गोंडा में घाघरा नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ना शुरू हो गया है। बीते 12 घंटे में नदी का जलस्तर 5 सेंटीमीटर बढ़ा है। गुरुवार सुबह 9 बजे घाघरा खतरे के निशान से 42 सेंटीमीटर नीचे बह रही थी। नदी में 1,94,811 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद केंद्रीय जल आयोग ने जलस्तर में और वृद्धि की संभावना जताई है। नेपाल में अचानक आई बाढ़ के चलते गिरजा, शारदा और सरयू बैराज पर हाई अलर्ट जारी है। इन बैराजों से छोड़े गए पानी का असर घाघरा के जलस्तर पर पड़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार घाघरा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और शाम तक इसमें तेजी आने की संभावना है। इसे देखते हुए गोंडा बाढ़ खंड के अधिकारियों और कर्मचारियों को एल्गिन ब्रिज पर तैनात किया गया है। गोंडा बाढ़ विभाग के अधिशासी अभियंता जय सिंह ने बताया कि गुरुवार सुबह से नदी का जलस्तर फिर बढ़ना शुरू हुआ है। उन्होंने कहा कि नेपाल से छोड़े जा रहे पानी का घाघरा पर असर फिलहाल बहुत अधिक नहीं है, क्योंकि पानी का बड़ा हिस्सा बिहार की ओर जा रहा है। इसके बावजूद विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। जलस्तर बढ़ने के साथ कटान ने बढ़ाई चिंता एक तरफ नदी का जलस्तर बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर घाघरा निचले और मैदानी इलाकों में तेजी से कटान कर रही है। नदी किनारे बसे लोगों की जमीन और फसलें कटान की चपेट में आ रही हैं। अस्थायी फूस के मकान भी नदी में समा रहे हैं। तरबगंज तहसील के ऐली परसौली में अब तक पांच से अधिक अस्थायी फूस के मकान कटान में नदी में समा चुके हैं। इन मकानों में रहने वाले लोग पहले ही सुरक्षित स्थानों पर पलायन कर चुके हैं। नवाबगंज में 5 से अधिक घर कटान की जद में नवाबगंज थाना क्षेत्र के दत्ता नगर, बाणी माझा, साखीपुर और चहलवा में भी घाघरा लगातार कटान कर रही है। यहां तीन से अधिक अस्थायी फूस के मकान कटान की चपेट में हैं और कभी भी नदी में समा सकते हैं। इस क्षेत्र में अब तक करीब 10 अस्थायी फूस के मकान कट चुके हैं। इनके निवासी समय रहते सुरक्षित स्थानों पर चले गए थे। तटबंध के करीब पहुंची घाघरा कर्नलगंज तहसील क्षेत्र के बहुवन मदार माझा और माझा रायपुर के सामने तटबंध के किनारे घाघरा तेजी से कटान कर रही है। नदी तटबंध के बेहद करीब पहुंच गई है। इससे बाढ़ खंड विभाग की चिंता बढ़ गई है। तटबंध को सुरक्षित रखने के लिए विभाग ने यहां 24 घंटे निगरानी शुरू कर दी है। कटान रोकने के लिए तटबंध के किनारे युद्धस्तर पर काम कराया जा रहा है। बाढ़ विभाग बोला- पूरी तरह हाई अलर्ट मोड पर अधिशासी अभियंता जय सिंह ने बताया कि नदी किनारे बसे ग्रामीणों की जमीन, फसल और अस्थायी मकान लगातार कटान की चपेट में आ रहे हैं। नदी के किनारे रहने वाले लोगों के लिए खतरा अधिक है। उन्होंने कहा कि नदी का जलस्तर बढ़ रहा है और विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। नेपाल से आने वाले पानी की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल बचाव और राहत की कार्रवाई की जाएगी।

