गोपालगंज जिले के महम्मदपुर प्रखंड अंतर्गत नीलामी वार्ड नंबर-8, बखरौर फीडर में कई दिनों से बिजली आपूर्ति ठप है। भीषण गर्मी और उमस के बीच लगातार बिजली गुल रहने से आक्रोशित ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। विभाग को दी सूचना, नहीं हुई कार्रवाई इस प्रदर्शन का नेतृत्व अधिवक्ता सचिन सिंह ने किया। ग्रामीणों ने बिजली विभाग से जल्द से जल्द जले हुए ट्रांसफार्मर को बदलकर निर्बाध बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की। ग्रामीणों के अनुसार, ट्रांसफार्मर जलने की सूचना विभाग को पहले ही दी जा चुकी है, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। आंदोलन को तेज करने की दी चेतावनी बिजली संकट के कारण छोटे बच्चों, बुजुर्गों, नवजात शिशुओं और गंभीर मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पीने के पानी सहित दैनिक दिनचर्या के कई काम ठप हो गए हैं। अधिवक्ता सचिन सिंह ने कहा कि यदि समय रहते जला हुआ ट्रांसफार्मर बदलकर बिजली सेवा शुरू नहीं की गई, तो ग्रामीण सड़क पर उतरकर आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होंगे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि इसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे। गोपालगंज जिले के महम्मदपुर प्रखंड अंतर्गत नीलामी वार्ड नंबर-8, बखरौर फीडर में कई दिनों से बिजली आपूर्ति ठप है। भीषण गर्मी और उमस के बीच लगातार बिजली गुल रहने से आक्रोशित ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। विभाग को दी सूचना, नहीं हुई कार्रवाई इस प्रदर्शन का नेतृत्व अधिवक्ता सचिन सिंह ने किया। ग्रामीणों ने बिजली विभाग से जल्द से जल्द जले हुए ट्रांसफार्मर को बदलकर निर्बाध बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की। ग्रामीणों के अनुसार, ट्रांसफार्मर जलने की सूचना विभाग को पहले ही दी जा चुकी है, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। आंदोलन को तेज करने की दी चेतावनी बिजली संकट के कारण छोटे बच्चों, बुजुर्गों, नवजात शिशुओं और गंभीर मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पीने के पानी सहित दैनिक दिनचर्या के कई काम ठप हो गए हैं। अधिवक्ता सचिन सिंह ने कहा कि यदि समय रहते जला हुआ ट्रांसफार्मर बदलकर बिजली सेवा शुरू नहीं की गई, तो ग्रामीण सड़क पर उतरकर आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होंगे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि इसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।

