गुजैनी के बाढ़ प्रभावित मायापुरम में बच्चों को एक्सपायरी सीरप बांटे जाने की भ्रामक सूचना फैलाने का दावा करते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा कराया है। आरोप है कि सूचना फैलने के बाद क्षेत्र में दवाओं को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से मिली दवाएं फेंक दीं और दोबारा पहुंची स्वास्थ्य टीम से दवा लेने से भी इनकार किया। तीन बच्चों की बिगड़ी थी तबीयत बिधनू सीएचसी के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. नीरज सिंह ने बताया कि बीते मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम पर मायापुरम बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में एक्सपायरी दवाएं बांटने का दावा किया गया था। आरोप था कि एक्सपायरी सीरप पीने चार वर्षीय ऋषभ समेत तीन बच्चों की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें उल्टियां शुरू हो गईं। बच्चों के बीमार होने की जानकारी पर उनका निजी डाक्टर से उपचार कराने की बात भी सामने आई थी। मामले की जानकारी होने पर सीएमओ डा. हरिदत्त नेमी ने विभागीय जांच कराई। जांच के दौरान स्टाक रजिस्टर की पड़ताल की गई। इसमें मायापुरम में संबंधित सीरप के वितरण का कोई रिकार्ड नहीं मिला। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार संबंधित सीरप वर्ष 2025 में ड्रग वेयर हाउस पहुंचा था। मार्च 2025 तक इसे सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को भेजा जा चुका था। अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ FIR संबंधित बैच की दवा वर्तमान में किसी स्वास्थ्य केंद्र पर उपलब्ध नहीं होने का भी विभाग ने दावा किया है। जांच में एक्सपायरी सीरप बांटे जाने की पुष्टि नहीं होने के बाद डा.नीरज सिंह ने भ्रामक सूचना फैलाने वाले अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ पुलिस से शिकायत की। गुजैनी थाना प्रभारी राजन शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। सूचना को किस तरह और किसने फैलाया, इसकी जांच की जा रही है।

