गुरसेवक सिंह की हत्या के मामले में इंसाफ की मांग को लेकर शुक्रवार को गांव आसल उत्ताड़ के ग्रामीणों और स्थानीय निवासियों ने मेन खेमकरण रोड पर शव रखकर धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने विधायक और पुलिस प्रशासन को मांगपत्र सौंपा। उन्होंने फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने, परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा घटना के समय साथ मौजूद मृतक की पत्नी की भूमिका की जांच कर उसे केस में नामजद करने की मांग की। परिजनों ने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने और सभी आरोपियों की गिरफ्तारी तक धरना जारी रहेगा। संगठनों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी पहुंचे इस धरने में किसान संगठनों, कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल, किसान संघर्ष कमेटी और वारिस पंजाब दे के प्रतिनिधि शामिल हुए। ‘वारिस पंजाब दे’ के नेता सतनाम सिंह मनावां ने इलाके की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सभी दोषियों को जल्द सलाखों के पीछे भेजने की मांग की। क्या था पूरा मामला गौरतलब है कि 26 अक्टूबर को खेमकरण क्षेत्र में मजदूरों के दो गुटों के बीच विवाद के बाद गांव राजन शाह की आढ़त पर झगड़ा हुआ था। इसके बाद 28 अक्टूबर को समझौते की कोशिश के दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर तेजधार हथियारों और गोलियों से हमला कर दिया, जिसमें गुरसेवक सिंह की मौत हो गई और कुछ अन्य युवक घायल हो गए। मुख्य आरोपी को तीन दिन के रिमांड पर लिया
मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी मनजीत सिंह उर्फ कट्टा को गिरफ्तार कर 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है, जबकि तीन अन्य नामजद आरोपी अभी फरार हैं। मौके पर पहुंचे डीएसपी अतुल सैनी और एसएचओ कवलजीत सिंह राय ने पीड़िता परिवार को जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया, लेकिन ग्रामीण सभी आरोपियों की धरपकड़ तक शव न उठाने और धरना जारी रखने पर अड़े हुए हैं।

