खगड़िया। अलौली विधानसभा क्षेत्र के शहरबन्नी स्थित स्वर्गीय रामविलास पासवान के आवासीय परिसर में गुरुवार को उनकी छठी पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में बिहार सरकार के गन्ना उद्योग मंत्री संजय पासवान मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने स्वर्गीय रामविलास पासवान की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में सांसद प्रतिनिधि डॉ. पवन जायसवाल, लोजपा (रामविलास) के जिलाध्यक्ष मनीष कुमार सिंह समेत एनडीए के नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। सभी ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर स्वर्गीय रामविलास पासवान को याद किया। कार्यक्रम में पहुंचे नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनकी पत्नी राजकुमारी देवी से मुलाकात कर आशीर्वाद भी लिया। इसके बाद स्थानीय लोगों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। गरीबों और वंचितों के अधिकार के लिए समर्पित रहा जीवन मंत्री संजय पासवान ने कहा कि पद्म भूषण स्वर्गीय रामविलास पासवान ने अपना पूरा जीवन गरीबों और वंचितों के अधिकारों के लिए समर्पित किया। सामाजिक न्याय और जनसेवा के क्षेत्र में उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा। उनका संघर्ष और व्यक्तित्व आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा। उनके विचारों को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष किया सांसद प्रतिनिधि डॉ. पवन जायसवाल ने कहा कि रामविलास पासवान ने हमेशा आम लोगों की समस्याओं और जरूरतों को प्राथमिकता दी। उन्होंने कमजोर वर्गों की आवाज को मजबूती से उठाया। उनका जीवन संघर्ष और जनसेवा की मिसाल रहा है। लोजपा (रामविलास) जिलाध्यक्ष मनीष कुमार सिंह ने कहा कि रामविलास पासवान ने गरीब, दलित, पिछड़े और वंचित समाज के अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष किया। खगड़िया से उनका गहरा जुड़ाव रहा और यहां के लोगों के बीच उनकी याद हमेशा बनी रहेगी। शहरबन्नी में हुआ था जन्म स्वर्गीय रामविलास पासवान का जन्म 5 जुलाई 1946 को खगड़िया जिले के शहरबन्नी गांव में हुआ था। उन्होंने 1969 में पहली बार बिहार विधानसभा का चुनाव जीता। वर्ष 1977 में हाजीपुर से लोकसभा चुनाव जीतकर राष्ट्रीय राजनीति में पहुंचे। इसके बाद उन्होंने केंद्र सरकार में रेल, संचार, रसायन एवं उर्वरक तथा उपभोक्ता मामले जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली। वे लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक भी रहे। अपने लंबे राजनीतिक जीवन में उन्होंने गरीब, दलित, पिछड़े और वंचित वर्गों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। 8 अक्टूबर 2020 को उनका निधन हुआ था। उनकी पुण्यतिथि पर हर वर्ष शहरबन्नी में समर्थकों और अनुयायियों की ओर से श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। खगड़िया। अलौली विधानसभा क्षेत्र के शहरबन्नी स्थित स्वर्गीय रामविलास पासवान के आवासीय परिसर में गुरुवार को उनकी छठी पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में बिहार सरकार के गन्ना उद्योग मंत्री संजय पासवान मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने स्वर्गीय रामविलास पासवान की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में सांसद प्रतिनिधि डॉ. पवन जायसवाल, लोजपा (रामविलास) के जिलाध्यक्ष मनीष कुमार सिंह समेत एनडीए के नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। सभी ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर स्वर्गीय रामविलास पासवान को याद किया। कार्यक्रम में पहुंचे नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनकी पत्नी राजकुमारी देवी से मुलाकात कर आशीर्वाद भी लिया। इसके बाद स्थानीय लोगों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। गरीबों और वंचितों के अधिकार के लिए समर्पित रहा जीवन मंत्री संजय पासवान ने कहा कि पद्म भूषण स्वर्गीय रामविलास पासवान ने अपना पूरा जीवन गरीबों और वंचितों के अधिकारों के लिए समर्पित किया। सामाजिक न्याय और जनसेवा के क्षेत्र में उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा। उनका संघर्ष और व्यक्तित्व आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा। उनके विचारों को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष किया सांसद प्रतिनिधि डॉ. पवन जायसवाल ने कहा कि रामविलास पासवान ने हमेशा आम लोगों की समस्याओं और जरूरतों को प्राथमिकता दी। उन्होंने कमजोर वर्गों की आवाज को मजबूती से उठाया। उनका जीवन संघर्ष और जनसेवा की मिसाल रहा है। लोजपा (रामविलास) जिलाध्यक्ष मनीष कुमार सिंह ने कहा कि रामविलास पासवान ने गरीब, दलित, पिछड़े और वंचित समाज के अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष किया। खगड़िया से उनका गहरा जुड़ाव रहा और यहां के लोगों के बीच उनकी याद हमेशा बनी रहेगी। शहरबन्नी में हुआ था जन्म स्वर्गीय रामविलास पासवान का जन्म 5 जुलाई 1946 को खगड़िया जिले के शहरबन्नी गांव में हुआ था। उन्होंने 1969 में पहली बार बिहार विधानसभा का चुनाव जीता। वर्ष 1977 में हाजीपुर से लोकसभा चुनाव जीतकर राष्ट्रीय राजनीति में पहुंचे। इसके बाद उन्होंने केंद्र सरकार में रेल, संचार, रसायन एवं उर्वरक तथा उपभोक्ता मामले जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली। वे लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक भी रहे। अपने लंबे राजनीतिक जीवन में उन्होंने गरीब, दलित, पिछड़े और वंचित वर्गों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। 8 अक्टूबर 2020 को उनका निधन हुआ था। उनकी पुण्यतिथि पर हर वर्ष शहरबन्नी में समर्थकों और अनुयायियों की ओर से श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया जाता है।

