नागौर की कुचेरा नगरपालिका में कांग्रेस के चेयरमैन प्रत्याशी तेजपाल मिर्धा ने अपने निर्वाचित पार्षदों की सुरक्षा को लेकर नागौर एसपी को ज्ञापन सौंपा। मिर्धा ने आरोप लगाया कि शपथ ग्रहण के लिए कुचेरा नगरपालिका पहुंचने के बाद भाजपा से जुड़े कुछ लोगों ने उनके पार्षदों को अपने साथ ले जाने और जान से मारने की कोशिश की। इसके बाद नागौर आते समय उनकी गाड़ियों का पीछा कर टक्कर मारने और हमला करने का प्रयास किया गया। तेजपाल मिर्धा ने बताया कि गुरुवार को वे कांग्रेस से जीते पार्षदों को लेकर कुचेरा नगरपालिका में शपथ ग्रहण के लिए पहुंचे थे। उनका आरोप है कि इसी दौरान नगरपालिका में मौजूद रिटर्निंग अधिकारी ने फोन पर किसी से बात करते हुए कहा कि सभी लोग आ गए हैं। इसके कुछ देर बाद भाजपा के रिछपाल सिंह मिर्धा, विजयपाल मिर्धा और महेंद्र चौधरी के लोगों के वहां पहुंचने का आरोप लगाया। मिर्धा के अनुसार, इन लोगों ने कांग्रेस के निर्वाचित पार्षदों को अपने साथ ले जाने की कोशिश की। स्थिति को देखते हुए वे अपने पार्षदों को लेकर कुचेरा से नागौर की ओर रवाना हो गए। आरोप है कि जुंजाला के पास कुछ गाड़ियों ने उनका पीछा किया और उनकी गाड़ियों को टक्कर मारने की कोशिश की गई। मिर्धा ने अपनी गाड़ियों पर हमला किए जाने का भी आरोप लगाया। वहीं भाजपा नेता रिछपाल मिर्धा ने तेजपाल मिर्धा के आरोपों को निराधार बताया है। कहा कि पीछा करने के आरोप झूठे हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके पास 12 पार्षद हैं और एक निर्दलीय पार्षद भी उनके संपर्क में हैं। ऐसे में बोर्ड बनाने के लिए संख्या पर्याप्त होने का दावा करते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि फिर किसी का पीछा करने की जरूरत ही क्यों होगी। पुलिस ने गाड़ियों को नागौर तक पहुंचाया घटना की सूचना मिलने पर मूंडवा सीओ धर्मवीर जाखड़ पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने कांग्रेस चेयरमैन प्रत्याशी और उनके पार्षदों की तीनों गाड़ियों को सुरक्षा के बीच नागौर तक पहुंचाया। इसके बाद नागौर में तेजपाल मिर्धा की बाइक एजेंसी के बाहर पुलिस का भारी जाब्ता तैनात किया गया। तेजपाल मिर्धा ने कहा कि रिछपाल सिंह मिर्धा और उनके लोग किसी भी हद तक जा सकते हैं। उन्होंने खुद और अपने पार्षदों की जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की है। रिछपाल मिर्धा बोले- आरोप निराधार और झूठे वहीं भाजपा नेता रिछपाल मिर्धा ने कहा- उन्हें पीछा करने या हमला करने के प्रयास की कोई जानकारी नहीं है। अगर हमला करना होता तो कुचेरा में ही किया जा सकता था, क्योंकि शपथ ग्रहण के दौरान करीब एक घंटे तक सभी लोग वहीं मौजूद थे। रिछपाल मिर्धा ने कहा कि पीछा करने के आरोप झूठे हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके पास 12 पार्षद हैं और एक निर्दलीय पार्षद भी उनके संपर्क में है। ऐसे में बोर्ड बनाने के लिए संख्या पर्याप्त होने का दावा करते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि फिर किसी का पीछा करने की जरूरत ही क्यों होगी। पुलिस रिपोर्ट के आधार पर कर रही जांच मूंडवा सीओ धर्मवीर जाखड़ ने बताया कि उनके पास कुचेरा नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन तेजपाल मिर्धा का फोन आया था। उन्होंने जुंजाला के पास कुछ लोगों द्वारा गाड़ियों का पीछा करने और हमला करने की कोशिश की जानकारी दी थी। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और तीनों गाड़ियों को पुलिस सुरक्षा में नागौर स्थित बाइक एजेंसी तक पहुंचाया गया। सीओ ने बताया कि रिपोर्ट के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है। रियांबड़ी में भी कांग्रेस पार्षदों ने लगाए थे आरोप इससे एक दिन पहले रियांबड़ी नगरपालिका में भी कांग्रेस के निर्वाचित पार्षदों ने अजमेर से रियांबड़ी लौटते समय हमला करने के आरोप लगाए थे। कांग्रेस पार्षदों का आरोप था कि भाजपा से जुड़े लोगों ने उनकी गाड़ियों का पीछा किया और उन पर हमला करने की कोशिश की। अब कुचेरा में सामने आए घटनाक्रम के बाद निकाय चुनाव में पार्षदों की सुरक्षा को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो गए हैं।

