गर्दनीबाग में KYP केंद्र संचालकों की भूख हड़ताल शुरू:5 सितंबर को CM सचिवालय तक निकलेगा मौन जुलूस, कहा- लड़ाई जीतेंगे नहीं तो प्राण दे देंगे

गर्दनीबाग में KYP केंद्र संचालकों की भूख हड़ताल शुरू:5 सितंबर को CM सचिवालय तक निकलेगा मौन जुलूस, कहा- लड़ाई जीतेंगे नहीं तो प्राण दे देंगे

बिहार सरकार की कुशल युवा कार्यक्रम (KYP) योजना से जुड़े केंद्र संचालकों का आंदोलन आज तेज हो गया। विभिन्न मांगों को लेकर पहले से गर्दनीबाग धरना स्थल पर आंदोलन कर रहे KYP केंद्र संचालकों ने आज से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। इसके समर्थन में राज्य के विभिन्न जिलों से पटना पहुंचे केंद्र संचालकों ने समर्थन रैली भी निकाली। इनके साथ ही पूरे बिहार भर से अभ्यर्थी भी पहुंचे जो ट्रेनिंग सेंटर पर ट्रेनिंग ले रहे थे। KYP केंद्र संचालकों का कहना है कि युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग तथा बिहार कौशल विकास मिशन से जुड़े कई मुद्दों के कारण राज्यभर के केंद्र संचालक लंबे समय से संकट का सामना कर रहे हैं। उनका आरोप है कि लगातार धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन देने के बावजूद उनकी मांगों पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। देखें तस्वीरें… 25 अगस्त से जारी है गर्दनीबाग में धरना KYP केंद्र संचालकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर इससे पहले 20 अगस्त 2026 को विरोध-प्रदर्शन किया था। इसके बाद 25 अगस्त से पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया गया, जो लगातार जारी रहा। आंदोलनकारियों के अनुसार, धरने और लगातार सरकार एवं संबंधित विभागों के समक्ष अपनी बात रखने के बावजूद समस्याओं के समाधान की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई। इसके बाद आंदोलन को और व्यापक और तेज करने का निर्णय लिया गया। आज से शुरू हुई अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल गर्दनीबाग धरना स्थल पर आज से सामूहिक KYP केंद्र संचालकों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की। भूख हड़ताल में शामिल संचालकों ने कहा कि KYP योजना से जुड़े हजारों केंद्र संचालक और उनके परिवार वर्तमान स्थिति से प्रभावित हैं। ऐसे में उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जाना आवश्यक है। जब तक उनकी प्रमुख समस्याओं के समाधान को लेकर ठोस पहल नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। जितेंद्र तिवारी ने कहा, 1 तारीख से हम लोग सामूहिक रूप से भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। इससे पहले हम यहां 7 दिनों तक धरना दे चुके हैं, लेकिन मंत्री जी बार-बार बयान दे रहे हैं कि धरने पर बैठे सभी लोग फर्जी हैं। इसलिए आज हम लोग BSD में जाकर उन्हें दिखा चुके हैं कि आखिर कौन फर्जी है। अगर मैं फर्जी नहीं हूं तो मंत्री जी खुद देख लें। मैं आपको बता देना चाहता हूं कि आज से हमारी भूख हड़ताल शुरू हो गई है। अगर इन लोगों ने इतने सारे लोगों से एक बार प्यार और सम्मान के साथ बात कर ली होती, तो शायद मामला यहीं खत्म हो गया होता। मैं उनसे न सोना मांग रहा हूं और न चांदी। मैं सिर्फ इतना पूछ रहा हूं कि जिस सॉफ्टवेयर को करीब पांच महीने पहले 100 करोड़ रुपये खर्च कर लॉन्च कराया गया, उसे महज चार महीने के भीतर बंद क्यों कर दिया गया? मंत्री जी को इस पैसे का हिसाब देना पड़ेगा कि यह 100 करोड़ रुपये कहां से आए और कहां खर्च हुए। कहा- 5 लाख 44 हजार बच्चों को प्रशिक्षित करना था आप लोगों ने 100 करोड़ रुपये खर्च कर एक नया सॉफ्टवेयर बनाया, पार्टनर खोजकर लाए और फिर कुछ ही महीनों में वह सॉफ्टवेयर आउटडेटेड हो गया। अगर 1 अप्रैल से ही वह आउटडेटेड हो गया था, तो इस पूरी व्यवस्था का जवाब कौन देगा? जनवरी से लेकर अब तक आपको 5 लाख 44 हजार बच्चों को प्रशिक्षित करना था। आखिर आपने कितने बच्चों को प्रशिक्षित किया? पहले इसका हिसाब दीजिए। एक और बात कहना चाहता हूं। यहां बैठे कुछ लोग खुद को बहुत विद्वान बताते हैं, पता नहीं किस यूनिवर्सिटी से पढ़कर आए हैं। लेकिन इन्हें शायद यह भी नहीं पता कि एक साल 12 महीने का होता है, जबकि इनके हिसाब से हर साल 11 महीने का ही होता है। मैं अब यहां से या तो अपनी लड़ाई जीतकर जाऊंगा, नहीं तो अपने प्राण दे दूंगा।” दिव्या कुमारी ने कहा, हम गोपालगंज से आए हैं। हमारा KYP सेंटर रिकॉर्ड बेसिस पर चलता है। हमारा DRCC वेरिफिकेशन मार्च में ही हो गया था। छात्रों का जो 1000 रुपये वाला भुगतान होता है, उसका लिंक अभी भी DRCC वेरिफिकेशन से जुड़ा हुआ है और भुगतान की प्रक्रिया भी हो रही है, लेकिन हमारे सेंटर में क्लास सेशन शुरू नहीं हो रहा है। हम लगातार अधिकारियों से पूछ रहे हैं कि हमारे यहां क्लास सेशन कब शुरू होगा। कभी 15 तारीख तो कभी 20 तारीख बताई जाती है, लेकिन अब तक सिस्टम शुरू ही नहीं किया गया है। पहले हमें लगता था कि अधिकारी हमें सिर्फ भ्रमित कर रहे हैं। जब DRCC वेरिफिकेशन हो चुका है और भुगतान भी हो रहा है, तो फिर हमारी कक्षाएं क्यों नहीं चल रही हैं? दिव्या ने कहा, बाद में हमें पता चला कि ऊपर के स्तर पर ही सिस्टम में कुछ गड़बड़ी है और KYP का सिस्टम चालू नहीं किया जा रहा है। बिना किसी स्पष्ट कारण या जानकारी के इसे बंद कर दिया गया है। आज के समय में कंप्यूटर स्किल का बहुत ज्यादा महत्व है। हर क्षेत्र में कंप्यूटर की जानकारी आवश्यक है। ऐसे में कंप्यूटर स्किल से जुड़े इस कार्यक्रम को बंद करना बिल्कुल भी उचित नहीं है।
इसी के विरोध में हम लोग यहां पटना आए हैं। हम बारिश में पूरी तरह भीग चुके हैं और भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं, लेकिन कौशल विकास विभाग के अधिकारियों को हमारी स्थिति दिखाई नहीं दे रही है। शिक्षक दिवस पर सचिवालय एवं आवास तक निकलेगा मौन जुलूस आंदोलन को आगे भी जारी रखने की घोषणा की गई है। KYP केंद्र संचालकों ने बताया कि शिक्षक दिवस के अवसर पर 5 सितंबर 2026 को शांतिपूर्ण मौन जुलूस निकाला जाएगा। यह मौन जुलूस पूर्वाह्न 11:30 बजे गर्दनीबाग धरना स्थल से शुरू होगा और मुख्यमंत्री सचिवालय एवं आवास की ओर जाएगा। आंदोलनकारियों का कहना है कि शिक्षक दिवस के अवसर पर मौन जुलूस निकालकर वे सरकार तक अपनी बात शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से पहुंचाने का प्रयास करेंगे। बिहार सरकार की कुशल युवा कार्यक्रम (KYP) योजना से जुड़े केंद्र संचालकों का आंदोलन आज तेज हो गया। विभिन्न मांगों को लेकर पहले से गर्दनीबाग धरना स्थल पर आंदोलन कर रहे KYP केंद्र संचालकों ने आज से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। इसके समर्थन में राज्य के विभिन्न जिलों से पटना पहुंचे केंद्र संचालकों ने समर्थन रैली भी निकाली। इनके साथ ही पूरे बिहार भर से अभ्यर्थी भी पहुंचे जो ट्रेनिंग सेंटर पर ट्रेनिंग ले रहे थे। KYP केंद्र संचालकों का कहना है कि युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग तथा बिहार कौशल विकास मिशन से जुड़े कई मुद्दों के कारण राज्यभर के केंद्र संचालक लंबे समय से संकट का सामना कर रहे हैं। उनका आरोप है कि लगातार धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन देने के बावजूद उनकी मांगों पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। देखें तस्वीरें… 25 अगस्त से जारी है गर्दनीबाग में धरना KYP केंद्र संचालकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर इससे पहले 20 अगस्त 2026 को विरोध-प्रदर्शन किया था। इसके बाद 25 अगस्त से पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया गया, जो लगातार जारी रहा। आंदोलनकारियों के अनुसार, धरने और लगातार सरकार एवं संबंधित विभागों के समक्ष अपनी बात रखने के बावजूद समस्याओं के समाधान की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई। इसके बाद आंदोलन को और व्यापक और तेज करने का निर्णय लिया गया। आज से शुरू हुई अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल गर्दनीबाग धरना स्थल पर आज से सामूहिक KYP केंद्र संचालकों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की। भूख हड़ताल में शामिल संचालकों ने कहा कि KYP योजना से जुड़े हजारों केंद्र संचालक और उनके परिवार वर्तमान स्थिति से प्रभावित हैं। ऐसे में उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जाना आवश्यक है। जब तक उनकी प्रमुख समस्याओं के समाधान को लेकर ठोस पहल नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। जितेंद्र तिवारी ने कहा, 1 तारीख से हम लोग सामूहिक रूप से भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। इससे पहले हम यहां 7 दिनों तक धरना दे चुके हैं, लेकिन मंत्री जी बार-बार बयान दे रहे हैं कि धरने पर बैठे सभी लोग फर्जी हैं। इसलिए आज हम लोग BSD में जाकर उन्हें दिखा चुके हैं कि आखिर कौन फर्जी है। अगर मैं फर्जी नहीं हूं तो मंत्री जी खुद देख लें। मैं आपको बता देना चाहता हूं कि आज से हमारी भूख हड़ताल शुरू हो गई है। अगर इन लोगों ने इतने सारे लोगों से एक बार प्यार और सम्मान के साथ बात कर ली होती, तो शायद मामला यहीं खत्म हो गया होता। मैं उनसे न सोना मांग रहा हूं और न चांदी। मैं सिर्फ इतना पूछ रहा हूं कि जिस सॉफ्टवेयर को करीब पांच महीने पहले 100 करोड़ रुपये खर्च कर लॉन्च कराया गया, उसे महज चार महीने के भीतर बंद क्यों कर दिया गया? मंत्री जी को इस पैसे का हिसाब देना पड़ेगा कि यह 100 करोड़ रुपये कहां से आए और कहां खर्च हुए। कहा- 5 लाख 44 हजार बच्चों को प्रशिक्षित करना था आप लोगों ने 100 करोड़ रुपये खर्च कर एक नया सॉफ्टवेयर बनाया, पार्टनर खोजकर लाए और फिर कुछ ही महीनों में वह सॉफ्टवेयर आउटडेटेड हो गया। अगर 1 अप्रैल से ही वह आउटडेटेड हो गया था, तो इस पूरी व्यवस्था का जवाब कौन देगा? जनवरी से लेकर अब तक आपको 5 लाख 44 हजार बच्चों को प्रशिक्षित करना था। आखिर आपने कितने बच्चों को प्रशिक्षित किया? पहले इसका हिसाब दीजिए। एक और बात कहना चाहता हूं। यहां बैठे कुछ लोग खुद को बहुत विद्वान बताते हैं, पता नहीं किस यूनिवर्सिटी से पढ़कर आए हैं। लेकिन इन्हें शायद यह भी नहीं पता कि एक साल 12 महीने का होता है, जबकि इनके हिसाब से हर साल 11 महीने का ही होता है। मैं अब यहां से या तो अपनी लड़ाई जीतकर जाऊंगा, नहीं तो अपने प्राण दे दूंगा।” दिव्या कुमारी ने कहा, हम गोपालगंज से आए हैं। हमारा KYP सेंटर रिकॉर्ड बेसिस पर चलता है। हमारा DRCC वेरिफिकेशन मार्च में ही हो गया था। छात्रों का जो 1000 रुपये वाला भुगतान होता है, उसका लिंक अभी भी DRCC वेरिफिकेशन से जुड़ा हुआ है और भुगतान की प्रक्रिया भी हो रही है, लेकिन हमारे सेंटर में क्लास सेशन शुरू नहीं हो रहा है। हम लगातार अधिकारियों से पूछ रहे हैं कि हमारे यहां क्लास सेशन कब शुरू होगा। कभी 15 तारीख तो कभी 20 तारीख बताई जाती है, लेकिन अब तक सिस्टम शुरू ही नहीं किया गया है। पहले हमें लगता था कि अधिकारी हमें सिर्फ भ्रमित कर रहे हैं। जब DRCC वेरिफिकेशन हो चुका है और भुगतान भी हो रहा है, तो फिर हमारी कक्षाएं क्यों नहीं चल रही हैं? दिव्या ने कहा, बाद में हमें पता चला कि ऊपर के स्तर पर ही सिस्टम में कुछ गड़बड़ी है और KYP का सिस्टम चालू नहीं किया जा रहा है। बिना किसी स्पष्ट कारण या जानकारी के इसे बंद कर दिया गया है। आज के समय में कंप्यूटर स्किल का बहुत ज्यादा महत्व है। हर क्षेत्र में कंप्यूटर की जानकारी आवश्यक है। ऐसे में कंप्यूटर स्किल से जुड़े इस कार्यक्रम को बंद करना बिल्कुल भी उचित नहीं है।
इसी के विरोध में हम लोग यहां पटना आए हैं। हम बारिश में पूरी तरह भीग चुके हैं और भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं, लेकिन कौशल विकास विभाग के अधिकारियों को हमारी स्थिति दिखाई नहीं दे रही है। शिक्षक दिवस पर सचिवालय एवं आवास तक निकलेगा मौन जुलूस आंदोलन को आगे भी जारी रखने की घोषणा की गई है। KYP केंद्र संचालकों ने बताया कि शिक्षक दिवस के अवसर पर 5 सितंबर 2026 को शांतिपूर्ण मौन जुलूस निकाला जाएगा। यह मौन जुलूस पूर्वाह्न 11:30 बजे गर्दनीबाग धरना स्थल से शुरू होगा और मुख्यमंत्री सचिवालय एवं आवास की ओर जाएगा। आंदोलनकारियों का कहना है कि शिक्षक दिवस के अवसर पर मौन जुलूस निकालकर वे सरकार तक अपनी बात शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से पहुंचाने का प्रयास करेंगे।  

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