गयाजी जिले के फतेहपुर प्रखंड के गुरपा स्थित हिंदू और बौद्ध धर्म के संगम स्थल गुरुपदगिरि पर्वत पर शनिवार को हुए वज्रपात के दूसरे दिन से ही हालात धीरे-धीरे सामान्य होने लगे हैं। हालांकि, मौसम और वज्रपात की वजह से हादसे को लेकर श्रद्धालु, पर्यटकों के बीच खौफ है। दूसरी ओर हादसे में घायल श्रद्धालुओं का इलाज मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल और फतेहपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है। बताया जा रहा है कि जिन घायलों की स्थिति सामान्य थी, उन्हें इलाज के बाद अस्पताल से तुरंत छुट्टी दे दी गई है। खौफ में लोगों ने पहाड़ की चढ़ाई नहीं की हादसे के एक दिन बाद भी गुरपा के लोगों में वज्रपात का खौफ बना हुआ है। रविवार को गांव के अधिकांश लोगों ने पहाड़ की चढ़ाई नहीं की। आम दिनों में जहां पहाड़ पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही रहती है, वहीं रविवार को स्थानीय लोगों की संख्या काफी कम रही। बाहरी लोगों के बीच मामूली डर देखा गया। हालांकि, बाहर से आने वाले पर्यटकों का गुरपा पहुंचना जारी रहा। सुबह गया-आसनसोल पैसेंजर ट्रेन से भी पर्यटक गुरपा पहुंचे। इसके अलावा निजी वाहनों से भी लोग पहुंचे। कई पर्यटक पहाड़ की चोटी की ओर गए, लेकिन शनिवार की घटना के बाद बदले मौसम को लेकर उनके बीच भी डर साफ दिखा। तलहटी में कैंप लगाकर निगरानी हादसे के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। पहाड़ की तलहटी में प्रशासनिक टीम कैंप कर रही है। अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को पहाड़ के रास्ते, संकरी पहाड़ी गुफा और तलहटी में तैनात किया गया है। टीम लगातार स्थिति पर नजर रख रही है। गुरपा बीडीओ शशिभूषण साहू ने बताया,’पहाड़ पर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को लगातार सतर्क किया जा रहा है। उन्हें मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है।’ थानाध्यक्ष शिवनंदन कुमार ने कहा, ‘मौसम खराब होने पर किसी तरह का जोखिम नहीं लेना है। तेज बारिश या बादल गरजने की स्थिति में तत्काल पहाड़ से नीचे उतर जाना चाहिए। प्रशासन की टीम भी ऐसे समय में लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए सक्रिय रहेगी।’ पेड़ और गुफा के पास नहीं रुकें प्रशासन ने बारिश और वज्रपात के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों से पेड़ के नीचे नहीं रुकने को कहा गया है। गुफा और खुले ऊंचे स्थानों के पास भी खड़े नहीं होने की सलाह दी गई है। गौरतलब है कि शनिवार को इसी तरह के मौसम के बीच गुरुपदगिरि पर्वत पर वज्रपात हुआ था। इसमें कई श्रद्धालु इसकी चपेट में आ गए थे। एक युवक की मौत भी हो गई थी। घटना के बाद से प्रशासन सुरक्षा को लेकर खास सतर्क है। वहीं, स्थानीय लोगों में अभी भी शनिवार की घटना का डर बना हुआ है। गयाजी जिले के फतेहपुर प्रखंड के गुरपा स्थित हिंदू और बौद्ध धर्म के संगम स्थल गुरुपदगिरि पर्वत पर शनिवार को हुए वज्रपात के दूसरे दिन से ही हालात धीरे-धीरे सामान्य होने लगे हैं। हालांकि, मौसम और वज्रपात की वजह से हादसे को लेकर श्रद्धालु, पर्यटकों के बीच खौफ है। दूसरी ओर हादसे में घायल श्रद्धालुओं का इलाज मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल और फतेहपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है। बताया जा रहा है कि जिन घायलों की स्थिति सामान्य थी, उन्हें इलाज के बाद अस्पताल से तुरंत छुट्टी दे दी गई है। खौफ में लोगों ने पहाड़ की चढ़ाई नहीं की हादसे के एक दिन बाद भी गुरपा के लोगों में वज्रपात का खौफ बना हुआ है। रविवार को गांव के अधिकांश लोगों ने पहाड़ की चढ़ाई नहीं की। आम दिनों में जहां पहाड़ पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही रहती है, वहीं रविवार को स्थानीय लोगों की संख्या काफी कम रही। बाहरी लोगों के बीच मामूली डर देखा गया। हालांकि, बाहर से आने वाले पर्यटकों का गुरपा पहुंचना जारी रहा। सुबह गया-आसनसोल पैसेंजर ट्रेन से भी पर्यटक गुरपा पहुंचे। इसके अलावा निजी वाहनों से भी लोग पहुंचे। कई पर्यटक पहाड़ की चोटी की ओर गए, लेकिन शनिवार की घटना के बाद बदले मौसम को लेकर उनके बीच भी डर साफ दिखा। तलहटी में कैंप लगाकर निगरानी हादसे के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। पहाड़ की तलहटी में प्रशासनिक टीम कैंप कर रही है। अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को पहाड़ के रास्ते, संकरी पहाड़ी गुफा और तलहटी में तैनात किया गया है। टीम लगातार स्थिति पर नजर रख रही है। गुरपा बीडीओ शशिभूषण साहू ने बताया,’पहाड़ पर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को लगातार सतर्क किया जा रहा है। उन्हें मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है।’ थानाध्यक्ष शिवनंदन कुमार ने कहा, ‘मौसम खराब होने पर किसी तरह का जोखिम नहीं लेना है। तेज बारिश या बादल गरजने की स्थिति में तत्काल पहाड़ से नीचे उतर जाना चाहिए। प्रशासन की टीम भी ऐसे समय में लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए सक्रिय रहेगी।’ पेड़ और गुफा के पास नहीं रुकें प्रशासन ने बारिश और वज्रपात के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों से पेड़ के नीचे नहीं रुकने को कहा गया है। गुफा और खुले ऊंचे स्थानों के पास भी खड़े नहीं होने की सलाह दी गई है। गौरतलब है कि शनिवार को इसी तरह के मौसम के बीच गुरुपदगिरि पर्वत पर वज्रपात हुआ था। इसमें कई श्रद्धालु इसकी चपेट में आ गए थे। एक युवक की मौत भी हो गई थी। घटना के बाद से प्रशासन सुरक्षा को लेकर खास सतर्क है। वहीं, स्थानीय लोगों में अभी भी शनिवार की घटना का डर बना हुआ है।

