औरैया में एक विचित्र पहल सेवा समिति ने यमुना तट पर 170वां सफाई अभियान चलाया। इस दौरान तट पर फैले कूड़े और प्लास्टिक को हटाकर नष्ट किया गया। सफाई अभियान के बाद समिति ने यमुना तट पर बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर चिंता जताई। समिति ने बाढ़ से खराब हुए अंत्येष्टि स्थलों के समतलीकरण और क्षतिग्रस्त निर्माणों की मरम्मत कराने की मांग उठाई। समिति के संस्थापक आनंद नाथ गुप्ता एडवोकेट ने बताया कि यमुना में आई बाढ़ के कारण अंत्येष्टि स्थल गड्ढों में बदल गए हैं। इससे अंतिम संस्कार के लिए आने वाले परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अंत्येष्टि स्थलों की मौजूदा स्थिति को देखते हुए उनका समतलीकरण कराना जरूरी है। राम झरोखा और स्नान कुंड भी क्षतिग्रस्त आनंद नाथ गुप्ता ने बताया कि यमुना तट पर लोगों के बैठने के लिए बनाया गया राम झरोखा और स्नान कुंड भी क्षतिग्रस्त हैं। इससे यहां अप्रिय घटना होने की आशंका बनी रहती है। उनके मुताबिक, औरैया शहर के साथ आसपास के ग्रामीण इलाकों से रोजाना हजारों लोग अंतिम संस्कार के लिए यमुना तट पर पहुंचते हैं। ऐसे में अंत्येष्टि स्थलों और अन्य निर्माणों की मरम्मत जरूरी है। डीएम को सौंपेंगे पांच सूत्रीय मांगपत्र समिति ने यमुना तट की समस्याओं के समाधान के लिए जल्द ही जिलाधिकारी को पांच सूत्रीय मांगपत्र सौंपने का फैसला किया है। इसमें अंत्येष्टि स्थलों के समतलीकरण के साथ क्षतिग्रस्त राम झरोखा और स्नान कुंड की मरम्मत की मांग शामिल होगी। समिति का कहना है कि इन समस्याओं का समाधान होने से अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को राहत मिलेगी और यमुना तट पर सुविधाएं बेहतर हो सकेंगी।

