किशनगंज में एसपी संतोष कुमार के पदभार संभालने के बाद पुलिसिंग का अंदाज बदला है। 10 जनवरी से अब तक 8 थानाध्यक्षों समेत 24 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। वहीं, दो अवर निरीक्षकों के खिलाफ FIR दर्ज हुई है। 38 पुलिसकर्मियों का वेतन रोका गया, जबकि 9 से अधिक पुलिसकर्मियों पर विभागीय कार्रवाई की गई है। दूसरी ओर, बेहतर काम करने वाले पुलिसकर्मियों को प्रोत्साहित करने की नीति भी अपनाई गई है। 200 से अधिक पुलिसकर्मियों को कुल 1,21,650 रुपये का नकद इनाम दिया गया है। इनमें सब-इंस्पेक्टर, सहायक अवर निरीक्षक, पीटीसी जवान और 86 सिपाही शामिल हैं। लापरवाही पर थानेदारों पर भी कार्रवाई कार्रवाई की जद में थानाध्यक्ष भी आए हैं। किशनगंज सदर थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष अभिषेक रंजन को आय से अधिक संपत्ति के मामले में निलंबित किया गया। पौआखाली थानाध्यक्ष पर काम में ढिलाई बरतने के आरोप में कार्रवाई हुई। इसके अलावा अन्य थानाध्यक्षों पर भी अलग-अलग मामलों में विभागीय कार्रवाई की गई है। लंबित मामलों की समीक्षा, अनुसंधान में तेजी एसपी की रणनीति का फोकस लंबित मामलों की त्वरित समीक्षा और अनुसंधान में तेजी लाने पर भी है। लापरवाह पुलिसकर्मियों को हटाकर अनुभवी और जवाबदेह अधिकारियों को जिम्मेदारी दी जा रही है। इसका उद्देश्य थानों की कार्यप्रणाली में सुधार के साथ अपराध नियंत्रण को मजबूत करना है। अच्छा काम करने वालों को इनाम एसपी संतोष कुमार ने स्पष्ट किया है कि पुलिसिंग में अनुशासन के साथ बेहतर प्रदर्शन को भी महत्व दिया जाएगा। इसी नीति के तहत 200 से अधिक पुलिसकर्मियों को नकद पुरस्कार दिया गया। पुलिसकर्मियों में यह संदेश देने की कोशिश है कि अच्छा काम करने पर विभाग उसका सम्मान भी करेगा। ‘लापरवाही बर्दाश्त नहीं, अच्छा काम प्रोत्साहित होगा’ एसपी संतोष कुमार ने कहा कि अपराध नियंत्रण, बेहतर पुलिसिंग और सख्त अनुशासन उनकी प्राथमिकता है। काम में लापरवाही किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी, जबकि अच्छा काम करने वाले पुलिसकर्मियों को हमेशा प्रोत्साहित किया जाएगा। पुलिस की इस दोहरी रणनीति का मकसद आम लोगों का भरोसा बढ़ाना और अपराधियों में पुलिस का खौफ कायम करना है। किशनगंज में एसपी संतोष कुमार के पदभार संभालने के बाद पुलिसिंग का अंदाज बदला है। 10 जनवरी से अब तक 8 थानाध्यक्षों समेत 24 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। वहीं, दो अवर निरीक्षकों के खिलाफ FIR दर्ज हुई है। 38 पुलिसकर्मियों का वेतन रोका गया, जबकि 9 से अधिक पुलिसकर्मियों पर विभागीय कार्रवाई की गई है। दूसरी ओर, बेहतर काम करने वाले पुलिसकर्मियों को प्रोत्साहित करने की नीति भी अपनाई गई है। 200 से अधिक पुलिसकर्मियों को कुल 1,21,650 रुपये का नकद इनाम दिया गया है। इनमें सब-इंस्पेक्टर, सहायक अवर निरीक्षक, पीटीसी जवान और 86 सिपाही शामिल हैं। लापरवाही पर थानेदारों पर भी कार्रवाई कार्रवाई की जद में थानाध्यक्ष भी आए हैं। किशनगंज सदर थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष अभिषेक रंजन को आय से अधिक संपत्ति के मामले में निलंबित किया गया। पौआखाली थानाध्यक्ष पर काम में ढिलाई बरतने के आरोप में कार्रवाई हुई। इसके अलावा अन्य थानाध्यक्षों पर भी अलग-अलग मामलों में विभागीय कार्रवाई की गई है। लंबित मामलों की समीक्षा, अनुसंधान में तेजी एसपी की रणनीति का फोकस लंबित मामलों की त्वरित समीक्षा और अनुसंधान में तेजी लाने पर भी है। लापरवाह पुलिसकर्मियों को हटाकर अनुभवी और जवाबदेह अधिकारियों को जिम्मेदारी दी जा रही है। इसका उद्देश्य थानों की कार्यप्रणाली में सुधार के साथ अपराध नियंत्रण को मजबूत करना है। अच्छा काम करने वालों को इनाम एसपी संतोष कुमार ने स्पष्ट किया है कि पुलिसिंग में अनुशासन के साथ बेहतर प्रदर्शन को भी महत्व दिया जाएगा। इसी नीति के तहत 200 से अधिक पुलिसकर्मियों को नकद पुरस्कार दिया गया। पुलिसकर्मियों में यह संदेश देने की कोशिश है कि अच्छा काम करने पर विभाग उसका सम्मान भी करेगा। ‘लापरवाही बर्दाश्त नहीं, अच्छा काम प्रोत्साहित होगा’ एसपी संतोष कुमार ने कहा कि अपराध नियंत्रण, बेहतर पुलिसिंग और सख्त अनुशासन उनकी प्राथमिकता है। काम में लापरवाही किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी, जबकि अच्छा काम करने वाले पुलिसकर्मियों को हमेशा प्रोत्साहित किया जाएगा। पुलिस की इस दोहरी रणनीति का मकसद आम लोगों का भरोसा बढ़ाना और अपराधियों में पुलिस का खौफ कायम करना है।

