गयाजी के सरकारी स्कूल की 17 साल की छात्रा की अगस्त में हुई मौत के मामले में पुलिस ने उसके स्कूल के एक टीचर को गिरफ्तार किया है। छात्रा की मां ने शिक्षक पर बेटी को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और शादी का झांसा देकर संबंध बनाने का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि करीब छह महीने से छात्रा मानसिक दबाव में थी। इसी वजह से उसने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। इस मामले में बेलागंज थाने में शनिवार की शाम एफआईआर दर्ज की गई। आरोपी शिक्षक अभिषेक कुमार, मानपुर पटवा टोली का रहने वाला है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। सुसाइड वाली रात 10:11 बजे आरोपी से हुई थी बात परिजनों ने पुलिस और जांच टीम को बताया कि मृतका 11वीं की स्टूडेंट थी। वो आखिरी बार 7 अगस्त को स्कूल गई थी। इसके दो दिन बाद 9 अगस्त की रात उसने जहर खा लिया। परिजनों के अनुसार, रात 10 बजकर 11 मिनट पर छात्रा की आरोपी शिक्षक से फोन पर बात हुई थी। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उसे पहले बेलागंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहां से उसे अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल अस्पताल रेफर किया गया। परिजनों का दावा है कि अस्पताल में डॉक्टरों ने जहर खाने से मौत की बात कही और शव को लौटा दिया। खास बात यह भी कि मृत छात्रा का पोस्टमार्टम भी नहीं कराया गया। यही नहीं अगले दिन परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर भी दिया। 18 अगस्त को आवेदन, 21 को पुलिस पहुंची; कार्रवाई नहीं हुई परिजनों का आरोप है कि बेटी की मौत के बाद जब मामले की जानकारी जुटाई गई तो शिक्षक की ओर से मानसिक प्रताड़ना और शादी का झांसा देने की बात सामने आई। इसके बाद 18 अगस्त को बेलागंज थाने में शिक्षक को आरोपी बनाते हुए लिखित आवेदन दिया गया। परिजनों के अनुसार, 21 अगस्त को पुलिस उनके घर भी पहुंची। लेकिन इसके बाद कई दिनों तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस बीच आरोपी शिक्षक के भाई अवधेश पर भी फोन से धमकी देने का आरोप लगाया गया है। मृतका के भाई ने पुलिस को बताया कि उसे फोन पर देख लेने की धमकी दी गई। स्कूल में हंगामा हुआ तो पुलिस हरकत में आई आरोपी शिक्षक पर कार्रवाई नहीं होने से छात्राओं और ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती गई। शुक्रवार को यानी 11 सितंबर को स्कूल में सहपाठी और ग्रामीण उग्र हो गए। इससे वहां तनाव की स्थिति बन गई। इसके बाद बेलागंज पुलिस आरोपी शिक्षक को स्कूल से थाना ले गई। पुलिस ने शनिवार को छात्रा की मां के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया। थानाध्यक्ष सुनील कुमार द्विवेदी ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। अनुसंधान में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। माले-आइसा ने उठाए पुलिस और अस्पताल पर सवाल
घटना के बाद भाकपा माले और आइसा की जांच टीम ने उज्जे गांव पहुंच कर परिजनों से मुलाकात की। टीम में माले राज्य कमेटी सदस्य तारीक अनवर, बेलागंज प्रखंड सचिव सूर्यविलास पासवान और आइसा नेता मोहम्मद शेरजहां शामिल थे।
इन नेताओं ने कहना कि छात्रा को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले व्यक्ति की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। दोष साबित होने पर कड़ी कार्रवाई हो। नेताओं ने मौत के बाद पुलिस और अस्पताल की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि समय पर पोस्टमार्टम और जांच होती तो मौत के कारणों और पूरे घटनाक्रम की स्थिति समय रहते स्पष्ट हो सकती थी। लेकिन किसी भी स्तर पर इस मामले को गम्भीरता से नहीं लिया गया। माले नेताओं ने गया डीएम और एसएसपी से मामले में संज्ञान लेने और लापरवाही बरतने वाले पदाधिकारियों की भूमिका की भी जांच की मांग की है। वहीं आइसा, इंकलाबी नौजवान सभा और ऐपवा की ओर से घटना और पुलिस प्रशासन की कथित लापरवाही के विरोध में रविवार को बेलागंज में प्रदर्शन करने का एलान किया है। गयाजी के सरकारी स्कूल की 17 साल की छात्रा की अगस्त में हुई मौत के मामले में पुलिस ने उसके स्कूल के एक टीचर को गिरफ्तार किया है। छात्रा की मां ने शिक्षक पर बेटी को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और शादी का झांसा देकर संबंध बनाने का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि करीब छह महीने से छात्रा मानसिक दबाव में थी। इसी वजह से उसने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। इस मामले में बेलागंज थाने में शनिवार की शाम एफआईआर दर्ज की गई। आरोपी शिक्षक अभिषेक कुमार, मानपुर पटवा टोली का रहने वाला है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। सुसाइड वाली रात 10:11 बजे आरोपी से हुई थी बात परिजनों ने पुलिस और जांच टीम को बताया कि मृतका 11वीं की स्टूडेंट थी। वो आखिरी बार 7 अगस्त को स्कूल गई थी। इसके दो दिन बाद 9 अगस्त की रात उसने जहर खा लिया। परिजनों के अनुसार, रात 10 बजकर 11 मिनट पर छात्रा की आरोपी शिक्षक से फोन पर बात हुई थी। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उसे पहले बेलागंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहां से उसे अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल अस्पताल रेफर किया गया। परिजनों का दावा है कि अस्पताल में डॉक्टरों ने जहर खाने से मौत की बात कही और शव को लौटा दिया। खास बात यह भी कि मृत छात्रा का पोस्टमार्टम भी नहीं कराया गया। यही नहीं अगले दिन परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर भी दिया। 18 अगस्त को आवेदन, 21 को पुलिस पहुंची; कार्रवाई नहीं हुई परिजनों का आरोप है कि बेटी की मौत के बाद जब मामले की जानकारी जुटाई गई तो शिक्षक की ओर से मानसिक प्रताड़ना और शादी का झांसा देने की बात सामने आई। इसके बाद 18 अगस्त को बेलागंज थाने में शिक्षक को आरोपी बनाते हुए लिखित आवेदन दिया गया। परिजनों के अनुसार, 21 अगस्त को पुलिस उनके घर भी पहुंची। लेकिन इसके बाद कई दिनों तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस बीच आरोपी शिक्षक के भाई अवधेश पर भी फोन से धमकी देने का आरोप लगाया गया है। मृतका के भाई ने पुलिस को बताया कि उसे फोन पर देख लेने की धमकी दी गई। स्कूल में हंगामा हुआ तो पुलिस हरकत में आई आरोपी शिक्षक पर कार्रवाई नहीं होने से छात्राओं और ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती गई। शुक्रवार को यानी 11 सितंबर को स्कूल में सहपाठी और ग्रामीण उग्र हो गए। इससे वहां तनाव की स्थिति बन गई। इसके बाद बेलागंज पुलिस आरोपी शिक्षक को स्कूल से थाना ले गई। पुलिस ने शनिवार को छात्रा की मां के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया। थानाध्यक्ष सुनील कुमार द्विवेदी ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। अनुसंधान में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। माले-आइसा ने उठाए पुलिस और अस्पताल पर सवाल
घटना के बाद भाकपा माले और आइसा की जांच टीम ने उज्जे गांव पहुंच कर परिजनों से मुलाकात की। टीम में माले राज्य कमेटी सदस्य तारीक अनवर, बेलागंज प्रखंड सचिव सूर्यविलास पासवान और आइसा नेता मोहम्मद शेरजहां शामिल थे।
इन नेताओं ने कहना कि छात्रा को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले व्यक्ति की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। दोष साबित होने पर कड़ी कार्रवाई हो। नेताओं ने मौत के बाद पुलिस और अस्पताल की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि समय पर पोस्टमार्टम और जांच होती तो मौत के कारणों और पूरे घटनाक्रम की स्थिति समय रहते स्पष्ट हो सकती थी। लेकिन किसी भी स्तर पर इस मामले को गम्भीरता से नहीं लिया गया। माले नेताओं ने गया डीएम और एसएसपी से मामले में संज्ञान लेने और लापरवाही बरतने वाले पदाधिकारियों की भूमिका की भी जांच की मांग की है। वहीं आइसा, इंकलाबी नौजवान सभा और ऐपवा की ओर से घटना और पुलिस प्रशासन की कथित लापरवाही के विरोध में रविवार को बेलागंज में प्रदर्शन करने का एलान किया है।

