कटिहार में 17 लाख की लागत से बना शीशमहल पंडाल:पूर्व डिप्टी सीएम और मेयर ने किया उद्घाटन, बंगाली संस्कृति की दिखी झलक

कटिहार में 17 लाख की लागत से बना शीशमहल पंडाल:पूर्व डिप्टी सीएम और मेयर ने किया उद्घाटन, बंगाली संस्कृति की दिखी झलक

कटिहार में दुर्गा पूजा की रौनक बढ़ गई है। शहर के दो नंबर कॉलोनी स्थित सन ऑफ इंडिया क्लब का भव्य शीशमहल पंडाल श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है। 17 लाख की लागत से बने इस पंडाल में बंगाली संस्कृति की झलक दिख रही है। शुक्रवार को पूर्व डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद और मेयर ऊषा देवी अग्रवाल ने फीता काटकर और दीप जलाकर पंडाल का उद्घाटन किया। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, शंख ध्वनि और ढाक की थाप से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। बंगाली समाज के बच्चों ने भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। यह पंडाल पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी स्थित कालागाछी के प्रसिद्ध शीशमहल की तर्ज पर बना है। इसमें हजारों छोटे-बड़े शीशे लगाए गए हैं। रंग-बिरंगी लाइटें पड़ने पर पूरा पंडाल जगमगा उठता है, जिससे यह किसी राजमहल जैसा दिखता है। मौके से आई तस्वारें… सिलीगुड़ी से बुलाए गए थे 20 कारीगर इस भव्य पंडाल को बनाने के लिए सिलीगुड़ी से करीब 20 कारीगर बुलाए गए थे। क्लब की यह दुर्गा पूजा परंपरा 1962 में शुरू हुई थी और इस साल अपने 64वें वर्ष में है। पट खुलने के बाद से ही मां के दर्शन और सेल्फी लेने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी है। महिला श्रद्धालु पंडाल की खूबसूरती और आकर्षक माता की प्रतिमा को देखकर 10 में 10 अंक दे रहे हैं।
पूजा समिति के सदस्यों ने बताया कि सप्तमी से लेकर दशमी तक यहां भव्य आरती, भोग और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। फिलहाल दो नंबर कॉलोनी रोशनी और भक्ति के रंग में रंगी हुई है। शीशमहल की चमक देखने के लिए अब दूर-दूर से लोग कटिहार पहुंच रहे हैं। कटिहार में दुर्गा पूजा की रौनक बढ़ गई है। शहर के दो नंबर कॉलोनी स्थित सन ऑफ इंडिया क्लब का भव्य शीशमहल पंडाल श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है। 17 लाख की लागत से बने इस पंडाल में बंगाली संस्कृति की झलक दिख रही है। शुक्रवार को पूर्व डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद और मेयर ऊषा देवी अग्रवाल ने फीता काटकर और दीप जलाकर पंडाल का उद्घाटन किया। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, शंख ध्वनि और ढाक की थाप से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। बंगाली समाज के बच्चों ने भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। यह पंडाल पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी स्थित कालागाछी के प्रसिद्ध शीशमहल की तर्ज पर बना है। इसमें हजारों छोटे-बड़े शीशे लगाए गए हैं। रंग-बिरंगी लाइटें पड़ने पर पूरा पंडाल जगमगा उठता है, जिससे यह किसी राजमहल जैसा दिखता है। मौके से आई तस्वारें… सिलीगुड़ी से बुलाए गए थे 20 कारीगर इस भव्य पंडाल को बनाने के लिए सिलीगुड़ी से करीब 20 कारीगर बुलाए गए थे। क्लब की यह दुर्गा पूजा परंपरा 1962 में शुरू हुई थी और इस साल अपने 64वें वर्ष में है। पट खुलने के बाद से ही मां के दर्शन और सेल्फी लेने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी है। महिला श्रद्धालु पंडाल की खूबसूरती और आकर्षक माता की प्रतिमा को देखकर 10 में 10 अंक दे रहे हैं।
पूजा समिति के सदस्यों ने बताया कि सप्तमी से लेकर दशमी तक यहां भव्य आरती, भोग और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। फिलहाल दो नंबर कॉलोनी रोशनी और भक्ति के रंग में रंगी हुई है। शीशमहल की चमक देखने के लिए अब दूर-दूर से लोग कटिहार पहुंच रहे हैं।  

​

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *