहीं कर रहा। स्वास्थ्यकर्मियों और अस्पताल प्रशासन ने इलाज या बेहतर देखभाल करने के बजाय उसके हाथ-पैर बेड से बांध दिए हैं। महिला भूख, प्यास और शारीरिक दर्द से कराह रही है, पर किसी ने उसके बंधन खोलने या इलाज शुरू करने की कोशिश नहीं की। मरीजों के शरीर से आ रही दुर्गेंध लंबे समय से इलाज और सही देखभाल न मिलने के कारण मरीजों के शरीर से तेज दुर्गंध आ रही है। इससे न केवल पास के बेड पर मौजूद दूसरे मरीज और उनके परिजन परेशान हैं, बल्कि पूरा वार्ड इस बदबू की चपेट में है। मरीजों के परिजनों का कहना है कि दुर्गंध के कारण वार्ड में बैठना और सांस लेना भी मुश्किल हो गया है। इसी तरह वार्ड में भर्ती एक और अज्ञात वृद्ध मरीज की हालत भी बहुत चिंताजनक है। अस्पताल नियमित साफ-सफाई और डॉक्टरी राउंड का दावा करता है, लेकिन लावारिस मरीजों के प्रति यह लापरवाही अस्पताल की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाती है। अगर अस्पताल के कर्मचारी ही मरीजों की देखभाल नहीं करेंगे और उन्हें बांधकर छोड़ देंगे, तो गरीब और बेसहारा लोग कहां जाएंगे? यह घटना सदर अस्पताल की खराब व्यवस्था और संवेदनहीनता को दिखाती है। अस्पताल प्रबंधक के पास साफ-सफाई की व्यवस्था नहीं इस मामले में उच्च अधिकारियों को तुरंत दखल देकर दोनों मरीजों का सही इलाज करवाना चाहिए और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करनी चाहिए। जब अस्पताल के प्रबंधक जान मोहम्मद से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि मरीजों का इलाज किया जाता है। हालांकि, उनके पास साफ-सफाई की अतिरिक्त व्यवस्था नहीं है, जिससे मरीजों के शरीर से आ रही दुर्गंध को खत्म किया जा सके। महिला बार बार बेड से नीचे गिर जा रही है साथ ही लैटरिंग और पेशाब करने रही है इस लिए बेड पर ही बांधा गया है ताकि नीचे ना गिरे दोनों कि पहचान हो।गई है लेकिन उसका परिजन नहीं ले जा रहे है फिरभी एक फिर दिखवा ले रहे है जो उचित होगा किया जाएगा गोपालगंज सदर अस्पताल का इमरजेंसी वार्ड इन दिनों मरीजों के इलाज के बजाय अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही दिख रही है। अस्पताल परिसर से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जहां पिछले कई दिनों से भर्ती अज्ञात विक्षिप्त महिला और एक लावारिस वृद्ध इलाज के अभाव में परेशान हैं। इमरजेंसी वार्ड के बेड पर पड़ी अज्ञात महिला की हालत बहुत खराब है। महिला लगातार चीख-चिल्ला रही है, लेकिन कोई उसकी देखभाल नहीं कर रहा। स्वास्थ्यकर्मियों और अस्पताल प्रशासन ने इलाज या बेहतर देखभाल करने के बजाय उसके हाथ-पैर बेड से बांध दिए हैं। महिला भूख, प्यास और शारीरिक दर्द से कराह रही है, पर किसी ने उसके बंधन खोलने या इलाज शुरू करने की कोशिश नहीं की। मरीजों के शरीर से आ रही दुर्गेंध लंबे समय से इलाज और सही देखभाल न मिलने के कारण मरीजों के शरीर से तेज दुर्गंध आ रही है। इससे न केवल पास के बेड पर मौजूद दूसरे मरीज और उनके परिजन परेशान हैं, बल्कि पूरा वार्ड इस बदबू की चपेट में है। मरीजों के परिजनों का कहना है कि दुर्गंध के कारण वार्ड में बैठना और सांस लेना भी मुश्किल हो गया है। इसी तरह वार्ड में भर्ती एक और अज्ञात वृद्ध मरीज की हालत भी बहुत चिंताजनक है। अस्पताल नियमित साफ-सफाई और डॉक्टरी राउंड का दावा करता है, लेकिन लावारिस मरीजों के प्रति यह लापरवाही अस्पताल की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाती है। अगर अस्पताल के कर्मचारी ही मरीजों की देखभाल नहीं करेंगे और उन्हें बांधकर छोड़ देंगे, तो गरीब और बेसहारा लोग कहां जाएंगे? यह घटना सदर अस्पताल की खराब व्यवस्था और संवेदनहीनता को दिखाती है। अस्पताल प्रबंधक के पास साफ-सफाई की व्यवस्था नहीं इस मामले में उच्च अधिकारियों को तुरंत दखल देकर दोनों मरीजों का सही इलाज करवाना चाहिए और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करनी चाहिए। जब अस्पताल के प्रबंधक जान मोहम्मद से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि मरीजों का इलाज किया जाता है। हालांकि, उनके पास साफ-सफाई की अतिरिक्त व्यवस्था नहीं है, जिससे मरीजों के शरीर से आ रही दुर्गंध को खत्म किया जा सके। महिला बार बार बेड से नीचे गिर जा रही है साथ ही लैटरिंग और पेशाब करने रही है इस लिए बेड पर ही बांधा गया है ताकि नीचे ना गिरे दोनों कि पहचान हो।गई है लेकिन उसका परिजन नहीं ले जा रहे है फिरभी एक फिर दिखवा ले रहे है जो उचित होगा किया जाएगा

