गयाजी की 4 लापता नाबालिग लड़कियां 5 दिन बाद मिली हैं। पुलिस ने इन्हें मुंबई से बरामद किया है। पूछताछ में लड़कियों ने बताया कि घर में डांट पड़ती थी। शादी का दबाव बनाया जाता था। इसलिए हम घर से भाग गए थे। पुलिस जांच में पता चला है कि 2017 से 2018 के बीच 4 लड़कियों में से एक के परिजन मुंबई में रहा करते थे। इसी कारण चारों मुंबई चली गईं। ये लोग 9 सितंबर को स्कूल में फॉर्म भरने की बात कहकर घर से निकली थीं। शाम तक घर नहीं पहुंची तो परिजन ने स्कूल के क्लर्क पर अपहरण का आरोप लगाया था। 10 सितंबर को एक लड़की के पिता पप्पू राम ने वजीरगंज प्राथमिकी भी दर्ज कराई थी। मुंबई में मिला लोकेशन एसएसपी सुशील कुमार ने एसडीपीओ वजीरगंज कैंप अभिनव कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई थी। इसमें वजीरगंज थाना और तकनीकी शाखा के पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस ने सबसे पहले तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। इसी दौरान चारों लड़कियों का लोकेशन मुंबई के आसपास मिला। पुलिस को गांव के एक लड़के से भी लड़कियों के सुराग मिले थे। लड़के ने पुलिस को क्या बताया और वो कौन है इसके बारे में पुलिस ने खुलासा नहीं किया है। इसके बाद गयाजी पुलिस की तकनीकी शाखा और अनुसंधान टीम ने महाराष्ट्र पुलिस से संपर्क किया। मुंबई पुलिस के सहयोग से पालघर जिले के बोलिंज थाना क्षेत्र से चारों लड़कियों को बरामद कर लिया गया। 14 सितंबर की रात पुलिस चारों को लेकर गयाजी पहुंचे थे। क्लर्क की भूमिका सामने नहीं आई
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि परिजनों की ओर से जिस क्लर्क पर आरोप लगाए गए थे, जांच में उसकी भूमिका सामने नहीं आई है। क्लर्क से उसी दिन पूछताछ की गई थी। लड़कियों से पूछताछ में भी क्लर्क के शामिल होने की बात सामने नहीं आई।
पुलिस ने लड़कियों को पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए समझाया पुलिस अब जांच कर रही है कि घर से निकलने के बाद नाबालिग महाराष्ट्र तक कैसे पहुंची। कहां रही, इतने दिन तक वहां क्या किया। चारों के लापता होने के बाद परिवार में चिंता थी। एसडीपीओ ने बताया कि चारों लड़कियों को समझाया गया है। वे अब पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए तैयार हैं। चारों की सकुशल बरामदगी के बाद परिवारों ने राहत की सांस ली है। गयाजी की 4 लापता नाबालिग लड़कियां 5 दिन बाद मिली हैं। पुलिस ने इन्हें मुंबई से बरामद किया है। पूछताछ में लड़कियों ने बताया कि घर में डांट पड़ती थी। शादी का दबाव बनाया जाता था। इसलिए हम घर से भाग गए थे। पुलिस जांच में पता चला है कि 2017 से 2018 के बीच 4 लड़कियों में से एक के परिजन मुंबई में रहा करते थे। इसी कारण चारों मुंबई चली गईं। ये लोग 9 सितंबर को स्कूल में फॉर्म भरने की बात कहकर घर से निकली थीं। शाम तक घर नहीं पहुंची तो परिजन ने स्कूल के क्लर्क पर अपहरण का आरोप लगाया था। 10 सितंबर को एक लड़की के पिता पप्पू राम ने वजीरगंज प्राथमिकी भी दर्ज कराई थी। मुंबई में मिला लोकेशन एसएसपी सुशील कुमार ने एसडीपीओ वजीरगंज कैंप अभिनव कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई थी। इसमें वजीरगंज थाना और तकनीकी शाखा के पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस ने सबसे पहले तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। इसी दौरान चारों लड़कियों का लोकेशन मुंबई के आसपास मिला। पुलिस को गांव के एक लड़के से भी लड़कियों के सुराग मिले थे। लड़के ने पुलिस को क्या बताया और वो कौन है इसके बारे में पुलिस ने खुलासा नहीं किया है। इसके बाद गयाजी पुलिस की तकनीकी शाखा और अनुसंधान टीम ने महाराष्ट्र पुलिस से संपर्क किया। मुंबई पुलिस के सहयोग से पालघर जिले के बोलिंज थाना क्षेत्र से चारों लड़कियों को बरामद कर लिया गया। 14 सितंबर की रात पुलिस चारों को लेकर गयाजी पहुंचे थे। क्लर्क की भूमिका सामने नहीं आई
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि परिजनों की ओर से जिस क्लर्क पर आरोप लगाए गए थे, जांच में उसकी भूमिका सामने नहीं आई है। क्लर्क से उसी दिन पूछताछ की गई थी। लड़कियों से पूछताछ में भी क्लर्क के शामिल होने की बात सामने नहीं आई।
पुलिस ने लड़कियों को पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए समझाया पुलिस अब जांच कर रही है कि घर से निकलने के बाद नाबालिग महाराष्ट्र तक कैसे पहुंची। कहां रही, इतने दिन तक वहां क्या किया। चारों के लापता होने के बाद परिवार में चिंता थी। एसडीपीओ ने बताया कि चारों लड़कियों को समझाया गया है। वे अब पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए तैयार हैं। चारों की सकुशल बरामदगी के बाद परिवारों ने राहत की सांस ली है।

