‘कुमारस्वामी खुद अपनी छवि खराब कर रहे’, प्रियंक खरगे का तंज; RSS की फंडिंग पर भी उठाए सवाल

‘कुमारस्वामी खुद अपनी छवि खराब कर रहे’, प्रियंक खरगे का तंज; RSS की फंडिंग पर भी उठाए सवाल

बेंगलूरु। कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खरगे ने एचडी कुमारस्वामी के उस आरोप पर पलटवार किया है, जिसमें उन्होंने डीके शिवकुमार पर सिद्धारमैया के खिलाफ स्टिंग ऑपरेशन कराने का आरोप लगाया था। प्रियंक खरगे ने कहा कि कुमारस्वामी ने खुद को जरूरत से ज्यादा अहम समझ लिया है। उनकी छवि खराब करने के लिए 600 करोड़ रुपए खर्च करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि वह खुद ही ऐसा कर रहे हैं।

खरगे ने कहा कि स्टिंग ऑपरेशन के लिए खुद कुमारस्वामी ने लोगों को भेजा था। उन्होंने कहा कि कुमारस्वामी के तीन करीबी सहयोगी, जिन्हें उन्होंने अपना दायां और बायां हाथ बताया, नोटिस मिलने के बाद से फरार हैं। वे लोग ही उनकी साख खराब करने के लिए काफी। खरगे ने सवाल उठाया कि वे इतने दिनों से फरार क्यों हैं। उनके पास छिपने की कोई जगह नहीं हैं, इसलिए उन्हें लगता है कि मुझे व्यक्तिगत रूप से निशाना वे बच निकलेंगे। उन्होंने कहा कि मामले की जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हो रही है।

RSS ने कुमारस्वामी को सौंपी है जिम्मेदारी

प्रियंक खरगे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस ने यह काम कुमारस्वामी को सौंपा है। संघ को लगता है कि भाजपा का राज्य नेतृत्व उन्हें संभालने में सक्षम नहीं है, इसलिए अब कुमारस्वामी को आजमाया जा रहा है। हालांकि, खरगे ने कहा कि कुमारस्वामी भी उनका सामना नहीं कर पाएंगे।

राहुल गांधी के बरी होने पर बोले- राजनीतिक मकसद से दर्ज हुए मामले

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 2018 के मानहानि मामले में बरी होने पर भी प्रियंक खरगे ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ कई मामले राजनीतिक मकसद से दर्ज किए गए हैं। खरगे ने कहा कि सावरकर के पोते ने भी एक मामला दर्ज कराया था। उन्होंने कहा कि बाद में उस मामले को आगे नहीं बढ़ाने के लिए क्यों कहा गया। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि सच्चाई सामने आ रही थी। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं के खिलाफ जितने अधिक मामले दर्ज किए जाएंगे, RSS उतना ही बेनकाब होगा।

RSS पर फंडिंग का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की आरएसएस को लेकर की गई टिप्पणी पर प्रियंक खरगे ने कहा कि इस समय में संघ देश के लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि RSS अपनी शाखाओं और संस्थानों के संचालन के लिए फंड जुटा रहे है, लेकिन वे यह बताने इस इनकार करते हैं कि पैसा कहां से आ रहा है।

प्रियंक खरगे ने कहा कि देशभर के 10 करोड़ परिवारों तक पहुंचने के अभियान के लिए आरएसएस को फंड कहां से मिल रहा है। उन्होंने कहा कि नियमों का पालन करके और संविधान के प्रति प्रतिबद्धता दिखाकर उदाहरण पेश करना चाहिए। खरगे ने विजयादशमी पर RSS के पथ संचलन का जिक्र करते हुए यह भी सवाल उठाया कि क्या किसी प्रमुख नेता के बच्चों को इसमें हिस्सा लेते देखा गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *