नवरात्र के 9 दिनों तक पूजा पंडाल आकर्षण का केंद्र रहे। कहीं पारंपरिक मंदिरों की झलक दिखाई दी, तो कहीं अनूठी थीम और आकर्षक सजावट ने लोगों का ध्यान खींचा। रंग-बिरंगी रोशनी से सजे पंडालों में शाम होते ही श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ जाती थी। अष्टमी से ज्यादा नवमी को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी है। बंगाली पद्धति से कहीं धनुची नाच हुआ तो कहीं पुष्पांजलि अर्पित की गई। पटना सिटी के चैलीटाल में छठ की थीम पर पंडाल का निर्माण किया गया। मधुबनी पेंटिंग से द्वार को सजाया गया। वहीं, कंकड़बाग में गुफानुमा पंडाल बनाया गया, जहां सबसे ऊपर भगवान शिव की प्रतिमा स्थापित की गई। वीडियो देखने के लिए ऊपर करें क्लिक… नवरात्र के 9 दिनों तक पूजा पंडाल आकर्षण का केंद्र रहे। कहीं पारंपरिक मंदिरों की झलक दिखाई दी, तो कहीं अनूठी थीम और आकर्षक सजावट ने लोगों का ध्यान खींचा। रंग-बिरंगी रोशनी से सजे पंडालों में शाम होते ही श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ जाती थी। अष्टमी से ज्यादा नवमी को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी है। बंगाली पद्धति से कहीं धनुची नाच हुआ तो कहीं पुष्पांजलि अर्पित की गई। पटना सिटी के चैलीटाल में छठ की थीम पर पंडाल का निर्माण किया गया। मधुबनी पेंटिंग से द्वार को सजाया गया। वहीं, कंकड़बाग में गुफानुमा पंडाल बनाया गया, जहां सबसे ऊपर भगवान शिव की प्रतिमा स्थापित की गई। वीडियो देखने के लिए ऊपर करें क्लिक…

