किशनगंज के थिरानी धर्मशाला मंदिर में सावन की तीसरी सोमवारी पर अमरनाथ धाम की तर्ज पर बर्फ का शिवलिंग स्थापित किया गया। 3 फीट से अधिक ऊंचे और एक क्विंटल से ज्यादा वजन वाले इस हिम शिवलिंग के दर्शन के लिए सोमवार सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मंदिर परिसर में जुटने लगी। मंदिर में ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का दर्शन और जलाभिषेक कर सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। देखें, मौके से आई तस्वीरें… हर साल हिम शिवलिंग तैयार किया जाता मंदिर समिति से जुड़े मदन ने बताया कि सावन की तीसरी सोमवारी पर बर्फ का शिवलिंग स्थापित करने की परंपरा करीब 25 वर्षों से चली आ रही है। हर साल विशेष रूप से हिम शिवलिंग तैयार किया जाता है, ताकि स्थानीय श्रद्धालुओं को अमरनाथ के हिम शिवलिंग जैसा आध्यात्मिक अनुभव मिल सके। श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र उन्होंने बताया कि इस वर्ष शिवलिंग बनाने में एक क्विंटल से अधिक बर्फ का इस्तेमाल किया गया है और इसकी ऊंचाई तीन फीट से अधिक है। मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह मुख्य आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। अब तक एक हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं और देर शाम तक भक्तों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है। ग्रामीण क्षेत्रों से भी पहुंचे श्रद्धालु सावन माह में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है। इसी आस्था के चलते किशनगंज शहर के अलावा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु थिरानी धर्मशाला मंदिर पहुंचे। मंदिर परिसर में भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्वयंसेवकों को तैनात किया गया है। जलाभिषेक से मनोकामनाएं पूर्ण होती-श्रद्धालु श्रद्धालुओं का मानना है कि सावन की सोमवारी पर भगवान शिव की पूजा-अर्चना और जलाभिषेक करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसी आस्था के साथ भक्तों ने हिम शिवलिंग के दर्शन कर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद लिया। किशनगंज के थिरानी धर्मशाला मंदिर में सावन की तीसरी सोमवारी पर अमरनाथ धाम की तर्ज पर बर्फ का शिवलिंग स्थापित किया गया। 3 फीट से अधिक ऊंचे और एक क्विंटल से ज्यादा वजन वाले इस हिम शिवलिंग के दर्शन के लिए सोमवार सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मंदिर परिसर में जुटने लगी। मंदिर में ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का दर्शन और जलाभिषेक कर सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। देखें, मौके से आई तस्वीरें… हर साल हिम शिवलिंग तैयार किया जाता मंदिर समिति से जुड़े मदन ने बताया कि सावन की तीसरी सोमवारी पर बर्फ का शिवलिंग स्थापित करने की परंपरा करीब 25 वर्षों से चली आ रही है। हर साल विशेष रूप से हिम शिवलिंग तैयार किया जाता है, ताकि स्थानीय श्रद्धालुओं को अमरनाथ के हिम शिवलिंग जैसा आध्यात्मिक अनुभव मिल सके। श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र उन्होंने बताया कि इस वर्ष शिवलिंग बनाने में एक क्विंटल से अधिक बर्फ का इस्तेमाल किया गया है और इसकी ऊंचाई तीन फीट से अधिक है। मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह मुख्य आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। अब तक एक हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं और देर शाम तक भक्तों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है। ग्रामीण क्षेत्रों से भी पहुंचे श्रद्धालु सावन माह में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है। इसी आस्था के चलते किशनगंज शहर के अलावा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु थिरानी धर्मशाला मंदिर पहुंचे। मंदिर परिसर में भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्वयंसेवकों को तैनात किया गया है। जलाभिषेक से मनोकामनाएं पूर्ण होती-श्रद्धालु श्रद्धालुओं का मानना है कि सावन की सोमवारी पर भगवान शिव की पूजा-अर्चना और जलाभिषेक करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसी आस्था के साथ भक्तों ने हिम शिवलिंग के दर्शन कर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद लिया।

