गुरुग्राम बस अग्निकांड हादसे के तीन आरोपी अंडरग्राउंड:जमानत मिलने के बाद पेश ही नहीं हुए, कोर्ट ने जारी किए गिरफ्तारी वारंट

गुरुग्राम बस अग्निकांड हादसे के तीन आरोपी अंडरग्राउंड:जमानत मिलने के बाद पेश ही नहीं हुए, कोर्ट ने जारी किए गिरफ्तारी वारंट

गुरुग्राम में नवंबर 2023 में हुए दर्दनाक बस अग्निकांड के तीनों आरोपी जमानत मिलने के बाद से अंडरग्राउंड हो गए हैं। आरोपियों के बार-बार गैर-हाजिर रहने पर अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए 21 नवंबर 2025 को अदालत ने उनकी जमानत रद्द कर दी और उनके बेल बॉन्ड जब्त कर लिए। इसके बाद कुछ दिन पहले अदालत ने तीनों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया और उनकी जमानत देने वाले व्यक्तियों को भी नोटिस भेजे। हाल ही में ग्रेटर नोएडा में हुए बस अग्निकांड में नौ यात्रियों की मौत हो गई, जिसके बाद गुरुग्राम के इस पुराने मामले की यादों को ताज़ा कर दिया है। यह घटना 8 नवंबर 2023 की रात को दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे पर झाड़सा फ्लाईओवर के पास हुई थी। इस मामले की अगली सुनवाई अगले साल 16 जनवरी को होनी है। फ्लाईओवर पर लगी आग सेक्टर 12 के अंतरराज्यीय बस अड्डे से उत्तर प्रदेश के लिए रवाना हुई अरुणाचल प्रदेश में पंजीकृत एक निजी बस में झाड़सा फ्लाईओवर के पर अचानक भीषण आग लग गई। इस बस में लगभग 45 श्रमिक और उनके परिवार के सदस्य सवार थे। आग सबसे पहले बस के पिछले हिस्से में स्थित लगेज कंपार्टमेंट में लगी और देखते ही देखते इसने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी भयानक थी कि यात्रियों को अपनी जान बचाने के लिए खिड़कियों से बाहर कूदना पड़ा। चार लोगों की मौत हुई थी इस हादसे में 25 वर्षीय माया, उनकी 6 साल की बेटी दीपाली, और 24 वर्षीय गर्भवती महिला गायत्री की मौके पर ही जलकर मौत हो गई। वहीं 5 साल की एक अन्य बच्ची आन्या ने दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस जांच में यह सामने आया कि बस के पिछले हिस्से में अवैध रूप से रसोई गैस सिलेंडर और पटाखे रखे गए थे, जिसने आग में घी का काम किया। इसके अलावा, जांचकर्ताओं को पता चला कि नियमों का उल्लंघन करने के लिए इस बस का पहले भी कई बार चालान काटा जा चुका था। जमानत मिलते ही हुए लापता
हादसे के कुछ दिनों बाद पुलिस ने बस ऑपरेटर राजेश कुमार, ड्राइवर राम और को-ड्राइवर प्रदीप को गिरफ्तार कर लिया था। इन तीनों के खिलाफ सेक्टर 40 पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था। हालांकि, 12 फरवरी 2024 को जैसे ही पुलिस ने अदालत में चार्जशीट दाखिल की, उसी दिन तीनों आरोपियों को अदालत से जमानत मिल गई। वकील ने आना भी बंद किया इसके बाद, 2 जून 2025 को आरोपियों ने अदालत से व्यक्तिगत रूप से पेश न होने की छूट मांगी, जिसे उस दिन के लिए स्वीकार कर लिया गया। लेकिन इसके बाद से आरोपियों ने अदालती सुनवाइयों में आना बंद कर दिया। पुलिस अधिकारी के अनुसार, आरोपियों की लगातार अनुपस्थिति के कारण उनके खिलाफ आरोपों को तय करने की बहस में लगातार देरी हो रही है। हद तो तब हो गई जब आरोपियों के वकील ने भी अदालत में पेश होना बंद कर दिया। गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुके
आरोपियों के बार-बार गैर-हाजिर रहने पर अदालत ने कड़ा रुख अपनाया। 21 नवंबर 2025 को अदालत ने उनकी जमानत रद्द कर दी और उनके बेल बॉन्ड जब्त कर लिए। इसके बाद, इस साल 9 जुलाई को अदालत ने तीनों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया और उनकी जमानत देने वाले व्यक्तियों को भी नोटिस भेजे। कोर्ट के आदेश की पालना कर रही पुलिस सेक्टर 40 पुलिस स्टेशन की एसएचओ पूनम के मुताबिक पुलिस हर हाल में यह सुनिश्चित करेगी कि तीनों आरोपियों को अगले साल 16 जनवरी को होने वाली आगामी सुनवाई में अदालत के समक्ष पेश किया जाए।

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