कानपुर में श्यामनगर स्थित 37वीं वाहिनी पीएसी के सेनानायक बीबी चौरसिया (आईपीएस) ने मंगलवार शाम 6 बजे आयोजित फाइनेंसियल एंड साइबर अवेयरनेस प्रोग्राम में लोगों को जागरूक किया। उन्होंने कहा बदलते डिजिटल दौर में वित्तीय लेन-देन जितना आसान हुआ है, साइबर ठगी का खतरा भी उतना ही बढ़ा है। ऐसे में सतर्कता और जागरूकता ही साइबर फ्रॉड से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। 37वीं वाहिनी पीएसी में सेनानायक के निर्देशन और गरिमामयी उपस्थिति में वित्तीय एवं साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में RRA Corporation, नवी मुंबई के प्रतिनिधि राहुल रामावध आर और उनकी टीम ने पीएसी कर्मियों व उनके परिवारों को वित्तीय लेन-देन की सुरक्षा, साइबर ठगी से बचाव, नॉमिनी जोड़ने, आरबीआई की नीतियों, सिक्योरिटीज मार्केट और सुरक्षित निवेश के तरीकों की जानकारी दी। विशेष सत्र में साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे ठगी के नए तरीकों के प्रति कर्मचारियों को सचेत किया गया। साथ ही डिजिटल माध्यम से लेन-देन करते समय बरती जाने वाली सावधानियों और वित्तीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं को समझाया गया। अधिकारियों ने बताया कि जागरूकता केवल कर्मचारी तक सीमित न रहकर उनके परिवारों तक पहुंचना भी जरूरी है, ताकि पूरा परिवार वित्तीय धोखाधड़ी से सुरक्षित रह सके। सेनानायक बीबी चौरसिया ने कहा कि साइबर फ्रॉड आज बड़ी चुनौती है और इससे बचने के लिए हर व्यक्ति को सतर्क व जागरूक रहना जरूरी है। कार्यक्रम के अंत में सेनानायक ने RRA Corporation के प्रतिनिधि राहुल रामावध आर और उनकी टीम को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर आभार व्यक्त किया। इस दौरान सहायक सेनानायक शैलेंद्र कुमार बाजपेई (डीवाईएसपी), सहायक सेनानायक सुधाकर मिश्र (डीवाईएसपी), शिविरपाल चंद्रेश्वर, दलनायक ब्रजकिशोर साहू, दलनायक अरविंद कुमार, सूबेदार सैन्य सहायक रवेंद्र सिंह चौधरी, SQM शिवांशु द्विवेदी समेत अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

