पानीपत की विभिन्न जिला एवं सत्र अदालतों ने न्यायिक प्रक्रियाओं की अवहेलना करने और बार-बार समन व उद्घोषणा जारी होने के बावजूद कोर्ट में पेश न होने वाले 5 आरोपियों के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया। अदालतों ने अलग-अलग मामलों की सुनवाई करते हुए इन सभी को भगोड़ा घोषित कर दिया है। इसके साथ ही संबंधित थाना प्रभारियों (SHO) को आदेश दिए हैं कि अदालती आदेशों की नाफरमानी करने पर इन भगोड़ों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के तहत एक और नया मुकदमा दर्ज किया जाए। मामला 1 व 2: आरोपी नवाब और रोहित कुमार भगोड़ा घोषित, प्रॉपर्टी का नहीं मिला रिकॉर्ड केस 1. हरियाणा राज्य बनाम नवाब के मामले में आरोपी लंबे समय से गैर-हाजिर चल रहा था। अदालत ने नोट किया कि उद्घोषणा जारी होने के बाद 30 दिनों की अनिवार्य वैधानिक अवधि बीत चुकी है, लेकिन आरोपी जानबूझकर कोर्ट से भाग रहा है। लिहाजा कोर्ट ने नवाब को भगोड़ा घोषित कर दिया। संबंधित एसएचओ से मिली रिपोर्ट और तहसीलदार की रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी नवाब के नाम कोई संपत्ति पंजीकृत नहीं पाई गई। बता दें कि इसी केस में एक अन्य आरोपी ध्रुव की कार्यवाही 19.04.2025 को ही ड्रॉप की जा चुकी है। केस 2. हरियाणा राज्य बनाम रोहित कुमार के मामले में भी आरोपी तय तारीखों पर पेश नहीं हुआ। अदालत ने शाम 4 बजे तक इंतजार करने के बाद 30 दिनों की अवधि बीत जाने पर रोहित कुमार को भगोड़ा घोषित कर दिया। नवाब की तरह रोहित की भी कोई संपत्ति तहसीलदार रिकॉर्ड में नहीं मिली। केस 3. महिला विंग केस में समीर और मीनाक्षी उद्घोषित अपराधी, जमानतदार को मोहलत महिला थाना पानीपत में दर्ज एफआईआर के तहत राज्य बनाम समीर आदि मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी मीनाक्षी और समीर कोर्ट से नदारद रहे। सुबह से दोपहर 12 बजे तक इंतजार करने के बाद अदालत ने पाया कि Cr.P.C. की धारा 82 के तहत जारी की गई 30 दिनों की अनिवार्य मियाद पूरी हो चुकी है। कोर्ट ने दोनों को भगोड़ा घोषित किया। इसी दौरान कोर्ट में उनके जमानतदार जोगिंदर सिंह ने पेश होकर आरोपी समीर को अदालत के सामने पेश करने के लिए कुछ समय की मोहलत मांगी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार करते हुए उसे अगली तारीख पर आरोपी को पेश करने के लिए पाबंद किया है। मामला 4: शांति नगर निवासी अंशुल भी घोषित हुआ भगोड़ा, रोहतक के जेल वारंट जारी राज्य बनाम अंशुल आदि मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) के अवकाश पर होने के कारण फाइल लिंक कोर्ट के समक्ष पेश हुई। मॉडल टाउन थाना क्षेत्र के शांति नगर के खिलाफ 30 अक्टूबर 2025 को उद्घोषणा प्रक्रिया शुरू की गई थी, जो 5 फरवरी 2026 को प्रभावी हुई। बार-बार आवाज लगाने के बाद भी दोपहर 3:30 बजे तक अंशुल कोर्ट में नहीं आया। कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित करते हुए एसएचओ को धारा 209 BNS के तहत मुकदमा दर्ज करने को कहा। इसी केस से जुड़े एक अन्य आरोपी रोहित के संदर्भ में अदालत में अर्जी दी गई कि वह फिलहाल तहसील कैंप थाने के एक अन्य मामले में पानीपत जिला जेल में बंद है, जिसके लिए कोर्ट ने आवश्यक प्रोडक्शन वारंट जारी किए हैं।


