गोपालगंज में भगवान परशुराम की मूर्ति स्थापना को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। भगवान परशुराम मूर्ति स्थापना समिति की बैठक में कार्यक्रम की सफलता और व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की गई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 18 फरवरी को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान परशुराम की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा और स्थापना की जाएगी। धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत 14 फरवरी को भव्य कलश यात्रा के साथ होगी। इसी दिन पांच दिवसीय महायज्ञ का शुभारंभ भी किया जाएगा। समिति के अनुसार कलश यात्रा में 5 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। इसे लेकर समिति की ओर से तैयारियां तेज कर दी गई हैं। कलश यात्रा के साथ शुरू होगा पांच दिवसीय महायज्ञ समिति के सदस्यों के अनुसार मूर्ति स्थापना कार्यक्रम को वैदिक परंपरा और धार्मिक विधान के अनुसार संपन्न कराया जाएगा। 14 फरवरी को निकलने वाली कलश यात्रा के बाद पांच दिवसीय महायज्ञ शुरू होगा। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। कलश यात्रा और यज्ञ को लेकर श्रद्धालुओं की सुविधा, आयोजन स्थल की व्यवस्था और अन्य तैयारियों पर बैठक में चर्चा की गई। समिति की ओर से आयोजन को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए अलग-अलग जिम्मेदारियां भी तय की जा रही हैं। बनारस के पांच वैदिक ब्राह्मण कराएंगे अनुष्ठान पांच दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान को वैदिक परंपरा के अनुसार संपन्न कराने की तैयारी है। यज्ञाचार्य पंडित योगेंद्र तिवारी के आचार्यत्व में बनारस से आने वाले पांच वैदिक ब्राह्मण यज्ञ, पूजा-पाठ और मूर्ति स्थापना की धार्मिक प्रक्रियाएं संपन्न कराएंगे। 18 फरवरी को यज्ञ की पूर्णाहुति के साथ भगवान परशुराम की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा और स्थापना की जाएगी। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठान होंगे। वृंदावन के कथावाचक सुनाएंगे कथा कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं को कथा और आध्यात्मिक प्रवचन का भी लाभ मिलेगा। वृंदावन से पधार रहे कथावाचक पंडित लक्ष्मण पराशर जी महाराज श्रद्धालुओं को कथा सुनाएंगे। इसके अलावा धार्मिक और आध्यात्मिक जगत से जुड़े कई संतों के कार्यक्रम में शामिल होने की बात समिति की ओर से कही गई है। इनमें श्री श्री 108 श्री रितेश दास जी महाराज, महंत भड़कुइया मठ, महंत विशंभर दास जी महाराज और बगलामुखी पीताम्बरा पीठ के पीठाधीश्वर महर्षि शिवानंद परमहंस जी महाराज के नाम शामिल हैं। 19 फरवरी को होगा विशाल भंडारा पांच दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का समापन 19 फरवरी को विशाल भंडारे के साथ होगा। समिति के अनुसार भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद की व्यवस्था की जाएगी। आयोजन को लेकर समिति की ओर से श्रद्धालुओं की संख्या को ध्यान में रखते हुए तैयारियां की जा रही हैं। समिति की बैठक में बनी आयोजन की रणनीति रणनीति बैठक की अध्यक्षता भगवान परशुराम मूर्ति स्थापना समिति के अध्यक्ष देवेंद्र पांडे ने की। बैठक में उपाध्यक्ष शिव प्रकाश उपाध्याय, सचिव सुनील पांडेय, सह सचिव अभिषेक शर्मा, अधिवक्ता राजेश कुमार पाठक, अधिवक्ता उदय मिश्रा, हेमंत कुमार तिवारी, अजय श्रीवास्तव, आनंद भास्कर समेत समिति के कई सदस्य मौजूद रहे। बैठक में कलश यात्रा, महायज्ञ, कथा, मूर्ति स्थापना और भंडारे की तैयारियों को लेकर चर्चा की गई। समिति के सदस्यों ने कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए आयोजन को व्यवस्थित और सुचारु तरीके से संपन्न कराने पर जोर दिया। गोपालगंज में भगवान परशुराम की मूर्ति स्थापना को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। भगवान परशुराम मूर्ति स्थापना समिति की बैठक में कार्यक्रम की सफलता और व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की गई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 18 फरवरी को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान परशुराम की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा और स्थापना की जाएगी। धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत 14 फरवरी को भव्य कलश यात्रा के साथ होगी। इसी दिन पांच दिवसीय महायज्ञ का शुभारंभ भी किया जाएगा। समिति के अनुसार कलश यात्रा में 5 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। इसे लेकर समिति की ओर से तैयारियां तेज कर दी गई हैं। कलश यात्रा के साथ शुरू होगा पांच दिवसीय महायज्ञ समिति के सदस्यों के अनुसार मूर्ति स्थापना कार्यक्रम को वैदिक परंपरा और धार्मिक विधान के अनुसार संपन्न कराया जाएगा। 14 फरवरी को निकलने वाली कलश यात्रा के बाद पांच दिवसीय महायज्ञ शुरू होगा। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। कलश यात्रा और यज्ञ को लेकर श्रद्धालुओं की सुविधा, आयोजन स्थल की व्यवस्था और अन्य तैयारियों पर बैठक में चर्चा की गई। समिति की ओर से आयोजन को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए अलग-अलग जिम्मेदारियां भी तय की जा रही हैं। बनारस के पांच वैदिक ब्राह्मण कराएंगे अनुष्ठान पांच दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान को वैदिक परंपरा के अनुसार संपन्न कराने की तैयारी है। यज्ञाचार्य पंडित योगेंद्र तिवारी के आचार्यत्व में बनारस से आने वाले पांच वैदिक ब्राह्मण यज्ञ, पूजा-पाठ और मूर्ति स्थापना की धार्मिक प्रक्रियाएं संपन्न कराएंगे। 18 फरवरी को यज्ञ की पूर्णाहुति के साथ भगवान परशुराम की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा और स्थापना की जाएगी। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठान होंगे। वृंदावन के कथावाचक सुनाएंगे कथा कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं को कथा और आध्यात्मिक प्रवचन का भी लाभ मिलेगा। वृंदावन से पधार रहे कथावाचक पंडित लक्ष्मण पराशर जी महाराज श्रद्धालुओं को कथा सुनाएंगे। इसके अलावा धार्मिक और आध्यात्मिक जगत से जुड़े कई संतों के कार्यक्रम में शामिल होने की बात समिति की ओर से कही गई है। इनमें श्री श्री 108 श्री रितेश दास जी महाराज, महंत भड़कुइया मठ, महंत विशंभर दास जी महाराज और बगलामुखी पीताम्बरा पीठ के पीठाधीश्वर महर्षि शिवानंद परमहंस जी महाराज के नाम शामिल हैं। 19 फरवरी को होगा विशाल भंडारा पांच दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का समापन 19 फरवरी को विशाल भंडारे के साथ होगा। समिति के अनुसार भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद की व्यवस्था की जाएगी। आयोजन को लेकर समिति की ओर से श्रद्धालुओं की संख्या को ध्यान में रखते हुए तैयारियां की जा रही हैं। समिति की बैठक में बनी आयोजन की रणनीति रणनीति बैठक की अध्यक्षता भगवान परशुराम मूर्ति स्थापना समिति के अध्यक्ष देवेंद्र पांडे ने की। बैठक में उपाध्यक्ष शिव प्रकाश उपाध्याय, सचिव सुनील पांडेय, सह सचिव अभिषेक शर्मा, अधिवक्ता राजेश कुमार पाठक, अधिवक्ता उदय मिश्रा, हेमंत कुमार तिवारी, अजय श्रीवास्तव, आनंद भास्कर समेत समिति के कई सदस्य मौजूद रहे। बैठक में कलश यात्रा, महायज्ञ, कथा, मूर्ति स्थापना और भंडारे की तैयारियों को लेकर चर्चा की गई। समिति के सदस्यों ने कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए आयोजन को व्यवस्थित और सुचारु तरीके से संपन्न कराने पर जोर दिया।

