कौशाम्बी में करारी पुलिस ने मुन्ना समेत छह आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इनमें मंझनपुर क्षेत्र के बहादुरपुर गांव की सफीका खातून भी शामिल है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह पर गोकशी समेत अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं। अब आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने की तैयारी की जा रही है। पुलिस के अनुसार, 30 नवंबर 2025 को करारी थाना क्षेत्र के तियरा जमालपुर गांव में चारागाह की जमीन पर पशुओं के कटे अवशेष और खून मिलने के बाद गोवध निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान मुन्ना, तुफैल अहमद, नयाब, तौफीक अहमद, जुनैद अहमद उर्फ सुहेल अहमद और सफीका खातून के नाम सामने आए। पुलिस ने मुन्ना को गिरोह का सरगना बताया है। इस मामले में एक दिसंबर 2025 को मुन्ना और तुफैल अहमद को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने उनके कब्जे से तमंचे और कारतूस बरामद होने का दावा किया था। वहीं, मुन्ना के खिलाफ वर्ष 2023 में दर्ज एक अन्य मामले में अपहरण और बाद में दुष्कर्म से संबंधित धाराएं बढ़ाए जाने का भी उल्लेख है। एसपी सत्यनारायण के मुताबिक, गिरोह के प्रभाव के कारण स्थानीय लोग शिकायत करने और गवाही देने से डरते थे। इसी आधार पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई का प्रस्ताव तैयार किया गया। जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद 18 अक्टूबर 2026 को करारी थाने में उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम की धारा 2/3 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस अब आरोपियों की संपत्तियों की जानकारी जुटा रही है। इसके बाद कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।

