बागपत में किसान नेता प्रदीप धामा की पत्नी सुंदर देवी की मौत के मामले में सीएमएस अनुराग वार्ष्णेय, डॉ. विक्रांत चौबे और फार्मासिस्ट मोहित त्यागी के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। करीब 11 महीने पहले सांप के काटने के बाद अस्पताल में सुंदर देवी की मौत हो गई थी। परिवार ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया था। मामले की जांच के लिए बनी कमेटी ने भी गलत इलाज की पुष्टि की थी। मुकदमा दर्ज होने के बाद शनिवार शाम डॉक्टरों की बैठक हुई। इसमें सीएमएस यशवीर सिंह समेत कई डॉक्टर मौजूद रहे। बैठक में मामले को लेकर किसान संगठन के पदाधिकारियों और प्रदीप धामा से बातचीत कर समाधान निकालने पर चर्चा हुई। डिप्टी सीएमओ डॉ. यशवीर सिंह और चिकित्सा संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. विजय के नेतृत्व में डॉक्टरों का प्रतिनिधिमंडल किसान संगठन के पदाधिकारियों और प्रदीप धामा से मुलाकात करेगा। अस्वस्थ होने के कारण नहीं मिले प्रदीप धामा डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदीप धामा से मिलने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने अस्वस्थता के कारण मुलाकात से मना कर दिया। अब प्रतिनिधिमंडल दो-तीन दिन बाद दोबारा प्रदीप धामा और किसान संगठन के पदाधिकारियों से बातचीत करेगा। दोनों पक्षों के बीच बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की कोशिश की जाएगी। किसान बोले- न्याय मिलने तक जारी रहेगी लड़ाई किसानों का कहना है कि न्याय मिलने तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी। किसान नेता प्रदीप धामा ने कहा कि संगठन के कार्यकर्ता और पदाधिकारी के साथ परिवार के लोग भी मामले में बातचीत करेंगे। बातचीत के बाद जो निर्णय लिया जाएगा, उसे सभी मिलकर स्वीकार करेंगे।

