UNGA 2026: संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान गजा में जारी हमलों को लेकर इजरायल निशाने पर रहा। पश्चिम एशियाई देशों के अलावा इजरायल के सहयोगी माने जाने वाले यूरोपीय देश भी उसके खिलाफ नजर आए। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने गजा की स्थिति को वैश्विक समुदाय के लिए शर्मनाक बताते हुए इजरायली नीतियों की आलोचना की। उन्होंनें कहा कि दुनिया अंतरराष्ट्रीय कानूनों को ताक पर रख कर जंगल के कानून की ओर नहीं लौट सकती। शांति बहाली के दावों को लेकर अमरीका पर तंज करते हुए उन्होंने कहा कि कथित शांति समझौतों के बावजूद गजा में एक भी सुरक्षित मानवीय गलियारा नहीं खुल सका है।
ब्रिटिश प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने कहा कि गजा के लोगों की पीड़ा दुनिया के विवेक पर एक गहरा कलंक है। जॉर्डन से लेकर कतर ने भी गजा को लेकर इजरायली नीतियोंं की खुली आलोचना की है। यूएनजीए में लगातार आलोचना के बाद इजरायल ने सीधे संयुक्त राष्ट्र पर पक्षपाती होने का आरोप लगाते हुए एक डिजिटल अभियान शुरू किया है। वीडियो कैंपेन में इजरायल ने एक तोते के प्रतीक का इस्तेमाल कर दिखाया है कि झूठ को बार बार दोहराने से वह सच नहीं बन जाता।
50 से अधिक देशों का वॉकआउट
इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू महासभा को संबोधित करने पहुंचे तो उनके भाषण से ठीक पहले लगभग 50 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने हॉल से वॉकआउट कर दिया। गजा में इजरायल की सैन्य कार्रवाई के विरोध में पश्चिम एशियाई देशों, यूरोपीय और अफ्रीकी देशों के राजनयिकों ने वॉकआउट किया।
ईरान-अमरीका के प्रतिनिधि मिले
न्यूयॉर्क में यूएनजीए में हिस्सा लेने पहुंचे ईरानी विदेशमंत्री अब्बास अराघची ने मंगलवार को राष्ट्रपति ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और दामाद जेरेड कुशनर से मुलाकात की। ट्रंप ने इस मुलाकात की जानकारी देते हुए कहा कि दोनों तरफ के प्रतिनिधियों ने तीन घंटे तक बातचीत की। ईरान ने भी इस बातचीत की पुष्टि की है। साथ ही अमरीका को होर्मुज खोलने के लिए अपनी शर्तें भी बताई हैं। इस बीच ईरानी राजनयिक काजेम जलाली ने कहा है कि अगर अमरीका होर्मुज से गुजरना जारी रखना चाहता है, तो उसे उस नई कानूनी स्थिति को मानना होगा जिसे ईरान-ओमान मिलकर तय करेंगे।

