हूती ठिकानों पर सऊदी की ताबड़तोड़ कार्रवाई, यमन में कई जगह एयरस्ट्राइक

हूती ठिकानों पर सऊदी की ताबड़तोड़ कार्रवाई, यमन में कई जगह एयरस्ट्राइक

Saudi Arabia Yemen Attacks: यमन के कई हिस्सों में बुधवार को सऊदी अरब की सैन्य कार्रवाई ने हलचल मचा दी। हूती विद्रोहियों के नियंत्रण वाले पश्चिमी, दक्षिण-पश्चिमी और उत्तरी क्षेत्रों को हवाई और मिसाइल हमलों का सामना करना पड़ा। हूती-संचालित मीडिया की मानें तो रेड सी तटीय प्रांत होदेइदाह इन हमलों का सबसे बड़ा केंद्र बना, जहां जनहानि की पुष्टि हुई है।

अल-मसीराह टीवी के मुताबिक सऊदी लड़ाकू विमानों ने होदेइदाह पर एक ही दिन में करीब 15 हवाई हमले किए। इन हमलों का मुख्य लक्ष्य क्षेत्र का संचार ढांचा और अन्य अहम प्रतिष्ठान रहे। शिन्हुआ समाचार एजेंसी के हवाले से आई जानकारी के अनुसार इन हमलों में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग जख्मी हुए हैं।

टेलीकॉम टावर और रेडियो स्टेशन बने निशाना

रिपोर्टों के अनुसार अल-मरावियाह और अल-काती क्षेत्रों में स्थित मोबाइल टावरों को सीधा नुकसान पहुंचा, वहीं बाजील कस्बे में एक रेडियो स्टेशन की इमारत भी हमले की चपेट में आई। इससे इलाके में संचार व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

दक्षिण-पश्चिमी प्रांत ताइज में भी सऊदी विमानों ने कई ठिकानों पर बमबारी की, हालांकि वहां से अभी तक किसी नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। वहीं सऊदी सीमा से सटे उत्तरी प्रांत सादा में अध-धाहिर, हैदान और मर्रान इलाकों को मिसाइलों का निशाना बनाया गया, जहां भी फिलहाल कोई हताहत नहीं बताया गया।

हूतियों का जवाबी दावा,मार गिराया जासूसी ड्रोन

इसी बीच हूथी सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि उनकी सेना ने मोचा बंदरगाह के ऊपर उड़ रहे सऊदी ‘विंग लूंग II’ सशस्त्र निगरानी ड्रोन को मार गिराया। उन्होंने बताया कि इसके लिए उपयुक्त हथियार का इस्तेमाल किया गया, पर तकनीकी ब्योरा साझा नहीं किया। सऊदी पक्ष की ओर से इस दावे पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

पुराना है यह संघर्ष

गौरतलब है कि यह टकराव 2014 के अंत से चला आ रहा है, जब हूतियों ने राजधानी सना समेत उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा जमा लिया था। इसके जवाब में 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के पक्ष में हस्तक्षेप किया था, और तब से यह लड़ाई रुक-रुक कर जारी है।

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