किशनगंज में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को न्यायालय परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार, किशनगंज के तत्वावधान में हुआ। इसमें न्यायिक पदाधिकारियों और न्यायालय कर्मियों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए पौधे लगाए। कार्यक्रम का नेतृत्व नवपदस्थापित प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार, किशनगंज नम्रता तिवारी ने किया। उन्होंने न्यायालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए वृक्षारोपण अत्यंत आवश्यक है। पेड़-पौधे मानव जीवन के लिए अमूल्य – न्यायाधीश न्यायाधीश नम्रता तिवारी ने बताया कि पेड़-पौधे मानव जीवन के लिए अमूल्य हैं। वे न केवल हमें शुद्ध ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, बल्कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने जोर दिया कि आज लगाए गए पौधे आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अमूल्य धरोहर साबित होंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि हम आज पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक नहीं हुए तो भविष्य में इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि विश्व पर्यावरण दिवस केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने और निभाने का अवसर है। लोगों को जागरूक करने का संकल्प भी लिया नम्रता तिवारी ने समाज के हर वर्ग से पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान न्यायालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। उपस्थित अधिकारियों और कर्मियों ने पौधों की नियमित देखभाल करने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने का संकल्प भी लिया। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया। न्यायालय परिसर में लगाए गए ये पौधे आने वाले वर्षों में हरियाली बढ़ाने के साथ-साथ स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। किशनगंज में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को न्यायालय परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार, किशनगंज के तत्वावधान में हुआ। इसमें न्यायिक पदाधिकारियों और न्यायालय कर्मियों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए पौधे लगाए। कार्यक्रम का नेतृत्व नवपदस्थापित प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार, किशनगंज नम्रता तिवारी ने किया। उन्होंने न्यायालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए वृक्षारोपण अत्यंत आवश्यक है। पेड़-पौधे मानव जीवन के लिए अमूल्य – न्यायाधीश न्यायाधीश नम्रता तिवारी ने बताया कि पेड़-पौधे मानव जीवन के लिए अमूल्य हैं। वे न केवल हमें शुद्ध ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, बल्कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने जोर दिया कि आज लगाए गए पौधे आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अमूल्य धरोहर साबित होंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि हम आज पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक नहीं हुए तो भविष्य में इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि विश्व पर्यावरण दिवस केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने और निभाने का अवसर है। लोगों को जागरूक करने का संकल्प भी लिया नम्रता तिवारी ने समाज के हर वर्ग से पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान न्यायालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। उपस्थित अधिकारियों और कर्मियों ने पौधों की नियमित देखभाल करने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने का संकल्प भी लिया। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया। न्यायालय परिसर में लगाए गए ये पौधे आने वाले वर्षों में हरियाली बढ़ाने के साथ-साथ स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।


