Kangana Ranaut On Kamal Haasan dig Elon Musk: स्टारलिंक (Starlink) की भारत में एंट्री को लेकर दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क (Elon Musk) और भारतीय राजनीति-सिनेमा के दिग्गज कमल हासन (Kamal Haasan) के बीच छिड़ी जुबानी जंग अब सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा का विषय बन गई है। शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को इस विवाद में बॉलीवुड अभिनेत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद कंगना रनौत (Kangana Ranaut) भी कूद पड़ीं। उन्होंने इस दौरान कमल हासन को सपोर्ट किया और एक पोस्ट शेयर किया।
कंगना रनौत ने ट्वीट में क्या लिखा?
कंगना रनौत ने अपने एक्स (ट्विटर) अकाउंट पर कमल हासन के बयान को री-ट्वीट करते हुए एलन मस्क पर निशाना साधा। कंगना ने लिखा, “आउच!! इससे एलन मस्क को जरूर दुख हुआ होगा। किसी भी अरबपति को किसी देश की नीतियां तय करने का अधिकार नहीं होना चाहिए-चाहे वह भारतीय हो या अमेरिकी। कमल हासन जी ने बहुत बढ़िया कहा और अच्छे से समझाया। यह बिल्कुल सटीक, ऑन-पॉइंट और करारा तंज है।”
क्या था एलन मस्क का विवादित ट्वीट?
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब एलन मस्क ने भारत में अपनी सैटेलाइट इंटरनेट सेवा ‘स्टारलिंक’ को लाइसेंस मिलने में हो रही देरी पर सवाल उठाए थे। मस्क ने दावा किया कि स्टारलिंक के पास 165 से ज्यादा देशों में काम करने का लाइसेंस है और वह 5 साल से भारत सरकार की प्रक्रियाएं पूरी कर रहे हैं।
इसके बाद मस्क ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी पर इशारों-इशारों में निशाना साधते हुए ट्वीट किया- “क्या अंबानी भारत के असली बॉस हैं?” मस्क के इस तंज से यह संदेश देने की कोशिश की गई कि भारतीय बाजार में स्टारलिंक की एंट्री को रोकने में स्थानीय उद्योगपतियों का दबाव है।
कमल हासन ने मस्क को दिखाया आईना
मस्क के इस ट्वीट का जवाब देते हुए राज्यसभा सांसद और अभिनेता कमल हासन ने एक लंबा-चौड़ा बयान जारी किया। कमल हासन ने साफ कहा, “भारत एक संप्रभु लोकतंत्र है, कोई कॉलोनी नहीं। हम दुनिया भर की कंपनियों का स्वागत करते हैं, लेकिन भारतीय नागरिक अपना भविष्य खुद तय करेंगे- न कि पश्चिमी स्वार्थ, उनके दोहरे मापदंड या कोई अरबपति, चाहे वह भारतीय हो या अमेरिकी।”
कमल हासन ने मस्क को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जब अमेरिका चीनी इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर 100% टैरिफ लगाकर अपने बाजार का बचाव (प्रोटेक्शनिज्म) करता है, तब वह फ्री-मार्केट की बात भूल जाते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि टेलीकम्युनिकेशन और स्पेक्ट्रम सिर्फ व्यापारिक संपत्ति नहीं, बल्कि भारत का सामरिक बुनियादी ढांचा (Strategic Infrastructure) हैं, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा जुड़ी हुई है।
इसके साथ ही कमल हासन ने देश के आंतरिक मुद्दों पर भी रोशनी डाली। उन्होंने सीएजी (CAG) की 2026 की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए पूछा कि ‘भारतनेट’ योजना में 39,888 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी केवल 33.2% ग्राम पंचायतें ही सेवा-योग्य क्यों हैं? हालांकि, उन्होंने भारत में सस्ते मोबाइल डेटा और टेलीकॉम क्रांति की भी सराहना की।


