कचड़ा इकाई घर का शेड क्षतिग्रस्त:परना पंचायत ग्रामीणों ने मरम्मत की मांग किया

कचड़ा इकाई घर का शेड क्षतिग्रस्त:परना पंचायत ग्रामीणों ने मरम्मत की मांग किया

बेगूसराय सदर के परना पंचायत में अपशिष्ट प्रबंधन इकाई का शेड क्षतिग्रस्त हो गया है। 15वें वित्त आयोग की 7 लाख 40 हजार 539 रुपये की अनुमानित लागत से निर्मित इस इकाई का शेड कई महीनों से खराब पड़ा है, जिससे यहां काम करने वाले कर्मियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, कुछ महीने पहले आई तेज आंधी में शेड का चदरा उड़ गया था, जिसके बाद से इसकी मरम्मत नहीं की गई है। शेड की खराब स्थिति के कारण विशेष रूप से बारिश के मौसम में कर्मियों को अधिक दिक्कत होती है। बारिश होने पर उन्हें न केवल काम करने में समस्या आती है, बल्कि एकत्रित कचरे को सुरक्षित रखने में भी परेशानी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए यह इकाई महत्वपूर्ण है, लेकिन शेड क्षतिग्रस्त होने के कारण इसका उचित उपयोग नहीं हो पा रहा है। मरम्मत में हो रही देरी को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। ग्रामीण लगन कुमार, मुकेश कुमार, उत्तम कुमार, रूपेश कुमार और अमन कुमार सहित अन्य निवासियों ने पंचायत की मुखिया ललिता देवी से जल्द से जल्द शेड की मरम्मत कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने जोर देकर कहा कि बरसात के मौसम को देखते हुए इसकी मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर की जानी चाहिए, ताकि कर्मियों को असुविधा न हो और कचरा प्रबंधन का कार्य सुचारू रूप से चलता रहे। अपशिष्ट प्रबंधन इकाई का मुख्य उद्देश्य पंचायत के विभिन्न घरों से निकलने वाले कचरे को एकत्रित कर उसका व्यवस्थित प्रबंधन करना है। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से भी इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और मरम्मत कार्य शुरू कराने की अपील की है। इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी रविशंकर प्रसाद ने बताया कि शेड की मरम्मत के लिए योजना स्वीकृत हो चुकी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मरम्मत का कार्य जल्द ही शुरू कराया जाएगा। बेगूसराय सदर के परना पंचायत में अपशिष्ट प्रबंधन इकाई का शेड क्षतिग्रस्त हो गया है। 15वें वित्त आयोग की 7 लाख 40 हजार 539 रुपये की अनुमानित लागत से निर्मित इस इकाई का शेड कई महीनों से खराब पड़ा है, जिससे यहां काम करने वाले कर्मियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, कुछ महीने पहले आई तेज आंधी में शेड का चदरा उड़ गया था, जिसके बाद से इसकी मरम्मत नहीं की गई है। शेड की खराब स्थिति के कारण विशेष रूप से बारिश के मौसम में कर्मियों को अधिक दिक्कत होती है। बारिश होने पर उन्हें न केवल काम करने में समस्या आती है, बल्कि एकत्रित कचरे को सुरक्षित रखने में भी परेशानी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए यह इकाई महत्वपूर्ण है, लेकिन शेड क्षतिग्रस्त होने के कारण इसका उचित उपयोग नहीं हो पा रहा है। मरम्मत में हो रही देरी को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। ग्रामीण लगन कुमार, मुकेश कुमार, उत्तम कुमार, रूपेश कुमार और अमन कुमार सहित अन्य निवासियों ने पंचायत की मुखिया ललिता देवी से जल्द से जल्द शेड की मरम्मत कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने जोर देकर कहा कि बरसात के मौसम को देखते हुए इसकी मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर की जानी चाहिए, ताकि कर्मियों को असुविधा न हो और कचरा प्रबंधन का कार्य सुचारू रूप से चलता रहे। अपशिष्ट प्रबंधन इकाई का मुख्य उद्देश्य पंचायत के विभिन्न घरों से निकलने वाले कचरे को एकत्रित कर उसका व्यवस्थित प्रबंधन करना है। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से भी इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और मरम्मत कार्य शुरू कराने की अपील की है। इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी रविशंकर प्रसाद ने बताया कि शेड की मरम्मत के लिए योजना स्वीकृत हो चुकी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मरम्मत का कार्य जल्द ही शुरू कराया जाएगा।  

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