कटे होंठ-तालू से पीड़ित 14 बच्चों का होगा मुफ्त इलाज:बेतिया में RBSK ने बढ़ाया मदद का हाथ, सर्जरी के लिए भेजा रक्सौल

कटे होंठ-तालू से पीड़ित 14 बच्चों का होगा मुफ्त इलाज:बेतिया में RBSK ने बढ़ाया मदद का हाथ, सर्जरी के लिए भेजा रक्सौल

पश्चिम चंपारण जिले के 14 बच्चों को निशुल्क सर्जरी के लिए रक्सौल के डंकन हॉस्पिटल भेजा गया है। ये बच्चे कटे होंठ और तालू (क्लेफ्ट लिप एवं पैलेट) की समस्या से पीड़ित थे। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया, ताकि उन्हें जरूरी जांच और मुफ्त ऑपरेशन मिल सके। अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि RBSK के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच होती है। इस दौरान जन्मजात विकृतियों और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान की जाती है। कटे होंठ और तालू से पीड़ित बच्चों को चिन्हित कर उनके इलाज की व्यवस्था की जाती है। जांच के बाद होगा ऑपरेशन उन्होंने आगे बताया कि जांच के बाद योग्य बच्चों को विशेषज्ञ डॉक्टर मुफ्त ऑपरेशन और अन्य जरूरी इलाज देते हैं। इसी कड़ी में इन 14 बच्चों को इलाज के लिए डंकन हॉस्पिटल, रक्सौल भेजा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों को अस्पताल पहुंचाने की पूरी व्यवस्था की। अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी के अनुसार, RBSK का मुख्य मकसद बच्चों में जन्मजात विकृतियों की समय पर पहचान कर सही इलाज देना है। समय पर इलाज मिलने से बच्चों का शारीरिक विकास बेहतर होता है। साथ ही, उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और वे सामान्य जीवन जी पाते हैं। RBSK के जरिए बच्चों के दी जा रही सुविधा स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों में कोई भी जन्मजात विकृति या स्वास्थ्य समस्या दिखने पर उसे नजरअंदाज न करें। तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। RBSK के जरिए योग्य बच्चों को जांच, इलाज और जरूरी ऑपरेशन की सुविधा देने की कोशिश की जा रही है। पश्चिम चंपारण जिले के 14 बच्चों को निशुल्क सर्जरी के लिए रक्सौल के डंकन हॉस्पिटल भेजा गया है। ये बच्चे कटे होंठ और तालू (क्लेफ्ट लिप एवं पैलेट) की समस्या से पीड़ित थे। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया, ताकि उन्हें जरूरी जांच और मुफ्त ऑपरेशन मिल सके। अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि RBSK के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच होती है। इस दौरान जन्मजात विकृतियों और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान की जाती है। कटे होंठ और तालू से पीड़ित बच्चों को चिन्हित कर उनके इलाज की व्यवस्था की जाती है। जांच के बाद होगा ऑपरेशन उन्होंने आगे बताया कि जांच के बाद योग्य बच्चों को विशेषज्ञ डॉक्टर मुफ्त ऑपरेशन और अन्य जरूरी इलाज देते हैं। इसी कड़ी में इन 14 बच्चों को इलाज के लिए डंकन हॉस्पिटल, रक्सौल भेजा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों को अस्पताल पहुंचाने की पूरी व्यवस्था की। अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी के अनुसार, RBSK का मुख्य मकसद बच्चों में जन्मजात विकृतियों की समय पर पहचान कर सही इलाज देना है। समय पर इलाज मिलने से बच्चों का शारीरिक विकास बेहतर होता है। साथ ही, उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और वे सामान्य जीवन जी पाते हैं। RBSK के जरिए बच्चों के दी जा रही सुविधा स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों में कोई भी जन्मजात विकृति या स्वास्थ्य समस्या दिखने पर उसे नजरअंदाज न करें। तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। RBSK के जरिए योग्य बच्चों को जांच, इलाज और जरूरी ऑपरेशन की सुविधा देने की कोशिश की जा रही है।  

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