बेगूसराय में गौतम धाम मंदिर परिसर में बुधवार की देर रात असामाजिक तत्व ने मां गायत्री, हनुमानजी और मां जगदंबा की मूर्तियां तोड़ दी। मंदिर के पुजारी ने बताया कि मंदिर में रखी भारी-भरकम ‘गरुड़ घंटी’ से आरोपी ने मूर्तियां तोड़ी है। मूर्तियां तोड़ने के बाद वो मंदिर के लाइट्स बंद कर रहा था। इसी दौरान एक स्विच दबा गया और मंदिर में लगा साउंड सिस्टम बजने लगा। परिसर में मौजूद 3 कुत्ते भौंकने लगे। जिसके बाद पुजारी और आसपास के ग्रामीणों की नींद टूटी। वे लोग दौड़े तो आरोपी सामान तोड़फोड़ कर रहा था। लोगों ने उसे पकड़ा और पुलिस के हवाले कर दिया। आरोपी की पहचान यूपी के आजमगढ़ के रहने वाले उमेश कुमार का बेटा गोविंदा (32) है। जो विक्षिप्त है। घटना मुफस्सिल थाना क्षेत्र के खम्हार गांव की है। कुछ तस्वीरें… छत के रास्ते मंदिर में घुसा आरोपी पुजारी रामशंकर दास ने बताया कि घटना करीब रात 2 बजे की है। मंदिर का द्वार बंद था। आरोपी छत के रास्ते मंदिर में घुसा। गर्भगृह की चाबी दानपेटी के नीचे रखी थी। संयोग से आरोपी ने दानपेटी उठाकर फेंक दिया, जिससे गर्भगृह की चाबी उसके हाथ लग गई। चाबी मिलते ही उसने गर्भगृह का दरवाजा खोला। इसके बाद मूर्तियों को तोड़ने लगा। लोगों को देखते ही आरोपी भागने लगा, लेकिन ग्रामीणों ने पीछा कर पकड़ लिया। संदिग्ध गतिविधि पर मैं मंदिर के पास पहुंचा प्रत्यक्षदर्शी गंगेश सिंह ने बताया कि रात 2 बजे साउंड और शोर की आवाज सुनकर मेरी नींद खुली। घर के गेट से देखा तो मंदिर के ऊपर एक युवक घूमता हुआ दिखाई दिया। शुरुआत में मुझे लगा कि मंदिर के पुजारी जी सफाई कर रहे हैं। लेकिन लगभग पौने घंटे तक जब उसकी संदिग्ध गतिविधियां जारी रही, तो मुझे शक हुआ और मैं मंदिर के पास पहुंचा। उससे पूछा कि तुम यहां क्या कर रहे हो, तो उसने धमकी देते हुए कहा कि ‘तुम्हें क्या काम है, यहां से चले जाओ, मैं यहां का पुजारी हूं। उसकी बात सुनकर मुझे पक्का यकीन हो गया कि वह कोई अराजक तत्व है। 3 घंटे के बाद आई पुलिस मंदिर के पुजारी और ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी का मकसद चोरी करना नहीं था। उसने दानपेटी को गिराया जरूर था, लेकिन उसके अंदर का मुख्य लॉकर सुरक्षित था और उसमें से कोई नकदी गायब नहीं है। आरोपी केवल मूर्तियों को नुकसान पहुंचाने के इरादे से आया था। पकड़ा गया युवक कभी खुद को पागल दिखाने का नाटक करता है तो कभी सामान्य व्यवहार करने लगता। घटना के बाद ग्रामीणों ने डायल-112 को सूचना दी। तीन घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर थाने गई। ग्रामीणों ने प्रशासन से गौतम धाम मंदिर की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। कहा कि पहले पुलिस की गश्ती गाड़ियां इलाके में नियमित रूप से आती थी, लेकिन अब पुलिस गश्त पूरी तरह बंद हो चुकी है।
कुछ दिन पहले बेगूसराय से आया था आरोपी मुफस्सिल थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने बताया कि प्रतिमा खंडित किए जाने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर थाना लाया गया। पूछताछ में पता चला है कि आरोपी यूपी के आजमगढ़ के रहने वाला है। यह अर्धविक्षिप्त है और कुछ दिन पहले ट्रेन से किसी तरह यहां आ गया है। पूछताछ और आगे की कार्रवाई चल रही है। बेगूसराय में गौतम धाम मंदिर परिसर में बुधवार की देर रात असामाजिक तत्व ने मां गायत्री, हनुमानजी और मां जगदंबा की मूर्तियां तोड़ दी। मंदिर के पुजारी ने बताया कि मंदिर में रखी भारी-भरकम ‘गरुड़ घंटी’ से आरोपी ने मूर्तियां तोड़ी है। मूर्तियां तोड़ने के बाद वो मंदिर के लाइट्स बंद कर रहा था। इसी दौरान एक स्विच दबा गया और मंदिर में लगा साउंड सिस्टम बजने लगा। परिसर में मौजूद 3 कुत्ते भौंकने लगे। जिसके बाद पुजारी और आसपास के ग्रामीणों की नींद टूटी। वे लोग दौड़े तो आरोपी सामान तोड़फोड़ कर रहा था। लोगों ने उसे पकड़ा और पुलिस के हवाले कर दिया। आरोपी की पहचान यूपी के आजमगढ़ के रहने वाले उमेश कुमार का बेटा गोविंदा (32) है। जो विक्षिप्त है। घटना मुफस्सिल थाना क्षेत्र के खम्हार गांव की है। कुछ तस्वीरें… छत के रास्ते मंदिर में घुसा आरोपी पुजारी रामशंकर दास ने बताया कि घटना करीब रात 2 बजे की है। मंदिर का द्वार बंद था। आरोपी छत के रास्ते मंदिर में घुसा। गर्भगृह की चाबी दानपेटी के नीचे रखी थी। संयोग से आरोपी ने दानपेटी उठाकर फेंक दिया, जिससे गर्भगृह की चाबी उसके हाथ लग गई। चाबी मिलते ही उसने गर्भगृह का दरवाजा खोला। इसके बाद मूर्तियों को तोड़ने लगा। लोगों को देखते ही आरोपी भागने लगा, लेकिन ग्रामीणों ने पीछा कर पकड़ लिया। संदिग्ध गतिविधि पर मैं मंदिर के पास पहुंचा प्रत्यक्षदर्शी गंगेश सिंह ने बताया कि रात 2 बजे साउंड और शोर की आवाज सुनकर मेरी नींद खुली। घर के गेट से देखा तो मंदिर के ऊपर एक युवक घूमता हुआ दिखाई दिया। शुरुआत में मुझे लगा कि मंदिर के पुजारी जी सफाई कर रहे हैं। लेकिन लगभग पौने घंटे तक जब उसकी संदिग्ध गतिविधियां जारी रही, तो मुझे शक हुआ और मैं मंदिर के पास पहुंचा। उससे पूछा कि तुम यहां क्या कर रहे हो, तो उसने धमकी देते हुए कहा कि ‘तुम्हें क्या काम है, यहां से चले जाओ, मैं यहां का पुजारी हूं। उसकी बात सुनकर मुझे पक्का यकीन हो गया कि वह कोई अराजक तत्व है। 3 घंटे के बाद आई पुलिस मंदिर के पुजारी और ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी का मकसद चोरी करना नहीं था। उसने दानपेटी को गिराया जरूर था, लेकिन उसके अंदर का मुख्य लॉकर सुरक्षित था और उसमें से कोई नकदी गायब नहीं है। आरोपी केवल मूर्तियों को नुकसान पहुंचाने के इरादे से आया था। पकड़ा गया युवक कभी खुद को पागल दिखाने का नाटक करता है तो कभी सामान्य व्यवहार करने लगता। घटना के बाद ग्रामीणों ने डायल-112 को सूचना दी। तीन घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर थाने गई। ग्रामीणों ने प्रशासन से गौतम धाम मंदिर की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। कहा कि पहले पुलिस की गश्ती गाड़ियां इलाके में नियमित रूप से आती थी, लेकिन अब पुलिस गश्त पूरी तरह बंद हो चुकी है।
कुछ दिन पहले बेगूसराय से आया था आरोपी मुफस्सिल थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने बताया कि प्रतिमा खंडित किए जाने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर थाना लाया गया। पूछताछ में पता चला है कि आरोपी यूपी के आजमगढ़ के रहने वाला है। यह अर्धविक्षिप्त है और कुछ दिन पहले ट्रेन से किसी तरह यहां आ गया है। पूछताछ और आगे की कार्रवाई चल रही है।

