गयाजी में दुर्गा पूजा पर DM-SSP ने संभाला मोर्चा:पूजा पंडालों से लेकर विसर्जन घाट तक सख्त निगरानी; CCTV और अग्निशमन की व्यवस्था अनिवार्य

गयाजी में दुर्गा पूजा पर DM-SSP ने संभाला मोर्चा:पूजा पंडालों से लेकर विसर्जन घाट तक सख्त निगरानी; CCTV और अग्निशमन की व्यवस्था अनिवार्य

गयाजी जिला प्रशासन दुर्गा पूजा के लिए पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं। जिलाधिकारी शशांक शुभंकर और वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार ने पूजा पंडालों, रावण दहन, मूर्ति विसर्जन स्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा इंतजामों की पड़ताल की गई। इसमें अग्निशमन, CCTV निगरानी, प्रवेश-निकास द्वार, पहुंच पथ, बिजली के तार, बैरिकेडिंग और रोशनी जैसे बिंदु शामिल थे। प्रशासन की प्राथमिकता है कि श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो और भीड़ अनियंत्रित न हो। DM और SSP ने रुक्मिणी सरोवर, मां मंगला गौरी मंदिर के पास, सीता कुंड और रसलपुर स्थित रावण दहन व मूर्ति विसर्जन स्थलों का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने भीड़ को देखते हुए पुख्ता सुरक्षा इंतजाम करने के निर्देश दिए। सभी अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभाने को कहा गया है। हर पूजा पंडाल में CCTV, अग्निशमन और सुरक्षित रास्तों पर जोर जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने पूजा पंडालों में अग्निशमन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। पंडालों में CCTV कैमरों के माध्यम से निगरानी की व्यवस्था रखने और प्रवेश एवं निकास द्वारों को व्यवस्थित बनाने पर विशेष जोर दिया गया। श्रद्धालुओं को रास्तों और निकास द्वारों की जानकारी आसानी से मिल सके, इसके लिए पर्याप्त साइनेज लगाने का भी निर्देश दिया गया। भीड़ के दौरान प्रवेश और निकास के रास्ते बाधित होने से परेशानी बढ़ सकती है। इसे देखते हुए पंडाल प्रबंधन और संबंधित पदाधिकारियों को आवाजाही की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। किसी भी आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रास्ते स्पष्ट और उपयोग के योग्य रहने चाहिए। जिलाधिकारी ने पूजा पंडालों तक पहुंचने वाले रास्तों का भी जायजा लिया। जहां आवश्यकता हो, वहां पहुंच पथों का समतलीकरण कराने का निर्देश दिया गया, ताकि श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी नहीं हो। बिजली के तारों की पर्याप्त ऊंचाई सुनिश्चित करने और विद्युत सुरक्षा मानकों का पालन कराने को भी कहा गया। रावण दहन में मजबूत बैरिकेडिंग, भीड़ पर रहेगी नजर रावण दहन कार्यक्रमों के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है। रसलपुर सहित निर्धारित स्थलों पर दर्शकों की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को प्राथमिकता दी गई. जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि रावण दहन स्थल पर बैरिकेडिंग पर्याप्त मजबूत और सुरक्षित होनी चाहिए।
दर्शकों को निर्धारित सीमा में रखने और कार्यक्रम स्थल पर भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए प्रभावी इंतजाम किए जाए। किसी भी स्थिति में दर्शकों की भीड़ सुरक्षा घेरे को पार कर जोखिम वाले क्षेत्र तक नहीं पहुंचे, इसका ध्यान रखने को कहा गया। इसके अलावा कार्यक्रम स्थल पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था और प्रभावी पब्लिक एड्रेस सिस्टम उपलब्ध रखने का निर्देश दिया गया। पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए लोगों को जरूरी सूचनाएं देने और भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि कार्यक्रम से पहले सभी व्यवस्थाओं की जांच कर लें और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराए। विसर्जन घाटों पर गोताखोर अनिवार्य मूर्ति विसर्जन के दौरान सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक निर्धारित विसर्जन स्थल पर गोताखोरों की अनिवार्य रूप से प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की जाए। विसर्जन के समय पानी के पास श्रद्धालुओं की आवाजाही और भीड़ की स्थिति को देखते हुए सुरक्षा संबंधी सभी जरूरी इंतजाम पहले से उपलब्ध रहने चाहिए। विसर्जन स्थलों पर पर्याप्त रोशनी के लिए जनरेटर के साथ हैलोजन लाइट की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। इससे कम रोशनी या अंधेरा होने की स्थिति में भी लोगों की आवाजाही और सुरक्षा प्रबंधन में मदद मिलेगी। इसके साथ ही पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से श्रद्धालुओं को आवश्यक दिशा-निर्देश देने की व्यवस्था रखने को कहा गया। संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक ने जिले में विधि-व्यवस्था की स्थिति की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया। भीड़ बढ़ने की स्थिति में सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए सभी संबंधित इकाइयों के बीच तालमेल जरूरी बताया गया। शांतिपूर्ण आयोजन के लिए प्रशासन की सख्ती जिला प्रशासन का जोर दुर्गा पूजा से जुड़े सभी कार्यक्रमों को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने पर है। इसके लिए पूजा पंडालों में अग्निशमन और CCTV व्यवस्था, रावण दहन स्थलों पर मजबूत बैरिकेडिंग तथा विसर्जन घाटों पर गोताखोरों की तैनाती जैसे महत्वपूर्ण इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। गयाजी जिला प्रशासन दुर्गा पूजा के लिए पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं। जिलाधिकारी शशांक शुभंकर और वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार ने पूजा पंडालों, रावण दहन, मूर्ति विसर्जन स्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा इंतजामों की पड़ताल की गई। इसमें अग्निशमन, CCTV निगरानी, प्रवेश-निकास द्वार, पहुंच पथ, बिजली के तार, बैरिकेडिंग और रोशनी जैसे बिंदु शामिल थे। प्रशासन की प्राथमिकता है कि श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो और भीड़ अनियंत्रित न हो। DM और SSP ने रुक्मिणी सरोवर, मां मंगला गौरी मंदिर के पास, सीता कुंड और रसलपुर स्थित रावण दहन व मूर्ति विसर्जन स्थलों का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने भीड़ को देखते हुए पुख्ता सुरक्षा इंतजाम करने के निर्देश दिए। सभी अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभाने को कहा गया है। हर पूजा पंडाल में CCTV, अग्निशमन और सुरक्षित रास्तों पर जोर जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने पूजा पंडालों में अग्निशमन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। पंडालों में CCTV कैमरों के माध्यम से निगरानी की व्यवस्था रखने और प्रवेश एवं निकास द्वारों को व्यवस्थित बनाने पर विशेष जोर दिया गया। श्रद्धालुओं को रास्तों और निकास द्वारों की जानकारी आसानी से मिल सके, इसके लिए पर्याप्त साइनेज लगाने का भी निर्देश दिया गया। भीड़ के दौरान प्रवेश और निकास के रास्ते बाधित होने से परेशानी बढ़ सकती है। इसे देखते हुए पंडाल प्रबंधन और संबंधित पदाधिकारियों को आवाजाही की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। किसी भी आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रास्ते स्पष्ट और उपयोग के योग्य रहने चाहिए। जिलाधिकारी ने पूजा पंडालों तक पहुंचने वाले रास्तों का भी जायजा लिया। जहां आवश्यकता हो, वहां पहुंच पथों का समतलीकरण कराने का निर्देश दिया गया, ताकि श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी नहीं हो। बिजली के तारों की पर्याप्त ऊंचाई सुनिश्चित करने और विद्युत सुरक्षा मानकों का पालन कराने को भी कहा गया। रावण दहन में मजबूत बैरिकेडिंग, भीड़ पर रहेगी नजर रावण दहन कार्यक्रमों के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है। रसलपुर सहित निर्धारित स्थलों पर दर्शकों की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को प्राथमिकता दी गई. जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि रावण दहन स्थल पर बैरिकेडिंग पर्याप्त मजबूत और सुरक्षित होनी चाहिए।
दर्शकों को निर्धारित सीमा में रखने और कार्यक्रम स्थल पर भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए प्रभावी इंतजाम किए जाए। किसी भी स्थिति में दर्शकों की भीड़ सुरक्षा घेरे को पार कर जोखिम वाले क्षेत्र तक नहीं पहुंचे, इसका ध्यान रखने को कहा गया। इसके अलावा कार्यक्रम स्थल पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था और प्रभावी पब्लिक एड्रेस सिस्टम उपलब्ध रखने का निर्देश दिया गया। पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए लोगों को जरूरी सूचनाएं देने और भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि कार्यक्रम से पहले सभी व्यवस्थाओं की जांच कर लें और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराए। विसर्जन घाटों पर गोताखोर अनिवार्य मूर्ति विसर्जन के दौरान सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक निर्धारित विसर्जन स्थल पर गोताखोरों की अनिवार्य रूप से प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की जाए। विसर्जन के समय पानी के पास श्रद्धालुओं की आवाजाही और भीड़ की स्थिति को देखते हुए सुरक्षा संबंधी सभी जरूरी इंतजाम पहले से उपलब्ध रहने चाहिए। विसर्जन स्थलों पर पर्याप्त रोशनी के लिए जनरेटर के साथ हैलोजन लाइट की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। इससे कम रोशनी या अंधेरा होने की स्थिति में भी लोगों की आवाजाही और सुरक्षा प्रबंधन में मदद मिलेगी। इसके साथ ही पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से श्रद्धालुओं को आवश्यक दिशा-निर्देश देने की व्यवस्था रखने को कहा गया। संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक ने जिले में विधि-व्यवस्था की स्थिति की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया। भीड़ बढ़ने की स्थिति में सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए सभी संबंधित इकाइयों के बीच तालमेल जरूरी बताया गया। शांतिपूर्ण आयोजन के लिए प्रशासन की सख्ती जिला प्रशासन का जोर दुर्गा पूजा से जुड़े सभी कार्यक्रमों को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने पर है। इसके लिए पूजा पंडालों में अग्निशमन और CCTV व्यवस्था, रावण दहन स्थलों पर मजबूत बैरिकेडिंग तथा विसर्जन घाटों पर गोताखोरों की तैनाती जैसे महत्वपूर्ण इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।  

​

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *