गुरुग्राम पुलिस की इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल टीम ने एक महिला की जान बचाकर मानवता की एक अनूठी मिसाल पेश की है। समय पर इलाज मिलने से महिला को एक नया जीवन मिला है। सोशल मीडिया पर पुलिस की इस मदद की सराहना की जा रही है, जिसके बाद पुलिस आयुक्त ने पूरी ईआरवी टीम को विशेष रूप से स्पेशल रिवार्ड देने का फैसला लिया है। यह घटना 28 सितम्बर की सुबह करीब 5:45 बजे की है। सेक्टर-23 में एक 35 वर्षीय महिला अपनी कार से जा रही थीं। अचानक गाड़ी चलाते समय उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और उन्हें तेज चक्कर आने के साथ बेहोशी महसूस होने लगी। गंभीर स्थिति को भांपते हुए महिला ने किसी तरह अपनी कार रोकी और तुरंत अपने पति को फोन कर अपनी हालत के बारे में बताया। उस समय महिला के पति खुद गंभीर परिस्थितियों से जूझ रहे थे। वे लीवर की बीमारी के कारण मेदांता अस्पताल में भर्ती थे। खुद अस्पताल के बिस्तर पर होने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और तुरंत मेदांता अस्पताल से ही पुलिस कंट्रोल रूम नंबर 112 से संपर्क किया और अपनी पत्नी की जान बचाने की गुहार लगाई। मददगार बनकर पहुंची ERV-265 की टीम कंट्रोल रूम से सूचना मिलते ही क्षेत्र में गश्त कर रही ERV-265 की टीम बिना एक पल गंवाए सक्रिय हो गई। पुलिस टीम जीपीएस और बताए गए पते के आधार पर तत्काल मौके पर पहुंची। वहां पुलिस ने देखा कि महिला कार के भीतर अर्धबेहोश और बेहद नाजुक स्थिति में थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने एम्बुलेंस का इंतजार करने में समय नष्ट नहीं किया। उन्होंने तुरंत पीड़िता को अपनी सरकारी गाड़ी में बिठाया और बिना समय गंवाए नजदीकी मनीपाल अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने कहा- ‘समय पर न लाते तो हो सकती थी अनहोनी’ मनीपाल अस्पताल में डॉक्टरों ने जब महिला की आपातकालीन जांच की, तो पता चला कि उन्हें गर्भाशय में गंभीर समस्या के कारण शरीर के भीतर अत्यधिक इंटरनल ब्लडिंग हो रही थी। डॉक्टरों के अनुसार महिला के शरीर से खून तेजी से बह रहा था और यदि पुलिस टीम उन्हें अस्पताल पहुंचाने में थोड़ी भी देरी करती, तो अत्यधिक ब्लडिंग के कारण उनकी जान बचाना नामुमकिन हो जाता। दोबारा हालचाल जानने अस्पताल पहुंचे इस सराहनीय कार्य को अंजाम देने वाली ERV-265 की टीम में ईएएसआई दिनेश, ईएएसआई कृष्ण, सिपाही रवि कुमार और एसपीओ करतार सिंह शामिल थे। अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद भी इस टीम का मानवीय चेहरा तब देखने को मिला, जब वे दोबारा अस्पताल पहुंचे और भर्ती पीड़िता का हालचाल जाना। अस्पताल में मौजूद पीड़िता के परिजनों ने जब पुलिस टीम को देखा, तो उनकी आंखें नम हो गईं। परिजनों ने पुलिस टीम की प्रशंसा करते हुए कहा कि जैसे ही हमने 112 पर कॉल किया, पुलिस टीम ने बिना कोई समय गंवाए तत्काल मौके पर पहुंचकर हमारी मदद की। पुलिस की यह त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई वास्तव में हमारे लिए किसी चमत्कार से कम नहीं थी। हम पूरी टीम के सदैव आभारी रहेंगे। पुलिस आयुक्त ने की पुरस्कार की घोषणा पुलिस आयुक्त सिवास कबिराज ने इस ईआरवी की पूरी टीम के उत्कृष्ट कार्य की सराहना की है। उन्होंने टीम के सभी सदस्यों के लिए विशेष रिवॉर्ड की घोषणा करते हुए कहा कि ऐसे संवेदनशील और जांबाज पुलिसकर्मी पूरे विभाग का गौरव हैं।

