Kolkata Stampede: कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ की घटना पर पश्चिम बंगाल के सीएम सुवेंदु अधिकारी ने बयान दिया है। उन्होंने बताया कि मामले में 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। हादसे की जांच के लिए मौजूदा जज के नेतृत्व में SIT गठित करने की तैयारी है। वहीं, 25 घायलों में से 2 ICU में भर्ती हैं।
Kolkata Durga Puja Pandal Stampede: पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ की घटना के बाद राज्य सरकार ने जांच तेज कर दी है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के प्रावधानों के तहत छह लोगों को गिरफ्तार कर पुलिस हिरासत में रखा गया है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि हादसे में घायल 25 लोगों में से दो अब भी ICU में हैं, जबकि बाकी 23 घायलों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
घायलों की स्थिति पर मुख्यमंत्री ने दी जानकारी
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि राज्यपाल और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि वह मुख्य सचिव, पुलिस आयुक्त, गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक (DGP) और अन्य अधिकारियों के साथ पूरे घटनाक्रम पर व्यक्तिगत रूप से नजर रख रहे हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, पूरी राज्य सरकार राहत और जरूरी व्यवस्थाओं में जुटी हुई है।
‘दूसरों पर आरोप लगाने के बजाय जांच पर ध्यान’
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि सरकार इस समय किसी तरह का जश्न नहीं मना रही है और न ही सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रेस के सामने आकर दूसरों पर आरोप लगाने के बजाय स्थिति की निगरानी और कार्रवाई पर ध्यान दे रही है।
मौजूदा जज के नेतृत्व में SIT बनाने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि घटना की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की तैयारी है, जिसका नेतृत्व हाईकोर्ट के मौजूदा न्यायाधीश करेंगे। इसके लिए मुख्य सचिव कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखेंगे। मुख्यमंत्री के अनुसार, अनुमति मिलने पर जल्द से जल्द SIT का गठन किया जाएगा।
भगदड़ में 19 लोगों की मौत
कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार को भारी भीड़ के बीच भगदड़ मच गई थी। इस हादसे में 19 लोगों की मौत हुई और 25 लोग घायल हो गए। घटना के बाद पुलिस ने आयोजकों और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की है। अब मामले में गिरफ्तार लोगों की भूमिका, भीड़ प्रबंधन में हुई संभावित चूक और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। प्रस्तावित SIT के गठन और जांच की दिशा पर आगे की कार्रवाई निर्भर करेगी।

