गिरिडीह जिले के गांडेय प्रखंड अंतर्गत ताराटांड़ थाना क्षेत्र के पलकिया गांव में रविवार की रात करीब 30 हाथियों के झुंड ने जमकर उत्पात मचाया। हाथियों के झुंड ने गांव में घुसकर कई कच्चे घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस दौरान करीब आधा दर्जन कच्चे घरों के ध्वस्त होने की सूचना है। इसके अलावा हाथियों ने खेतों में लगी धान और मकई की फसल को भी रौंदकर बर्बाद कर दिया। हाथियों के अचानक गांव में पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया। मशाल जलाकर हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए रखी
हालांकि ग्रामीणों की सतर्कता के कारण बड़ी घटना टल गई। ग्रामीण पूरी रात रतजगा करते रहे और मशाल जलाकर हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए रखी। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से हाथियों को आबादी वाले क्षेत्र से बाहर निकालने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद हाथियों के झुंड को टुंडी के जंगल की ओर खदेड़ दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के उत्पात से घरों और फसलों को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने वन विभाग और प्रशासन से नुकसान का आकलन कर प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द उचित मुआवजा देने की मांग की है। हाथियों ने घरों में रखे अनाज को भी बर्बाद किया
गिरिडीह जिले के विभिन्न प्रखंडों में पिछले कुछ समय से हाथियों का उत्पात लगातार देखने को मिल रहा है। हाथियों के झुंड ने कई इलाकों में घर, बाउंड्रीवाल और फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ घरों में रखे अनाज को भी बर्बाद किया है। हाथी के हमले और चपेट में आने से जिले में पूर्व में कई लोगों की जान जाने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। लगातार हाथियों की आवाजाही से ग्रामीण इलाकों में भय का माहौल बना हुआ है। इस संबंध में रेंजर एस.के. रवि ने बताया कि वन विभाग की टीम ने पिछले दिन हाथियों के झुंड को सुरक्षित तरीके से गिरिडीह वन क्षेत्र से धनबाद की ओर निकाल दिया गया है। हालांकि हाथियों के रास्ते में आने वाले कुछ घरों और फसलों को नुकसान पहुंचने की संभावना है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को हाथियों के कारण नुकसान हुआ है, उनका विभागीय स्तर पर आकलन कराया जाएगा और नियमानुसार मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया की जाएगी। गिरिडीह जिले के गांडेय प्रखंड अंतर्गत ताराटांड़ थाना क्षेत्र के पलकिया गांव में रविवार की रात करीब 30 हाथियों के झुंड ने जमकर उत्पात मचाया। हाथियों के झुंड ने गांव में घुसकर कई कच्चे घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस दौरान करीब आधा दर्जन कच्चे घरों के ध्वस्त होने की सूचना है। इसके अलावा हाथियों ने खेतों में लगी धान और मकई की फसल को भी रौंदकर बर्बाद कर दिया। हाथियों के अचानक गांव में पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया। मशाल जलाकर हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए रखी
हालांकि ग्रामीणों की सतर्कता के कारण बड़ी घटना टल गई। ग्रामीण पूरी रात रतजगा करते रहे और मशाल जलाकर हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए रखी। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से हाथियों को आबादी वाले क्षेत्र से बाहर निकालने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद हाथियों के झुंड को टुंडी के जंगल की ओर खदेड़ दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के उत्पात से घरों और फसलों को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने वन विभाग और प्रशासन से नुकसान का आकलन कर प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द उचित मुआवजा देने की मांग की है। हाथियों ने घरों में रखे अनाज को भी बर्बाद किया
गिरिडीह जिले के विभिन्न प्रखंडों में पिछले कुछ समय से हाथियों का उत्पात लगातार देखने को मिल रहा है। हाथियों के झुंड ने कई इलाकों में घर, बाउंड्रीवाल और फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ घरों में रखे अनाज को भी बर्बाद किया है। हाथी के हमले और चपेट में आने से जिले में पूर्व में कई लोगों की जान जाने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। लगातार हाथियों की आवाजाही से ग्रामीण इलाकों में भय का माहौल बना हुआ है। इस संबंध में रेंजर एस.के. रवि ने बताया कि वन विभाग की टीम ने पिछले दिन हाथियों के झुंड को सुरक्षित तरीके से गिरिडीह वन क्षेत्र से धनबाद की ओर निकाल दिया गया है। हालांकि हाथियों के रास्ते में आने वाले कुछ घरों और फसलों को नुकसान पहुंचने की संभावना है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को हाथियों के कारण नुकसान हुआ है, उनका विभागीय स्तर पर आकलन कराया जाएगा और नियमानुसार मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया की जाएगी।

