बिहार विधान परिषद के 006-कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के द्विवार्षिक चुनाव को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। 23 अक्टूबर को जिले के 13 मतदान केंद्रों पर 11,498 स्नातक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। मतदान को निष्पक्ष, पारदर्शी और भयमुक्त माहौल में संपन्न कराने के लिए 16 माइक्रो ऑब्जर्वर और 13 पेट्रोलिंग पार्टियों की तैनाती की गई है। सभी मतदान केंद्रों पर दो-दो वीडियोग्राफर भी रहेंगे। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के लिए मतदान के दिन निषेधाज्ञा लागू रहेगी। इसे लेकर सहरसा के प्रेक्षागृह में मतदान और पुलिस पदाधिकारियों की संयुक्त ब्रीफिंग हुई। जिलाधिकारी-सह-जिला निर्वाचन पदाधिकारी दीपेश कुमार ने कहा कि सभी मजिस्ट्रेट और पीठासीन पदाधिकारियों को निर्वाचन आयोग के निर्देशों की जानकारी दे दी गई है। जिला प्रशासन शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है। हर गतिविधि पर रहेगी नजर, वीडियोग्राफी से निगरानी मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रशासन ने विशेष व्यवस्था की है। जिले के सभी 13 मतदान केंद्रों पर दो-दो वीडियोग्राफर तैनात किए गए हैं। वहीं, मतदान की निगरानी के लिए 16 माइक्रो ऑब्जर्वर और सुरक्षा व व्यवस्था पर नजर रखने के लिए 13 पेट्रोलिंग पार्टियां लगाई गई हैं। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य मतदान के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकना है। पर्याप्त पुलिस बल तैनात, असामाजिक तत्वों पर नजर पुलिस अधीक्षक विक्रम सिहाग ने बताया कि चुनाव को लेकर दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जा चुके हैं। निर्वाचन आयोग के मानकों के अनुरूप सभी मतदान केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट है। असामाजिक तत्वों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। मतदान केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में प्रतिबंध मतदान के दिन विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला दंडाधिकारी दीपेश कुमार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की है। इसके तहत मतदान केंद्रों के आसपास भीड़ जुटाने और निजी वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। प्रमुख प्रतिबंध इस प्रकार हैं: भीड़ जुटाने पर रोक: मतदान केंद्र के बाहर पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एक साथ एकत्रित होने पर पाबंदी रहेगी। 200 मीटर का दायरा प्रतिबंधित: मतदान केंद्र की बाहरी बैरिकेडिंग से 200 मीटर की परिधि में भीड़ या मजमा लगाने पर रोक रहेगी। इस दायरे में निजी वाहनों का प्रवेश भी प्रतिबंधित रहेगा। हथियार लेकर चलने पर रोक: आग्नेयास्त्र, तीर-धनुष, लाठी-भाला, गंडासा या शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले अन्य हथियार लेकर चलने और उनका प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं होगी। आदेश में निर्धारित अपवादों के तहत धार्मिक कारणों से कृपाण धारण करने वाले सिखों, खुखरी रखने वाले नेपाली नागरिकों और ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को छूट रहेगी। सभा-जुलूस और लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध: मतदान के दिन सभा, जुलूस, धरना-प्रदर्शन और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर रोक रहेगी। चुनाव प्रचार मतदान समाप्ति से 48 घंटे पहले ही बंद हो चुका है। सौहार्द बिगाड़ने वाली गतिविधियों पर रोक: सामाजिक, राजनीतिक, जातीय या सांप्रदायिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले भाषण या प्रदर्शन नहीं किए जा सकेंगे। आवश्यक सेवाओं और चुनाव ड्यूटी वालों को छूट प्रशासन के अनुसार, निषेधाज्ञा के प्रावधान बारात, शवयात्रा, हाट-बाजार, अस्पताल जा रहे मरीजों, स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों और चुनाव या सुरक्षा ड्यूटी में लगे कर्मचारियों पर लागू नहीं होंगे। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने मतदाताओं से अपील की है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से मतदान करें और चुनाव संबंधी निर्देशों का पालन करें। बिहार विधान परिषद के 006-कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के द्विवार्षिक चुनाव को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। 23 अक्टूबर को जिले के 13 मतदान केंद्रों पर 11,498 स्नातक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। मतदान को निष्पक्ष, पारदर्शी और भयमुक्त माहौल में संपन्न कराने के लिए 16 माइक्रो ऑब्जर्वर और 13 पेट्रोलिंग पार्टियों की तैनाती की गई है। सभी मतदान केंद्रों पर दो-दो वीडियोग्राफर भी रहेंगे। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के लिए मतदान के दिन निषेधाज्ञा लागू रहेगी। इसे लेकर सहरसा के प्रेक्षागृह में मतदान और पुलिस पदाधिकारियों की संयुक्त ब्रीफिंग हुई। जिलाधिकारी-सह-जिला निर्वाचन पदाधिकारी दीपेश कुमार ने कहा कि सभी मजिस्ट्रेट और पीठासीन पदाधिकारियों को निर्वाचन आयोग के निर्देशों की जानकारी दे दी गई है। जिला प्रशासन शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है। हर गतिविधि पर रहेगी नजर, वीडियोग्राफी से निगरानी मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रशासन ने विशेष व्यवस्था की है। जिले के सभी 13 मतदान केंद्रों पर दो-दो वीडियोग्राफर तैनात किए गए हैं। वहीं, मतदान की निगरानी के लिए 16 माइक्रो ऑब्जर्वर और सुरक्षा व व्यवस्था पर नजर रखने के लिए 13 पेट्रोलिंग पार्टियां लगाई गई हैं। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य मतदान के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकना है। पर्याप्त पुलिस बल तैनात, असामाजिक तत्वों पर नजर पुलिस अधीक्षक विक्रम सिहाग ने बताया कि चुनाव को लेकर दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जा चुके हैं। निर्वाचन आयोग के मानकों के अनुरूप सभी मतदान केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट है। असामाजिक तत्वों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। मतदान केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में प्रतिबंध मतदान के दिन विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला दंडाधिकारी दीपेश कुमार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की है। इसके तहत मतदान केंद्रों के आसपास भीड़ जुटाने और निजी वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। प्रमुख प्रतिबंध इस प्रकार हैं: भीड़ जुटाने पर रोक: मतदान केंद्र के बाहर पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एक साथ एकत्रित होने पर पाबंदी रहेगी। 200 मीटर का दायरा प्रतिबंधित: मतदान केंद्र की बाहरी बैरिकेडिंग से 200 मीटर की परिधि में भीड़ या मजमा लगाने पर रोक रहेगी। इस दायरे में निजी वाहनों का प्रवेश भी प्रतिबंधित रहेगा। हथियार लेकर चलने पर रोक: आग्नेयास्त्र, तीर-धनुष, लाठी-भाला, गंडासा या शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले अन्य हथियार लेकर चलने और उनका प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं होगी। आदेश में निर्धारित अपवादों के तहत धार्मिक कारणों से कृपाण धारण करने वाले सिखों, खुखरी रखने वाले नेपाली नागरिकों और ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को छूट रहेगी। सभा-जुलूस और लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध: मतदान के दिन सभा, जुलूस, धरना-प्रदर्शन और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर रोक रहेगी। चुनाव प्रचार मतदान समाप्ति से 48 घंटे पहले ही बंद हो चुका है। सौहार्द बिगाड़ने वाली गतिविधियों पर रोक: सामाजिक, राजनीतिक, जातीय या सांप्रदायिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले भाषण या प्रदर्शन नहीं किए जा सकेंगे। आवश्यक सेवाओं और चुनाव ड्यूटी वालों को छूट प्रशासन के अनुसार, निषेधाज्ञा के प्रावधान बारात, शवयात्रा, हाट-बाजार, अस्पताल जा रहे मरीजों, स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों और चुनाव या सुरक्षा ड्यूटी में लगे कर्मचारियों पर लागू नहीं होंगे। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने मतदाताओं से अपील की है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से मतदान करें और चुनाव संबंधी निर्देशों का पालन करें।

