किशनगंज में माल गोदाम की धूल से यात्रियों को परेशानी:सांसद जावेद आजाद बोले- रैक प्वाइंट शहर से बाहर बने, सदन में उठाएंगे मुद्दा

किशनगंज में माल गोदाम की धूल से यात्रियों को परेशानी:सांसद जावेद आजाद बोले- रैक प्वाइंट शहर से बाहर बने, सदन में उठाएंगे मुद्दा

नॉर्थ ईस्ट का मुख्य द्वार कहे जाने वाले किशनगंज रेलवे स्टेशन के माल गोदाम में सीमेंट और खाद की ढुलाई को लेकर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं। माल गोदाम में लगातार सीमेंट और खाद की रैक पहुंचने तथा लोडिंग-अनलोडिंग के दौरान उड़ने वाली धूल से यात्रियों और आसपास के लोगों को परेशानी होने की बात सामने आई है। धूल नियंत्रण के लिए कार्रवाई की मांग स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रशासन से धूल नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। स्थानीय लोगों के अनुसार, मालगाड़ियों से सीमेंट और खाद उतारने के दौरान धूल उड़ती है, जो हवा के साथ आसपास फैलती है। इससे प्लेटफॉर्म पर ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्रियों और आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोगों ने आशंका जताई कि लंबे समय तक धूल के संपर्क में रहने से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। वहीं इस मामले में किशनगंज के सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद आजाद ने भी रेलवे रैक प्वाइंट को शहर से बाहर स्थानांतरित करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर पहले भी प्रयास किए गए हैं, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है। अधिकारियों को भेजकर जमीन की जानकारी ली सांसद ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली थी कि उनके सवाल उठाने पर मंत्रालय की ओर से अधिकारियों को भेजकर जमीन की उपलब्धता की जानकारी ली गई थी। उनके अनुसार, जिले में रेलवे रैक प्वाइंट के लिए आवश्यक जमीन की कमी बताई गई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सड़क परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण किया जा सकता है, तो रेलवे डिपो या रैक प्वाइंट के लिए भी जमीन अधिग्रहण की संभावना पर विचार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस बार सदन में जमीन अधिग्रहण का मुद्दा उठाएंगे और मांग करेंगे कि जमीन अधिग्रहित कर नियमानुसार मुआवजा दिया जाए। असम से लेकर कन्याकुमारी तक जाने के लिए ट्रेनें उपलब्ध सांसद के मुताबिक, किशनगंज रेलवे स्टेशन का महत्व काफी अधिक है। यहां से असम से लेकर दिल्ली, मुंबई, पंजाब, कश्मीर और कन्याकुमारी तक जाने के लिए ट्रेनें उपलब्ध हैं। इसके बावजूद स्टेशन पर अपेक्षित सुविधाओं और प्लेटफॉर्म के विकास की जरूरत बनी हुई है।स्थानीय निवासी कृपा कुमार ने भी माल गोदाम से उड़ने वाली धूल पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रशासन से मौके की जांच कराने, प्रदूषण के स्तर का आकलन करने और सीमेंट व खाद की ढुलाई के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराने की मांग की है। फिलहाल, माल गोदाम में धूल नियंत्रण की व्यवस्था और रेलवे रैक प्वाइंट को शहर से बाहर स्थानांतरित करने की मांग है। नॉर्थ ईस्ट का मुख्य द्वार कहे जाने वाले किशनगंज रेलवे स्टेशन के माल गोदाम में सीमेंट और खाद की ढुलाई को लेकर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं। माल गोदाम में लगातार सीमेंट और खाद की रैक पहुंचने तथा लोडिंग-अनलोडिंग के दौरान उड़ने वाली धूल से यात्रियों और आसपास के लोगों को परेशानी होने की बात सामने आई है। धूल नियंत्रण के लिए कार्रवाई की मांग स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रशासन से धूल नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। स्थानीय लोगों के अनुसार, मालगाड़ियों से सीमेंट और खाद उतारने के दौरान धूल उड़ती है, जो हवा के साथ आसपास फैलती है। इससे प्लेटफॉर्म पर ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्रियों और आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोगों ने आशंका जताई कि लंबे समय तक धूल के संपर्क में रहने से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। वहीं इस मामले में किशनगंज के सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद आजाद ने भी रेलवे रैक प्वाइंट को शहर से बाहर स्थानांतरित करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर पहले भी प्रयास किए गए हैं, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है। अधिकारियों को भेजकर जमीन की जानकारी ली सांसद ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली थी कि उनके सवाल उठाने पर मंत्रालय की ओर से अधिकारियों को भेजकर जमीन की उपलब्धता की जानकारी ली गई थी। उनके अनुसार, जिले में रेलवे रैक प्वाइंट के लिए आवश्यक जमीन की कमी बताई गई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सड़क परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण किया जा सकता है, तो रेलवे डिपो या रैक प्वाइंट के लिए भी जमीन अधिग्रहण की संभावना पर विचार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस बार सदन में जमीन अधिग्रहण का मुद्दा उठाएंगे और मांग करेंगे कि जमीन अधिग्रहित कर नियमानुसार मुआवजा दिया जाए। असम से लेकर कन्याकुमारी तक जाने के लिए ट्रेनें उपलब्ध सांसद के मुताबिक, किशनगंज रेलवे स्टेशन का महत्व काफी अधिक है। यहां से असम से लेकर दिल्ली, मुंबई, पंजाब, कश्मीर और कन्याकुमारी तक जाने के लिए ट्रेनें उपलब्ध हैं। इसके बावजूद स्टेशन पर अपेक्षित सुविधाओं और प्लेटफॉर्म के विकास की जरूरत बनी हुई है।स्थानीय निवासी कृपा कुमार ने भी माल गोदाम से उड़ने वाली धूल पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रशासन से मौके की जांच कराने, प्रदूषण के स्तर का आकलन करने और सीमेंट व खाद की ढुलाई के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराने की मांग की है। फिलहाल, माल गोदाम में धूल नियंत्रण की व्यवस्था और रेलवे रैक प्वाइंट को शहर से बाहर स्थानांतरित करने की मांग है।  

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