गिरिडीह में महिलाओं ने किया सिंदूर खेला:श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा की प्रतिमा कंधे पर उठाकर निकाली विसर्जन यात्रा, सुंदर तालाब में विसर्जन

गिरिडीह में महिलाओं ने किया सिंदूर खेला:श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा की प्रतिमा कंधे पर उठाकर निकाली विसर्जन यात्रा, सुंदर तालाब में विसर्जन

गिरिडीह शहरी क्षेत्र के बरगंडा स्थित सार्वजनिक काली मंडा विश्वनाथ मंदिर में मां दुर्गा की प्रतिमा को पारंपरिक तरीके से विदाई दी गई। इस दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल देखने को मिला। मां दुर्गा की प्रतिमा को कंधे पर उठाकर विसर्जन के लिए ले जाने की परंपरा के तहत श्रद्धालुओं ने मां को भावभीनी विदाई दी। विसर्जन यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। विसर्जन से पहले मंदिर परिसर में महिलाओं ने पारंपरिक रूप से सिंदूर खेला किया। महिलाओं ने मां दुर्गा को सिंदूर अर्पित करने के बाद एक-दूसरे को सिंदूर लगाया। इस दौरान महिलाओं ने मां से परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। सिंदूर खेला के दौरान मंदिर परिसर में उत्साह और भक्ति का माहौल बना रहा। इसके बाद श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा की प्रतिमा को अपने कंधों पर उठाया और विसर्जन यात्रा शुरू की। यात्रा के दौरान मां दुर्गा के जयकारे लगाए गए। श्रद्धालु पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मां को विदाई देने में जुटे रहे। मां की प्रतिमा को कंधे पर लेकर जाने की परंपरा ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। यात्रा में महिलाओं, पुरुषों और युवाओं की भागीदारी देखने को मिली। मां दुर्गा की विसर्जन यात्रा मंदिर परिसर से निकलकर मकतपुर मोड़, जिला परिषद, जरासंघ मोड़ और बरगंडा होते हुए पावरहाउस मोड़ के पास स्थित सुंदर तालाब पहुंची। यहां विधि-विधान के साथ मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया गया। विसर्जन यात्रा को लेकर क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही। मां दुर्गा की विदाई के दौरान श्रद्धालुओं में जहां उत्साह और भक्ति का माहौल रहा, वहीं मां को विदा करते समय भावुकता भी देखने को मिली। गिरिडीह शहरी क्षेत्र के बरगंडा स्थित सार्वजनिक काली मंडा विश्वनाथ मंदिर में मां दुर्गा की प्रतिमा को पारंपरिक तरीके से विदाई दी गई। इस दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल देखने को मिला। मां दुर्गा की प्रतिमा को कंधे पर उठाकर विसर्जन के लिए ले जाने की परंपरा के तहत श्रद्धालुओं ने मां को भावभीनी विदाई दी। विसर्जन यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। विसर्जन से पहले मंदिर परिसर में महिलाओं ने पारंपरिक रूप से सिंदूर खेला किया। महिलाओं ने मां दुर्गा को सिंदूर अर्पित करने के बाद एक-दूसरे को सिंदूर लगाया। इस दौरान महिलाओं ने मां से परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। सिंदूर खेला के दौरान मंदिर परिसर में उत्साह और भक्ति का माहौल बना रहा। इसके बाद श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा की प्रतिमा को अपने कंधों पर उठाया और विसर्जन यात्रा शुरू की। यात्रा के दौरान मां दुर्गा के जयकारे लगाए गए। श्रद्धालु पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मां को विदाई देने में जुटे रहे। मां की प्रतिमा को कंधे पर लेकर जाने की परंपरा ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। यात्रा में महिलाओं, पुरुषों और युवाओं की भागीदारी देखने को मिली। मां दुर्गा की विसर्जन यात्रा मंदिर परिसर से निकलकर मकतपुर मोड़, जिला परिषद, जरासंघ मोड़ और बरगंडा होते हुए पावरहाउस मोड़ के पास स्थित सुंदर तालाब पहुंची। यहां विधि-विधान के साथ मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया गया। विसर्जन यात्रा को लेकर क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही। मां दुर्गा की विदाई के दौरान श्रद्धालुओं में जहां उत्साह और भक्ति का माहौल रहा, वहीं मां को विदा करते समय भावुकता भी देखने को मिली।  

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