कंटेनर में जूते की जगह मिली शराब की बड़ी खेप:मुजफ्फरपुर में 50 लाख की शराब, राजस्थान का ट्रक जब्त, हरियाणा के चालक-खलासी गिरफ्तार

कंटेनर में जूते की जगह मिली शराब की बड़ी खेप:मुजफ्फरपुर में 50 लाख की शराब, राजस्थान का ट्रक जब्त, हरियाणा के चालक-खलासी गिरफ्तार

मुजफ्फरपुर में शराब तस्करों ने पुलिस और उत्पाद विभाग की जांच से बचने के लिए कंटेनर को इस तरह तैयार किया था कि बाहर से देखने पर उसमें किसी दूसरे सामान की ढुलाई होती नजर आए। कंटेनर को चारों तरफ से लॉक कर रखा गया था और पूछताछ में उसमें जूते होने की बात बताई गई। लेकिन मुजफ्फरपुर उत्पाद विभाग की टीम ने जब संदेह के आधार पर कंटेनर की तलाशी ली तो अंदर का नजारा देखकर टीम भी हैरान रह गई। जूते की जगह कंटेनर में पंजाब निर्मित शराब की बड़ी खेप छिपाकर रखी गई थी। उत्पाद विभाग की टीम ने मुजफ्फरपुर-दरभंगा एनएच-57 पर मैठी टोल प्लाजा के पास कार्रवाई करते हुए कंटेनर को जब्त किया है। तलाशी में पंजाब निर्मित शराब के 375 कार्टन बरामद हुए हैं। जब्त शराब की कीमत करीब 40 से 50 लाख रुपए आंकी जा रही है। मौके से कंटेनर चालक और उपचालक को गिरफ्तार किया गया है। दोनों हरियाणा के रहने वाले हैं। टोल से 100 मीटर पहले खड़ा था कंटेनर उत्पाद विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि पंजाब से शराब की बड़ी खेप लेकर एक कंटेनर मुजफ्फरपुर की ओर पहुंचा है। सूचना में बताया गया था कि खेप उत्तर प्रदेश, बलिया, सीवान और छपरा के रास्ते मैठी टोल प्लाजा के पास पहुंची है। इसके बाद उत्पाद विभाग की टीम ने एएसआई रंजन कुमार सिंह और अजीत कुमार समेत अन्य कर्मियों के साथ घेराबंदी की। टीम को कंटेनर टोल प्लाजा से करीब 100 मीटर पहले खड़ा मिला। उत्पाद विभाग के अधिकारी काफी देर तक चालक की गतिविधियों पर नजर रखते रहे। बताया गया कि चालक मोबाइल पर किसी से बातचीत कर रहा था। काफी देर तक कोई व्यक्ति वहां नहीं पहुंचा तो टीम ने कार्रवाई करते हुए चालक और उपचालक को हिरासत में ले लिया। खाली कैरेट और गद्दे के नीचे छिपाई शराब कंटेनर की तलाशी शुरू हुई तो आरोपितों ने उसमें जूते होने की बात कही। लेकिन जांच के दौरान जूते का एक भी कार्टन नहीं मिला। इसके बजाय खाली कैरेट की आड़ में शराब के कार्टन छिपाए गए थे। शराब के कार्टन को खाली कैरेट के नीचे बिछाए गए गद्दे पर रखा गया था। जांच टीम के अनुसार, गद्दा बिछाने का उद्देश्य शराब के कार्टन से आवाज को दबाना था, ताकि कंटेनर की तलाशी के दौरान आसानी से शक न हो। हैंड स्कैनर से बचने के लिए कंटेनर में बदलाव जांच में कंटेनर को लेकर एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। कंटेनर पर राजस्थान का नंबर लगा हुआ था। इसके पिछले हिस्से के दोनों किनारों पर लोहे की मोटी और लंबी चादर लगाई गई थी। उत्पाद विभाग को आशंका है कि कंटेनर में यह बदलाव बॉर्डर पर इस्तेमाल होने वाले हैंड स्कैनर से शराब की खेप को छिपाने के लिए किया गया था। हालांकि, इस पूरे तरीके और कंटेनर में किए गए बदलाव के पीछे किसकी भूमिका थी, इसकी जांच की जा रही है। पंजाब से मुजफ्फरपुर पहुंची थी खेप गिरफ्तार आरोपितों की पहचान हरियाणा निवासी कंटेनर चालक कुलदीप और उपचालक रामचरण के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों के पंजाब से शराब की खेप लेकर मुजफ्फरपुर पहुंचने की जानकारी सामने आई है। उत्पाद विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि शराब की खेप पंजाब में कहां से लोड हुई थी और मुजफ्फरपुर में इसे किसे सौंपना था।
रात में होनी थी शराब की सप्लाई उत्पाद निरीक्षक सह थाना प्रभारी प्रकाश कुमार राम ने बताया कि पूछताछ में यह बात सामने आई है कि शराब की खेप की स्थानीय स्तर पर रात में आपूर्ति की जानी थी। चालक को पूरे दिन कंटेनर को मैठी के पास खड़ा रखने के लिए कहा गया था। इसी वजह से चालक वहां किसी व्यक्ति के पहुंचने का इंतजार कर रहा था। उन्होंने बताया कि मामले में स्थानीय शराब धंधेबाजों के नाम भी सामने आए हैं। उनकी भूमिका और पहचान का सत्यापन किया जा रहा है। शराब की खेप के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की जांच की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क तक पहुंचा जा सके। मुजफ्फरपुर में शराब तस्करों ने पुलिस और उत्पाद विभाग की जांच से बचने के लिए कंटेनर को इस तरह तैयार किया था कि बाहर से देखने पर उसमें किसी दूसरे सामान की ढुलाई होती नजर आए। कंटेनर को चारों तरफ से लॉक कर रखा गया था और पूछताछ में उसमें जूते होने की बात बताई गई। लेकिन मुजफ्फरपुर उत्पाद विभाग की टीम ने जब संदेह के आधार पर कंटेनर की तलाशी ली तो अंदर का नजारा देखकर टीम भी हैरान रह गई। जूते की जगह कंटेनर में पंजाब निर्मित शराब की बड़ी खेप छिपाकर रखी गई थी। उत्पाद विभाग की टीम ने मुजफ्फरपुर-दरभंगा एनएच-57 पर मैठी टोल प्लाजा के पास कार्रवाई करते हुए कंटेनर को जब्त किया है। तलाशी में पंजाब निर्मित शराब के 375 कार्टन बरामद हुए हैं। जब्त शराब की कीमत करीब 40 से 50 लाख रुपए आंकी जा रही है। मौके से कंटेनर चालक और उपचालक को गिरफ्तार किया गया है। दोनों हरियाणा के रहने वाले हैं। टोल से 100 मीटर पहले खड़ा था कंटेनर उत्पाद विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि पंजाब से शराब की बड़ी खेप लेकर एक कंटेनर मुजफ्फरपुर की ओर पहुंचा है। सूचना में बताया गया था कि खेप उत्तर प्रदेश, बलिया, सीवान और छपरा के रास्ते मैठी टोल प्लाजा के पास पहुंची है। इसके बाद उत्पाद विभाग की टीम ने एएसआई रंजन कुमार सिंह और अजीत कुमार समेत अन्य कर्मियों के साथ घेराबंदी की। टीम को कंटेनर टोल प्लाजा से करीब 100 मीटर पहले खड़ा मिला। उत्पाद विभाग के अधिकारी काफी देर तक चालक की गतिविधियों पर नजर रखते रहे। बताया गया कि चालक मोबाइल पर किसी से बातचीत कर रहा था। काफी देर तक कोई व्यक्ति वहां नहीं पहुंचा तो टीम ने कार्रवाई करते हुए चालक और उपचालक को हिरासत में ले लिया। खाली कैरेट और गद्दे के नीचे छिपाई शराब कंटेनर की तलाशी शुरू हुई तो आरोपितों ने उसमें जूते होने की बात कही। लेकिन जांच के दौरान जूते का एक भी कार्टन नहीं मिला। इसके बजाय खाली कैरेट की आड़ में शराब के कार्टन छिपाए गए थे। शराब के कार्टन को खाली कैरेट के नीचे बिछाए गए गद्दे पर रखा गया था। जांच टीम के अनुसार, गद्दा बिछाने का उद्देश्य शराब के कार्टन से आवाज को दबाना था, ताकि कंटेनर की तलाशी के दौरान आसानी से शक न हो। हैंड स्कैनर से बचने के लिए कंटेनर में बदलाव जांच में कंटेनर को लेकर एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। कंटेनर पर राजस्थान का नंबर लगा हुआ था। इसके पिछले हिस्से के दोनों किनारों पर लोहे की मोटी और लंबी चादर लगाई गई थी। उत्पाद विभाग को आशंका है कि कंटेनर में यह बदलाव बॉर्डर पर इस्तेमाल होने वाले हैंड स्कैनर से शराब की खेप को छिपाने के लिए किया गया था। हालांकि, इस पूरे तरीके और कंटेनर में किए गए बदलाव के पीछे किसकी भूमिका थी, इसकी जांच की जा रही है। पंजाब से मुजफ्फरपुर पहुंची थी खेप गिरफ्तार आरोपितों की पहचान हरियाणा निवासी कंटेनर चालक कुलदीप और उपचालक रामचरण के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों के पंजाब से शराब की खेप लेकर मुजफ्फरपुर पहुंचने की जानकारी सामने आई है। उत्पाद विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि शराब की खेप पंजाब में कहां से लोड हुई थी और मुजफ्फरपुर में इसे किसे सौंपना था।
रात में होनी थी शराब की सप्लाई उत्पाद निरीक्षक सह थाना प्रभारी प्रकाश कुमार राम ने बताया कि पूछताछ में यह बात सामने आई है कि शराब की खेप की स्थानीय स्तर पर रात में आपूर्ति की जानी थी। चालक को पूरे दिन कंटेनर को मैठी के पास खड़ा रखने के लिए कहा गया था। इसी वजह से चालक वहां किसी व्यक्ति के पहुंचने का इंतजार कर रहा था। उन्होंने बताया कि मामले में स्थानीय शराब धंधेबाजों के नाम भी सामने आए हैं। उनकी भूमिका और पहचान का सत्यापन किया जा रहा है। शराब की खेप के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की जांच की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क तक पहुंचा जा सके।  

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