गोंडा के सुभागपुर पावर हाउस पर शुक्रवार देर रात 12.30 बजे तक इंद्रापुर गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने पावर हाउस घेराव किया। वे 11 दिन से बिजली न मिलने से नाराज थे। करीब 4 घंटे तक चले प्रदर्शन में बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी हुई। ग्रामीणों का आरोप था कि 11 दिन से बिजली नहीं मिली और अधिकारी सुनवाई नहीं कर रहे। बिजली न होने से बच्चों की पढ़ाई, पानी की समस्या जैसी दिक्कतें आ रही थीं। सूचना पर देहात कोतवाल शमशेर बहादुर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों के न मानने पर कोतवाल ने एसडीएम सदर जितेंद्र गौतम और बिजली अधिकारियों को फोन किया।
अधिकारियों ने जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि कई बिजली के खंभे टूटे हैं। कोतवाल के समझाने पर ग्रामीणों ने रात 12:30 बजे धरना खत्म कर घर वापसी की है। अर्बन चक्रवात तूफान के कारण अभी भी गोंडा के कई ऐसे गांव हैं जहां 11 से 12 दिन बीत जाने के बावजूद भी लोगों को विद्युत लाइट नहीं मिली है। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे राहुल शुक्ला ने बताया कि किस तरीके से हमारे बच्चे रात के अंधेरे में है इस समय मौसम भी बदला हुआ है कुछ भी हो सकता है कुछ ऐसे परिवार गांव के हैं। जो दिन में ही खाना बनाने को मजबूर है उनके सामने काफी दिक्कतें हो रही है। वहीं एसडीओ ने बताया कि भारी बारिश और तेज आंधी-तूफान के बाद सुभागपुर फीडर क्षेत्र में 250 से अधिक बिजली के पोल टूट गए थे। आपदा के बाद बिजली व्यवस्था बहाल करने के लिए लगातार काम किया गया। अधिकांश गांवों में बिजली आपूर्ति बहाल करा दी गई है जबकि कुछ गांव अभी बाकी हैं। उन गांवों में भी जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल कराई जाएगी।

