गोपालगंज के बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के सफियाबाद गांव में गैस सिलेंडर से हुए गैस लीकेज के कारण मंगलवार देर शाम हादसे में झुलसे 17 लोगों में से इलाज के दौरान बुधवार को 2 लोगों की मौत हो गई है। पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतकों में कंचन शर्मा की बेटी मिस्टी कुमारी (18) शामिल हैं, जिनकी स्थिति गंभीर होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। वहीं, दूसरे मृतक प्रेम नाथ मांझी के बेटे अंकुश कुमार (5) हैं, जिनकी सदर अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस दुखद हादसे के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है। हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला एक्टिव हो गया। इसके बाद स्थानीय विधायक एवं बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी सदर अस्पताल पहुंचे। मामले की गंभीरता से उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी – शिक्षा मंत्री उन्होंने अस्पताल पहुंचकर घायलों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और इस हृदयविदारक घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने इस विकट परिस्थिति में पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और हरसंभव मदद का भरोसा दिया। मीडिया और अधिकारियों से बातचीत करते हुए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि इस पूरे मामले की गंभीरता से उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी। अस्पताल में झुलसे लोगों की तस्वीरें… झुलसे लोगों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल गैस सिलेंडर में आग लगने से झुलसे लोगों में शीला नाथ मांझी (50), कुसुम देवी (35), नेहा कुमारी (20), पिंकी कुमारी (18), कंचन कुमार (20), चमेली देवी (35), कुंदन कुमार शर्मा (18), आयोग कुमार (5) और बेबी देवी (20) शामिल हैं। इनके अलावा रौशन कुमार, आयुष कुमार, आरती कुमारी और रीमा देवी भी झुलस गए हैं। गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट घायल शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने जिला पदाधिकारी को इस घटना के कारणों की पूरी तरह जांच करने का निर्देश दिया है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इसमें किसकी लापरवाही थी। प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए हादसे में गंभीर रूप से झुलसे अन्य सभी लोगों को बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर के मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट कर दिया गया है। जहां सभी घायलों का इलाज डॉक्टरों की विशेष देखरेख में चल रहा है। जिला प्रशासन लगातार घायलों के स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए है और पीड़ितों को हर संभव राहत पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। पूरे रूम में फैली दीया से लगी आग परिवार की महिला पिंकी कुमारी ने बताया कि घर में खाना बनाने के दौरान गैस सिलेंडर खत्म हो गया था। उसे बदलने के लिए घर की महिलाएं नया सिलेंडर लगाने लगीं। सिलेंडर बदलने के दौरान महिलाएं उसका कैप हटाकर रेगुलेटर लगाने की कोशिश कर रही थीं। इसी बीच तेजी से गैस का रिसाव होने लगा। कमरे में दीया जल रहा था। इसी दौरान गैस में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग पूरे कमरे में फैल गई। उस समय कमरे में जितने लोग बैठे थे, सभी झुलस गए। उन्होंने बताया कि सिलेंडर ब्लास्ट नहीं हुआ था। गोपालगंज के बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के सफियाबाद गांव में गैस सिलेंडर से हुए गैस लीकेज के कारण मंगलवार देर शाम हादसे में झुलसे 17 लोगों में से इलाज के दौरान बुधवार को 2 लोगों की मौत हो गई है। पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतकों में कंचन शर्मा की बेटी मिस्टी कुमारी (18) शामिल हैं, जिनकी स्थिति गंभीर होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। वहीं, दूसरे मृतक प्रेम नाथ मांझी के बेटे अंकुश कुमार (5) हैं, जिनकी सदर अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस दुखद हादसे के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है। हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला एक्टिव हो गया। इसके बाद स्थानीय विधायक एवं बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी सदर अस्पताल पहुंचे। मामले की गंभीरता से उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी – शिक्षा मंत्री उन्होंने अस्पताल पहुंचकर घायलों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और इस हृदयविदारक घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने इस विकट परिस्थिति में पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और हरसंभव मदद का भरोसा दिया। मीडिया और अधिकारियों से बातचीत करते हुए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि इस पूरे मामले की गंभीरता से उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी। अस्पताल में झुलसे लोगों की तस्वीरें… झुलसे लोगों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल गैस सिलेंडर में आग लगने से झुलसे लोगों में शीला नाथ मांझी (50), कुसुम देवी (35), नेहा कुमारी (20), पिंकी कुमारी (18), कंचन कुमार (20), चमेली देवी (35), कुंदन कुमार शर्मा (18), आयोग कुमार (5) और बेबी देवी (20) शामिल हैं। इनके अलावा रौशन कुमार, आयुष कुमार, आरती कुमारी और रीमा देवी भी झुलस गए हैं। गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट घायल शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने जिला पदाधिकारी को इस घटना के कारणों की पूरी तरह जांच करने का निर्देश दिया है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इसमें किसकी लापरवाही थी। प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए हादसे में गंभीर रूप से झुलसे अन्य सभी लोगों को बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर के मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट कर दिया गया है। जहां सभी घायलों का इलाज डॉक्टरों की विशेष देखरेख में चल रहा है। जिला प्रशासन लगातार घायलों के स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए है और पीड़ितों को हर संभव राहत पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। पूरे रूम में फैली दीया से लगी आग परिवार की महिला पिंकी कुमारी ने बताया कि घर में खाना बनाने के दौरान गैस सिलेंडर खत्म हो गया था। उसे बदलने के लिए घर की महिलाएं नया सिलेंडर लगाने लगीं। सिलेंडर बदलने के दौरान महिलाएं उसका कैप हटाकर रेगुलेटर लगाने की कोशिश कर रही थीं। इसी बीच तेजी से गैस का रिसाव होने लगा। कमरे में दीया जल रहा था। इसी दौरान गैस में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग पूरे कमरे में फैल गई। उस समय कमरे में जितने लोग बैठे थे, सभी झुलस गए। उन्होंने बताया कि सिलेंडर ब्लास्ट नहीं हुआ था।

