बगहा पुलिस जिला अंतर्गत भैरोगंज थाना क्षेत्र के मशहवा गांव में मंगलवार को फूड पॉइजनिंग से 13 बच्चे बीमार हो गए। सभी बच्चों को आनन-फानन में बगहा अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है। चिकित्सक राजीव कुमार के अनुसार, सभी बच्चों की स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी जाएगी। बीमार बच्चों में अंजली कुमारी (3), सलोनी कुमारी (8) और शिल्पी कुमारी (10), शीतल कुमारी (6), लकी कुमार (3), पिंकी कुमारी (2), मनीषा कुमारी (12) और गीतांजलि कुमारी (7), सोनू कुमार (3), खुशी कुमारी (10), राहुल कुमार (8) और मुकेश कुमार (13) शामिल हैं। सभी बच्चे एक ही परिवार से हैं। खिचड़ी खाने के बाद बच्चे अस्पताल में एडमिट…. मंदिर से लौटे परिजनों ने बच्चों को पाया बीमार बीमार बच्चों की मां चांदनी देवी ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब सात बजे परिवार के सदस्य गांव से लगभग पांच किलोमीटर दूर विशंभरापुर स्थित मां दुर्गा मंदिर में पूजा करने गए थे। पैदल जाने के कारण बच्चों को घर पर ही छोड़ दिया था। सुबह 11 बजे के बाद जब वे लौटे तो कई बच्चों की हालत खराब थी और उन्हें उल्टियां हो रही थीं। इसके बाद ग्रामीण चिकित्सक बबलू कुमार की मदद से एंबुलेंस बुलाकर सभी बच्चों को अस्पताल पहुंचाया गया। घर में नहीं था खाना भूखे बच्चों ने लगाया जुगाड़ परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, सभी लोग सुबह मंदिर चले गए थे और घर में खाना नहीं बना था। भूख लगने पर बच्चों ने खुद खिचड़ी बनाने का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि खिचड़ी में दाल, चावल, नमक के साथ मैगी, कुरकुरे और चिप्स भी मिला दिए गए थे। इसे खाने के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। हालांकि, बीमारी के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जाता है कि सभी बच्चों के पिता सगे भाई हैं जो गोरखपुर में मजदूरी करते हैं। फिलहाल सभी बच्चे अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी हालत में सुधार हो रहा है। डॉ. राजीव कुमार अनुमडलीय अस्पताल बगहा ने बताया कि, ’13 बच्चे आए हैं, स्थिति अंडर कंट्रोल हैं। बच्चे सब खुद से खिचड़ी बनाए थे, सभी बच्चे 3 साल से 13 साल के बीच हैं। अभी खतरे में नहीं है, बच्चों को लगातार निगरानी में रखा है।’ बगहा पुलिस जिला अंतर्गत भैरोगंज थाना क्षेत्र के मशहवा गांव में मंगलवार को फूड पॉइजनिंग से 13 बच्चे बीमार हो गए। सभी बच्चों को आनन-फानन में बगहा अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है। चिकित्सक राजीव कुमार के अनुसार, सभी बच्चों की स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी जाएगी। बीमार बच्चों में अंजली कुमारी (3), सलोनी कुमारी (8) और शिल्पी कुमारी (10), शीतल कुमारी (6), लकी कुमार (3), पिंकी कुमारी (2), मनीषा कुमारी (12) और गीतांजलि कुमारी (7), सोनू कुमार (3), खुशी कुमारी (10), राहुल कुमार (8) और मुकेश कुमार (13) शामिल हैं। सभी बच्चे एक ही परिवार से हैं। खिचड़ी खाने के बाद बच्चे अस्पताल में एडमिट…. मंदिर से लौटे परिजनों ने बच्चों को पाया बीमार बीमार बच्चों की मां चांदनी देवी ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब सात बजे परिवार के सदस्य गांव से लगभग पांच किलोमीटर दूर विशंभरापुर स्थित मां दुर्गा मंदिर में पूजा करने गए थे। पैदल जाने के कारण बच्चों को घर पर ही छोड़ दिया था। सुबह 11 बजे के बाद जब वे लौटे तो कई बच्चों की हालत खराब थी और उन्हें उल्टियां हो रही थीं। इसके बाद ग्रामीण चिकित्सक बबलू कुमार की मदद से एंबुलेंस बुलाकर सभी बच्चों को अस्पताल पहुंचाया गया। घर में नहीं था खाना भूखे बच्चों ने लगाया जुगाड़ परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, सभी लोग सुबह मंदिर चले गए थे और घर में खाना नहीं बना था। भूख लगने पर बच्चों ने खुद खिचड़ी बनाने का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि खिचड़ी में दाल, चावल, नमक के साथ मैगी, कुरकुरे और चिप्स भी मिला दिए गए थे। इसे खाने के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। हालांकि, बीमारी के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जाता है कि सभी बच्चों के पिता सगे भाई हैं जो गोरखपुर में मजदूरी करते हैं। फिलहाल सभी बच्चे अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी हालत में सुधार हो रहा है। डॉ. राजीव कुमार अनुमडलीय अस्पताल बगहा ने बताया कि, ’13 बच्चे आए हैं, स्थिति अंडर कंट्रोल हैं। बच्चे सब खुद से खिचड़ी बनाए थे, सभी बच्चे 3 साल से 13 साल के बीच हैं। अभी खतरे में नहीं है, बच्चों को लगातार निगरानी में रखा है।’

