गाजियाबाद के चर्चित गजेंद्र उर्फ गज्जी भाटी हत्याकांड में पूर्व विधायक अमरपाल शर्मा समेत तीन आरोपियों को अदालत ने बरी कर दिया है। गाजियाबाद की एमपी-एमएलए कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में यह फैसला सुनाया। बरी होने वालों में अमरपाल शर्मा के अलावा राजू पहलवान और नरेंद्र उर्फ फौजी शामिल हैं। गज्जी भाटी की वर्ष 2017 में खोड़ा क्षेत्र में हत्या हुई थी। घटना के बाद पुलिस ने बताया था कि वारदात के दौरान राजू पहलवान बाइक चला रहा था, जबकि नरेंद्र उर्फ फौजी ने गजेंद्र पर गोलियां चलाई थीं। पुलिस ने मामले में पूर्व विधायक अमरपाल शर्मा को भी आरोपी बनाया था। कबड्डी में गोल्ड मेडल जीत चुका है राजू राजू पहलवान बीपीएड पासआउट है और कबड्डी का अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी भी रह चुका है। उसने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पदक जीते हैं। वह 2007 में श्रीलंका में हुई कबड्डी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम का सदस्य था। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद राजू ने कथित तौर पर हत्या की साजिश में पूर्व विधायक अमरपाल शर्मा का नाम लिया था। पुलिस ने दावा किया था कि राजू करीब एक महीने पहले नरेंद्र उर्फ फौजी के साथ अमरपाल के घर गया था। इसके बाद वह लोनी स्थित फार्महाउस में हुई बैठक में भी शामिल हुआ था। बचाव पक्ष ने पुलिस की कहानी पर उठाए थे सवाल पुलिस के अनुसार, जब राजू से 10 लाख रुपये की सुपारी के बारे में पूछताछ की गई तो उसने इसकी जानकारी होने से इनकार किया था। वहीं, बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने अदालत में पुलिस की जांच और खुलासे की कहानी पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि पूर्व विधायक के खिलाफ आरोप साबित करने के लिए कोई ठोस साक्ष्य पेश नहीं किया जा सका। अदालत ने साक्ष्य के अभाव में तीनों आरोपियों को बरी कर दिया।

