बक्सर में इटाढ़ी रेलवे क्रॉसिंग खोलने और क्षतिग्रस्त रेल ओवर ब्रिज की मरम्मत की मांग को लेकर शुक्रवार को हुए रेल चक्का जाम के दौरान पुलिस ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय सहित कई कांग्रेस नेताओं और संयुक्त संघर्ष समिति के आंदोलनकारियों को हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने हिरासत में लिए गए सभी नेताओं और आंदोलनकारियों की तत्काल रिहाई की मांग की है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. स्नेहाशीष वर्धन ने एक बयान जारी कर कहा कि इटाढ़ी रेलवे गुमटी खोलने और क्षतिग्रस्त रेल ओवर ब्रिज की मरम्मत की मांग पिछले तीन महीनों से लोकतांत्रिक तरीके से उठाई जा रही है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल दानापुर मंडल रेल प्रबंधक से मिलकर भी इस समस्या से अवगत करा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि लाखों लोगों की रोजमर्रा की परेशानी के बावजूद प्रशासन और रेल विभाग उदासीन बने हुए हैं। उद्घाटन के बाद ओवर ब्रिज हुआ क्षतिग्रस्त डॉ. वर्धन ने आगे कहा कि उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद रेल ओवर ब्रिज क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके कारण रेलवे गुमटी बंद है। इससे शहर के एक बड़े हिस्से का संपर्क प्रभावित हुआ है। गुमटी के उस पार स्थित स्कूलों, कॉलेजों, गांवों और बाजारों तक पहुंचने में छात्रों, कर्मचारियों, व्यापारियों और आम नागरिकों को प्रतिदिन भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि जब जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय, वरिष्ठ नेता हरिशंकर त्रिवेदी और संयुक्त संघर्ष समिति के नेता सरोज राजभर सहित अन्य लोगों ने रेल चक्का जाम के माध्यम से जनहित की आवाज उठाई, तो पुलिस ने उन्हें बलपूर्वक हिरासत में ले लिया। कांग्रेस ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताते हुए कहा कि जनसमस्याओं का समाधान करने के बजाय आंदोलनकारियों पर कार्रवाई करना दुर्भाग्यपूर्ण है। आंदोलनकारियों की रिहाई नहीं होने पर करेंगे जन आंदोलन इस बीच, बक्सर के पूर्व विधायक मुन्ना तिवारी ने भी प्रशासन और रेल अधिकारियों को चेतावनी दी है। उन्होंने मांग की कि हिरासत में लिए गए सभी आंदोलनकारियों को तत्काल और बिना शर्त रिहा किया जाए। तिवारी ने कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो जनहित के इस मुद्दे पर पहले से बड़ा जन आंदोलन शुरू किया जाएगा। जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और रेल प्रशासन की होगी। प्रदेश कांग्रेस ने अपनी तीन प्रमुख मांगें दोहराते हुए कहा है कि इटाढ़ी रेलवे गुमटी को तत्काल खोला जाए, क्षतिग्रस्त रेल ओवर ब्रिज की युद्धस्तर पर मरम्मत कराई जाए तथा हिरासत में लिए गए सभी नेताओं और आंदोलनकारियों को बिना शर्त तत्काल रिहा किया जाए। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि मांगों की अनदेखी होने पर आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। बक्सर में इटाढ़ी रेलवे क्रॉसिंग खोलने और क्षतिग्रस्त रेल ओवर ब्रिज की मरम्मत की मांग को लेकर शुक्रवार को हुए रेल चक्का जाम के दौरान पुलिस ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय सहित कई कांग्रेस नेताओं और संयुक्त संघर्ष समिति के आंदोलनकारियों को हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने हिरासत में लिए गए सभी नेताओं और आंदोलनकारियों की तत्काल रिहाई की मांग की है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. स्नेहाशीष वर्धन ने एक बयान जारी कर कहा कि इटाढ़ी रेलवे गुमटी खोलने और क्षतिग्रस्त रेल ओवर ब्रिज की मरम्मत की मांग पिछले तीन महीनों से लोकतांत्रिक तरीके से उठाई जा रही है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल दानापुर मंडल रेल प्रबंधक से मिलकर भी इस समस्या से अवगत करा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि लाखों लोगों की रोजमर्रा की परेशानी के बावजूद प्रशासन और रेल विभाग उदासीन बने हुए हैं। उद्घाटन के बाद ओवर ब्रिज हुआ क्षतिग्रस्त डॉ. वर्धन ने आगे कहा कि उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद रेल ओवर ब्रिज क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके कारण रेलवे गुमटी बंद है। इससे शहर के एक बड़े हिस्से का संपर्क प्रभावित हुआ है। गुमटी के उस पार स्थित स्कूलों, कॉलेजों, गांवों और बाजारों तक पहुंचने में छात्रों, कर्मचारियों, व्यापारियों और आम नागरिकों को प्रतिदिन भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि जब जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय, वरिष्ठ नेता हरिशंकर त्रिवेदी और संयुक्त संघर्ष समिति के नेता सरोज राजभर सहित अन्य लोगों ने रेल चक्का जाम के माध्यम से जनहित की आवाज उठाई, तो पुलिस ने उन्हें बलपूर्वक हिरासत में ले लिया। कांग्रेस ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताते हुए कहा कि जनसमस्याओं का समाधान करने के बजाय आंदोलनकारियों पर कार्रवाई करना दुर्भाग्यपूर्ण है। आंदोलनकारियों की रिहाई नहीं होने पर करेंगे जन आंदोलन इस बीच, बक्सर के पूर्व विधायक मुन्ना तिवारी ने भी प्रशासन और रेल अधिकारियों को चेतावनी दी है। उन्होंने मांग की कि हिरासत में लिए गए सभी आंदोलनकारियों को तत्काल और बिना शर्त रिहा किया जाए। तिवारी ने कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो जनहित के इस मुद्दे पर पहले से बड़ा जन आंदोलन शुरू किया जाएगा। जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और रेल प्रशासन की होगी। प्रदेश कांग्रेस ने अपनी तीन प्रमुख मांगें दोहराते हुए कहा है कि इटाढ़ी रेलवे गुमटी को तत्काल खोला जाए, क्षतिग्रस्त रेल ओवर ब्रिज की युद्धस्तर पर मरम्मत कराई जाए तथा हिरासत में लिए गए सभी नेताओं और आंदोलनकारियों को बिना शर्त तत्काल रिहा किया जाए। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि मांगों की अनदेखी होने पर आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।


