शहर में 10 से 22 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले गरबा और डांडिया नाइट कार्यक्रमों को लेकर अग्निशमन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने आयोजकों को अग्नि सुरक्षा के सभी मानकों का पालन करने और अनिवार्य रूप से एनओसी लेने का निर्देश दिया है। बिना एनओसी कार्यक्रम आयोजित करने पर अनुमति रद्द की जा सकती है। हादसे की स्थिति में आयोजकों की जवाबदेही तय होगी। यह जानकारी बोकारो अग्निशमन पदाधिकारी भगवान ओझा और चास के अग्निशमन पदाधिकारी विनोद कुमार सिंह ने दी। जिले में 10 से अधिक स्थानों पर गरबा-डांडिया कार्यक्रम होते हैं, जिनमें हजारों लोग शामिल होते हैं। इसके बावजूद कई आयोजकों ने अब तक एनओसी के लिए आवेदन नहीं किया है। अंतिम समय में आवेदन मिलने से स्थल की जांच और अनुमति जारी करने में परेशानी होती है। आयोजन स्थल तक दमकल वाहनों का रास्ता खाली रखना होगा। पंडाल में ज्वलनशील सजावटी सामग्री प्रतिबंधित रहेगी तथा कपड़ों को फायर रिटार्डेंट सॉल्यूशन से उपचारित करना होगा। प्रवेश और निकास द्वार अलग-अलग रखने होंगे। गेट कम से कम 2.1 मीटर ऊंचे और 1.25 मीटर चौड़े होने चाहिए। बिजली का काम लाइसेंसी ठेकेदार से कराने और आतिशबाजी पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। आयोजन स्थल पर छह एबीसी अग्निशामक, चार सीओ2 अग्निशामक, छह वाटर-सीओ2 यंत्र, बालू-पानी की बाल्टियां रखने होंगे। शहर में 10 से 22 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले गरबा और डांडिया नाइट कार्यक्रमों को लेकर अग्निशमन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने आयोजकों को अग्नि सुरक्षा के सभी मानकों का पालन करने और अनिवार्य रूप से एनओसी लेने का निर्देश दिया है। बिना एनओसी कार्यक्रम आयोजित करने पर अनुमति रद्द की जा सकती है। हादसे की स्थिति में आयोजकों की जवाबदेही तय होगी। यह जानकारी बोकारो अग्निशमन पदाधिकारी भगवान ओझा और चास के अग्निशमन पदाधिकारी विनोद कुमार सिंह ने दी। जिले में 10 से अधिक स्थानों पर गरबा-डांडिया कार्यक्रम होते हैं, जिनमें हजारों लोग शामिल होते हैं। इसके बावजूद कई आयोजकों ने अब तक एनओसी के लिए आवेदन नहीं किया है। अंतिम समय में आवेदन मिलने से स्थल की जांच और अनुमति जारी करने में परेशानी होती है। आयोजन स्थल तक दमकल वाहनों का रास्ता खाली रखना होगा। पंडाल में ज्वलनशील सजावटी सामग्री प्रतिबंधित रहेगी तथा कपड़ों को फायर रिटार्डेंट सॉल्यूशन से उपचारित करना होगा। प्रवेश और निकास द्वार अलग-अलग रखने होंगे। गेट कम से कम 2.1 मीटर ऊंचे और 1.25 मीटर चौड़े होने चाहिए। बिजली का काम लाइसेंसी ठेकेदार से कराने और आतिशबाजी पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। आयोजन स्थल पर छह एबीसी अग्निशामक, चार सीओ2 अग्निशामक, छह वाटर-सीओ2 यंत्र, बालू-पानी की बाल्टियां रखने होंगे।

