कैमूर पंचायत भवन निर्माण में धांधली पर DM सख्त:LAEO अभियंता से 48 घंटे में जवाब मांगा, ठेकेदार का भुगतान रोका

कैमूर पंचायत भवन निर्माण में धांधली पर DM सख्त:LAEO अभियंता से 48 घंटे में जवाब मांगा, ठेकेदार का भुगतान रोका

कैमूर की ग्राम पंचायत कैथी में नवनिर्मित पंचायत सरकार भवन के निर्माण में लापरवाही और घटिया सामग्री के इस्तेमाल पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी ने निर्माण एजेंसी स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन (LAEO), भभुआ के कार्यपालक अभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी कर 48 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। इसके साथ ही ठेकेदार का भुगतान भी रोक दिया गया है। भभुआ के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) की जांच रिपोर्ट (पत्रांक 1074) में यह खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, 12 मई 2026 को हस्तांतरित किए गए इस भवन की दीवारों में कुछ ही महीनों के भीतर गंभीर दरारें आ गई हैं। प्रथम दृष्टया यह सामने आया है कि निर्माण कार्य में तकनीकी मानकों और प्राक्कलन की अनदेखी की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कई कड़े निर्देश जारी किए हैं। संवेदक (ठेकेदार) की सुरक्षा राशि और सभी बकायों के भुगतान पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। इसके अतिरिक्त, तकनीकी जांच के बाद दोष दायित्व अवधि (DLP) के तहत दीवारों की गुणवत्तापूर्ण मरम्मत संवेदक के खर्च पर कराने के आदेश दिए गए हैं। कार्यपालक अभियंता से 48 घंटे में लिखित जवाब मांगा गया है। यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो उनके खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि सरकारी योजनाओं और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और जनता के पैसे का दुरुपयोग करने वाले अधिकारियों व संवेदकों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। कैमूर की ग्राम पंचायत कैथी में नवनिर्मित पंचायत सरकार भवन के निर्माण में लापरवाही और घटिया सामग्री के इस्तेमाल पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी ने निर्माण एजेंसी स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन (LAEO), भभुआ के कार्यपालक अभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी कर 48 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। इसके साथ ही ठेकेदार का भुगतान भी रोक दिया गया है। भभुआ के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) की जांच रिपोर्ट (पत्रांक 1074) में यह खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, 12 मई 2026 को हस्तांतरित किए गए इस भवन की दीवारों में कुछ ही महीनों के भीतर गंभीर दरारें आ गई हैं। प्रथम दृष्टया यह सामने आया है कि निर्माण कार्य में तकनीकी मानकों और प्राक्कलन की अनदेखी की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कई कड़े निर्देश जारी किए हैं। संवेदक (ठेकेदार) की सुरक्षा राशि और सभी बकायों के भुगतान पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। इसके अतिरिक्त, तकनीकी जांच के बाद दोष दायित्व अवधि (DLP) के तहत दीवारों की गुणवत्तापूर्ण मरम्मत संवेदक के खर्च पर कराने के आदेश दिए गए हैं। कार्यपालक अभियंता से 48 घंटे में लिखित जवाब मांगा गया है। यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो उनके खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि सरकारी योजनाओं और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और जनता के पैसे का दुरुपयोग करने वाले अधिकारियों व संवेदकों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।  

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