गिद्धेश्वर काजवे पुल के आठ पायों में दरार:छह पंचायतों का संपर्क टूटा, ग्रामीणों को 10 KM अतिरिक्त चलना होगा

गिद्धेश्वर काजवे पुल के आठ पायों में दरार:छह पंचायतों का संपर्क टूटा, ग्रामीणों को 10 KM अतिरिक्त चलना होगा

जमुई के खैरा प्रखंड में किऊल नदी पर बना गिद्धेश्वर काजवे पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। पुल के पाया संख्या 17 से 25 तक कुल आठ पायों में दरारें आ गई हैं, जिससे दक्षिणी क्षेत्र की छह पंचायतों का संपर्क टूट गया है। इनमें गरही, हरखाड़, हरनी, अरुणमाबांक, बिशनपुर और गोली पंचायतें शामिल हैं। पुल के क्षतिग्रस्त होने से हजारों ग्रामीणों को अब लगभग 10 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। यह पुल गिद्धेश्वर और पूर्वतार के बीच स्थित है और हजारों लोगों के लिए लाइफलाइन माना जाता था। प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, किसान, मजदूर और अन्य ग्रामीण इसी रास्ते से आवागमन करते थे। गिद्धेश्वर काजवे पुल क्षतिग्रस्त, देखें तस्वीरें…. 22 साल पहले हुआ था पुल का निर्माण पुल के क्षतिग्रस्त होने से स्कूली बच्चों और प्रखंड मुख्यालय जाने वाले लोगों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। पुल की बदहाल स्थिति के कारण हाल ही में एक बाइक नदी में फंस गई थी, हालांकि बाइक सवार सुरक्षित बच गया। घटना के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय ग्रामीणों की सूचना पर गरही पुलिस मौके पर पहुंची है। जानकारी के अनुसार, इस पुल का निर्माण लगभग 22 वर्ष पहले जल संसाधन विभाग ने 34.4 लाख रुपए की लागत से कराया था। नए पुल का काम जल्द पूरा कराने की मांग वर्ष 2004 में तत्कालीन मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने इसका उद्घाटन किया था। समय के साथ पुल की स्थिति जर्जर होती चली गई थी और इस पर भारी वाहनों के परिचालन पर पहले ही रोक लगा दी गई थी। पुल के बगल में एक नए पुल का निर्माण कार्य प्रगति पर है, लेकिन उसके पूरा न होने के कारण ग्रामीणों को तत्काल कोई राहत नहीं मिल पा रही है। पुराने पुल के क्षतिग्रस्त होने से दक्षिणी क्षेत्र के गांवों का संपर्क बुरी तरह प्रभावित हो गया है। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था कराने, क्षतिग्रस्त हिस्से की सुरक्षा सुनिश्चित करने और निर्माणाधीन नए पुल का काम जल्द पूरा कराने की मांग की है। BDO ने नहीं उठाया फोन इधर मामले की जानकारी को लेकर खैरा प्रखंड के बीडीओ शेखर सुमन को फोन किया गया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था कराने, क्षतिग्रस्त हिस्से की सुरक्षा सुनिश्चित करने और निर्माणाधीन नए पुल का काम जल्द पूरा कराने की मांग की है। इधर मामले की जानकारी को लेकर खैरा प्रखंड के बीडीओ शेखर सुमन को फोन किया गया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। जमुई के खैरा प्रखंड में किऊल नदी पर बना गिद्धेश्वर काजवे पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। पुल के पाया संख्या 17 से 25 तक कुल आठ पायों में दरारें आ गई हैं, जिससे दक्षिणी क्षेत्र की छह पंचायतों का संपर्क टूट गया है। इनमें गरही, हरखाड़, हरनी, अरुणमाबांक, बिशनपुर और गोली पंचायतें शामिल हैं। पुल के क्षतिग्रस्त होने से हजारों ग्रामीणों को अब लगभग 10 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। यह पुल गिद्धेश्वर और पूर्वतार के बीच स्थित है और हजारों लोगों के लिए लाइफलाइन माना जाता था। प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, किसान, मजदूर और अन्य ग्रामीण इसी रास्ते से आवागमन करते थे। गिद्धेश्वर काजवे पुल क्षतिग्रस्त, देखें तस्वीरें…. 22 साल पहले हुआ था पुल का निर्माण पुल के क्षतिग्रस्त होने से स्कूली बच्चों और प्रखंड मुख्यालय जाने वाले लोगों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। पुल की बदहाल स्थिति के कारण हाल ही में एक बाइक नदी में फंस गई थी, हालांकि बाइक सवार सुरक्षित बच गया। घटना के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय ग्रामीणों की सूचना पर गरही पुलिस मौके पर पहुंची है। जानकारी के अनुसार, इस पुल का निर्माण लगभग 22 वर्ष पहले जल संसाधन विभाग ने 34.4 लाख रुपए की लागत से कराया था। नए पुल का काम जल्द पूरा कराने की मांग वर्ष 2004 में तत्कालीन मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने इसका उद्घाटन किया था। समय के साथ पुल की स्थिति जर्जर होती चली गई थी और इस पर भारी वाहनों के परिचालन पर पहले ही रोक लगा दी गई थी। पुल के बगल में एक नए पुल का निर्माण कार्य प्रगति पर है, लेकिन उसके पूरा न होने के कारण ग्रामीणों को तत्काल कोई राहत नहीं मिल पा रही है। पुराने पुल के क्षतिग्रस्त होने से दक्षिणी क्षेत्र के गांवों का संपर्क बुरी तरह प्रभावित हो गया है। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था कराने, क्षतिग्रस्त हिस्से की सुरक्षा सुनिश्चित करने और निर्माणाधीन नए पुल का काम जल्द पूरा कराने की मांग की है। BDO ने नहीं उठाया फोन इधर मामले की जानकारी को लेकर खैरा प्रखंड के बीडीओ शेखर सुमन को फोन किया गया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था कराने, क्षतिग्रस्त हिस्से की सुरक्षा सुनिश्चित करने और निर्माणाधीन नए पुल का काम जल्द पूरा कराने की मांग की है। इधर मामले की जानकारी को लेकर खैरा प्रखंड के बीडीओ शेखर सुमन को फोन किया गया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।  

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