फिरोजाबाद में पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष धर्म सिंह यादव ने नगर निगम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने श्रम कानूनों के पालन, 103 हटाए गए ट्यूबवेल ऑपरेटरों को वापस लेने और विकास कार्यों के लिए आए धन की जांच की मांग की है। शनिवार को यादव गांधी पार्क में धरने पर बैठ गए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पत्र भी लिखा है। यादव का आरोप है कि नगर निगम संविदा कर्मियों से जुड़े मामलों में श्रम कानूनों का उल्लंघन कर रहा है। उन्होंने 103 ट्यूबवेल ऑपरेटरों को कथित तौर पर अवैध रूप से हटाए जाने का मुद्दा उठाया है। यादव ने इन ऑपरेटरों को तत्काल ड्यूटी पर वापस लेने और उनके बकाया वेतन का भुगतान करने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने श्रम कार्यालय में पंजीकरण और नगर निगम के जन सूचना अधिकारी से मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराने की भी मांग की है। यादव ने स्मार्ट सिटी, नमामि गंगे और अन्य योजनाओं के तहत नगर निगम को मिले धन के उपयोग की जांच की मांग की है। उनके अनुसार, सड़कों, नालों और गलियों की मरम्मत तथा अन्य विकास कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई, जिससे जलभराव की समस्या बनी हुई है। उन्होंने ट्यूबवेल ऑपरेटरों से संबंधित भुगतान और नगर निगम व जल निगम से धन लेने के आरोपों की भी जांच कराने की मांग की है। साथ ही, गलियों की मरम्मत के लिए आई लगभग 10 करोड़ रुपये की धनराशि की पूर्व में हुई जांच के परिणाम को सार्वजनिक करने की भी मांग की गई है। धर्म सिंह यादव ने वर्ष 2000 से अब तक नगर निगम में विकास कार्यों के लिए प्राप्त हुई धनराशि की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे।

