कैमूर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट कार्यालय में भू-अर्जन विभाग की समीक्षा बैठक हुई। इसमें भारतमाला परियोजना और राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) 219 के भू-अर्जन के काम की प्रगति जांची गई। जिलाधिकारी ने जमीन के बदले किसानों और जमीन मालिकों को दिए जाने वाले मुआवजे की स्थिति जांची। उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि मुआवजा भुगतान में देरी नहीं होगी। बुनियादी ढांचे को मजबूत करना जरूरी – DM लंबित मामलों को तुरंत निपटाकर किसानों के बैंक खातों में सीधे और पारदर्शी तरीके से पैसे ट्रांसफर किए जाएं, ताकि विकास के काम न रुकें। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जमीन के मालिकाना हक और कागजात से जुड़े छोटे विवादों को आपसी तालमेल से जल्द सुलझाया जाए। अदालत में लंबित मामलों को भी जल्द निपटाने पर जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि जिले के विकास के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करना जरूरी है। इसलिए इन जनहित की परियोजनाओं को सबसे पहले पूरा किया जाए। बैठक में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, NHAI और कार्यदायी एजेंसियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। कैमूर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट कार्यालय में भू-अर्जन विभाग की समीक्षा बैठक हुई। इसमें भारतमाला परियोजना और राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) 219 के भू-अर्जन के काम की प्रगति जांची गई। जिलाधिकारी ने जमीन के बदले किसानों और जमीन मालिकों को दिए जाने वाले मुआवजे की स्थिति जांची। उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि मुआवजा भुगतान में देरी नहीं होगी। बुनियादी ढांचे को मजबूत करना जरूरी – DM लंबित मामलों को तुरंत निपटाकर किसानों के बैंक खातों में सीधे और पारदर्शी तरीके से पैसे ट्रांसफर किए जाएं, ताकि विकास के काम न रुकें। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जमीन के मालिकाना हक और कागजात से जुड़े छोटे विवादों को आपसी तालमेल से जल्द सुलझाया जाए। अदालत में लंबित मामलों को भी जल्द निपटाने पर जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि जिले के विकास के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करना जरूरी है। इसलिए इन जनहित की परियोजनाओं को सबसे पहले पूरा किया जाए। बैठक में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, NHAI और कार्यदायी एजेंसियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

