मोतिहारी के सुगौली प्रखंड की सुकुल पाकड़ पंचायत के बेलवतिया गांव स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय में रविवार को भाकपा-माले ने जनसंवाद सभा का आयोजन किया। सभा की अध्यक्षता प्रखंड सचिव मो. इसराफिल और शिला देवी ने संयुक्त रूप से की। इस कार्यक्रम में ऐपवा की जिला संयोजक शबनम खातून, माले जिला सचिव संजय कुमार सहित पार्टी के कई नेता और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभा को संबोधित करते हुए माले नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकारों पर गरीब, भूमिहीन और वंचित परिवारों की अनदेखी का आरोप लगाया। गरीब परिवारों के घरों पर चलाया बुलडोजर वक्ताओं ने कहा कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर गरीब परिवारों को उनके घरों से बेदखल किया जा रहा है और कई जगहों पर उनके घरों पर बुलडोजर चलाए जा रहे हैं। पार्टी ने इन कार्रवाइयों के खिलाफ गांव-गांव जनसंवाद और आंदोलन चलाने की घोषणा की। नेताओं ने मांग की कि जिन परिवारों के पास रहने के लिए जमीन नहीं है, उन्हें आवास के लिए भूमि उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने सरकार से गरीबों को उजाड़ने के बजाय उनके पुनर्वास और स्थायी आवास की व्यवस्था करने का आग्रह किया। सभा में भूमिहीन परिवारों के अधिकारों के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करने का भी निर्णय लिया गया। स्वरोजगार के लिए ब्याज-मुक्त लोन की मांग महिलाओं की आर्थिक समस्याओं का मुद्दा भी सभा में प्रमुखता से उठाया गया। वक्ताओं ने माइक्रोफाइनेंस कंपनियों से लिए गए महिलाओं के कर्ज को माफ करने तथा रोजगार और स्वरोजगार के लिए ब्याज-मुक्त ऋण उपलब्ध कराने की मांग की। ऐपवा ने गांव-गांव अभियान चलाकर अधिक से अधिक महिलाओं को संगठन से जोड़ने की बात कही। गरीब बच्चे शिक्षा के लिए सरकारी विद्यालयों पर निर्भर माले नेताओं ने सरकारी स्कूलों की बदहाल व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों के बच्चों की शिक्षा सरकारी विद्यालयों पर निर्भर है, लेकिन कई स्कूलों में संसाधनों और मूलभूत सुविधाओं की कमी है। शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए अभिभावकों को संगठित कर गांव-गांव अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। सभा के दौरान ग्रामीणों ने भी अपनी स्थानीय समस्याएं नेताओं के समक्ष रखीं और उनके समाधान के लिए आंदोलन में सहयोग का आश्वासन दिया। मोतिहारी के सुगौली प्रखंड की सुकुल पाकड़ पंचायत के बेलवतिया गांव स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय में रविवार को भाकपा-माले ने जनसंवाद सभा का आयोजन किया। सभा की अध्यक्षता प्रखंड सचिव मो. इसराफिल और शिला देवी ने संयुक्त रूप से की। इस कार्यक्रम में ऐपवा की जिला संयोजक शबनम खातून, माले जिला सचिव संजय कुमार सहित पार्टी के कई नेता और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभा को संबोधित करते हुए माले नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकारों पर गरीब, भूमिहीन और वंचित परिवारों की अनदेखी का आरोप लगाया। गरीब परिवारों के घरों पर चलाया बुलडोजर वक्ताओं ने कहा कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर गरीब परिवारों को उनके घरों से बेदखल किया जा रहा है और कई जगहों पर उनके घरों पर बुलडोजर चलाए जा रहे हैं। पार्टी ने इन कार्रवाइयों के खिलाफ गांव-गांव जनसंवाद और आंदोलन चलाने की घोषणा की। नेताओं ने मांग की कि जिन परिवारों के पास रहने के लिए जमीन नहीं है, उन्हें आवास के लिए भूमि उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने सरकार से गरीबों को उजाड़ने के बजाय उनके पुनर्वास और स्थायी आवास की व्यवस्था करने का आग्रह किया। सभा में भूमिहीन परिवारों के अधिकारों के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करने का भी निर्णय लिया गया। स्वरोजगार के लिए ब्याज-मुक्त लोन की मांग महिलाओं की आर्थिक समस्याओं का मुद्दा भी सभा में प्रमुखता से उठाया गया। वक्ताओं ने माइक्रोफाइनेंस कंपनियों से लिए गए महिलाओं के कर्ज को माफ करने तथा रोजगार और स्वरोजगार के लिए ब्याज-मुक्त ऋण उपलब्ध कराने की मांग की। ऐपवा ने गांव-गांव अभियान चलाकर अधिक से अधिक महिलाओं को संगठन से जोड़ने की बात कही। गरीब बच्चे शिक्षा के लिए सरकारी विद्यालयों पर निर्भर माले नेताओं ने सरकारी स्कूलों की बदहाल व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों के बच्चों की शिक्षा सरकारी विद्यालयों पर निर्भर है, लेकिन कई स्कूलों में संसाधनों और मूलभूत सुविधाओं की कमी है। शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए अभिभावकों को संगठित कर गांव-गांव अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। सभा के दौरान ग्रामीणों ने भी अपनी स्थानीय समस्याएं नेताओं के समक्ष रखीं और उनके समाधान के लिए आंदोलन में सहयोग का आश्वासन दिया।

