कटिहार जिले में गंगा-कोसी नदियों का जलस्तर बढ़ने से आई बाढ़ के बीच स्वास्थ्य विभाग ने कमान संभाल ली है। पानी भरने और आने-जाने में दिक्कत के बावजूद मेडिकल टीम बोट एंबुलेंस (नौका एंबुलेंस) के जरिए बाढ़ प्रभावित मुश्किल इलाकों तक पहुंच रही है। यहां लोगों की सेहत की जांच की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें नाव से गांव-गांव जा रही हैं। वे बीमार लोगों की पहचान कर उन्हें मौके पर ही जरूरी इलाज और दवाएं दे रही हैं। इसके साथ ही, पानी से होने वाली बीमारियों जैसे डायरिया, बुखार और त्वचा रोग से बचाव के लिए लोगों को साफ पानी पीने, साफ-सफाई रखने और सेहत से जुड़ी सावधानियां बरतने के लिए जागरूक किया जा रहा है। गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों पर खास नजर बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य विभाग का खास ध्यान गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों और बुजुर्गों पर है। टीमों के दौरे के दौरान गर्भवती महिलाओं की सेहत की जानकारी ली जा रही है। जिन महिलाओं की डिलीवरी का समय करीब है, उन्हें तुरंत सुरक्षित जगह पहुंचाने और जरूरी मेडिकल मदद देने का इंतजाम किया जा रहा है। इससे किसी भी इमरजेंसी से निपटा जा सकेगा। कटिहार जिले में गंगा-कोसी नदियों का जलस्तर बढ़ने से आई बाढ़ के बीच स्वास्थ्य विभाग ने कमान संभाल ली है। पानी भरने और आने-जाने में दिक्कत के बावजूद मेडिकल टीम बोट एंबुलेंस (नौका एंबुलेंस) के जरिए बाढ़ प्रभावित मुश्किल इलाकों तक पहुंच रही है। यहां लोगों की सेहत की जांच की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें नाव से गांव-गांव जा रही हैं। वे बीमार लोगों की पहचान कर उन्हें मौके पर ही जरूरी इलाज और दवाएं दे रही हैं। इसके साथ ही, पानी से होने वाली बीमारियों जैसे डायरिया, बुखार और त्वचा रोग से बचाव के लिए लोगों को साफ पानी पीने, साफ-सफाई रखने और सेहत से जुड़ी सावधानियां बरतने के लिए जागरूक किया जा रहा है। गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों पर खास नजर बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य विभाग का खास ध्यान गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों और बुजुर्गों पर है। टीमों के दौरे के दौरान गर्भवती महिलाओं की सेहत की जानकारी ली जा रही है। जिन महिलाओं की डिलीवरी का समय करीब है, उन्हें तुरंत सुरक्षित जगह पहुंचाने और जरूरी मेडिकल मदद देने का इंतजाम किया जा रहा है। इससे किसी भी इमरजेंसी से निपटा जा सकेगा।

